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कई बार पैसा लोगों की सोच-विचार से लेकर बहुत कुछ बदल देता है. पलामू की एक घटना आपको इंसानियत के बारे में सोचने पर मजबूर कर देगी. बड़ा सवाल तो यही है कि क्या जो बाहर से पति-पत्नी के रूप में दिख रहे हैं वो भीतर से भी एक दूसरे को अपना पार्टनर मानते हैं या फिर अंदर कोई और खिचड़ी पक रही है. कई मामले ऐसे देखने में आए जहां कहीं महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार हैं वहीं कई मामलों में पुरुष भी अपराधी मानसिकता की महिलाओं का शिकार हुए हैं लोगों की हत्या तक करा दी जाती है. ऐसा ही एक मामला झारखंड के पलामू से सामने आय़ा है.
पलामू: झारखंड के पलामू में कुछ दिन पहले 19 सितंबर को बिरजू उरांव नाम के एक शख्स ने अपने बेटे के लापता होने की शिकायत कराई. कुछ दिन बाद 23 सितंबर को एकता जंगल से एक अज्ञात शव मिला. इस शव की पहचान बिरजू ने अपने लापता बेटे पंकज उरांव के रूप में की. अब बिरजू का लापता बेटा तो मिल गया लेकिन, बेटे का शव मिला. बेटा कुछ नहीं बता सकता कि उसके साथ क्या हुआ और किसने क्या किया. अब इस पूरे मामले की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. इस पूरे हत्याकांड की मास्टरमाइंड मृतक की पत्नी ही निकली है. पति की हत्या के लिए उसकी पत्नी ने ही सुपारी दी और पति की हत्या करा दिया.
इस पूरे मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी अनिमा कुमारी सहित 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. पलामू के एसपी ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस पूरे मामले का खुलासा किया है. पुलिस ने बताया कि बिरजू उरांव ने अपने बेटे के लापता होने की शिकायत लेस्लीगंज थाने में दर्ज कराई. पुलिस ने इसकी जांच शुरू की और मारे गए पंकज की पत्नी से पूछताछ की. इस पर पंकज की पत्नी ने बताया कि उसका पति कई लड़कियों से बात करता था और फोन पर उसके बात करने की इस हरकत से उन दोनों के बीच विवाद होता रहता था. पति के हत्या की सुपारी देने वाली अनिमा ने आरोप लगाया कि उसका पति उससे मारपीट करता था और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया.
पति की हत्या की आरोपी पत्नी का कहना है कि उसने पति कि इन्हीं प्रताड़ना से परेशान होकर उसके हत्या की योजना बनाई. पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई कि महिला के ससुर और पति को नेशनल हाईवे में जमीन जाने का मुआवजा मिला था. इसी मुआवजे के पैसे में उसकी पत्नी ने 10 लाख रुपये उसकी हत्या की सुपारी के लिए दे दिए.
बताया गया कि सुपारी की रकम 10 लाख रुपये तेतरी देवी नाम की महिला को दिए गए. इसमें एक और महिला को शामिल किया गया. दोनों ने मिलकर पंकज के हत्या की साजिश रची. इसके लिए उन्होंने पहले महिला के पति पंकज से मोबाइल फोन पर बात करना शुरू किया. इसके बाद एक महिला ने पंकज को मिलने के लिए बुलाया. एक बार विश्वास जीतने के बाद दोबारा फिर बुलाया. पंकज के पहुंचने पर दोनों महिलाएं उसके साथ एकता जंगल की तरफ उसे ले गई जहां दूसरे रास्ते से उन महिलाओं के सहयोगी चार पहिया वाहन से पहुंचे. सभी ने मिलकर यहां पंकज की हत्या गला दबाकर कर दी.