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Sqn Ldr Pallakshi Prasad NEET PG 2026 Topper: कानपुर एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात मेडिकल ऑफिसर स्क्वाड्रन लीडर पल्लाक्षी प्रसाद ने नीट पीजी 2026 में ऑल इंडिया रैंक 2 हासिल की है. उन्होंने नौकरी के साथ नीट पीजी की तैयारी की थी. एएफएमसी पुणे की इस होनहार डॉक्टर ने अपनी मेहनत और स्मार्ट स्टडी से नीट पीजी टॉपर लिस्ट 2026 में जगह बनाई है.
Sqn Ldr Pallakshi Prasad NEET PG 2026: पल्लाक्षी प्रसाद ने नीट पीजी में रैंक 2 हासिल की है
नई दिल्ली (Sqn Ldr Pallakshi Prasad NEET). नीट पीजी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं की लिस्ट में शामिल है. जरा सोचिए कि कोई डॉक्टर दिनभर मिलिट्री हॉस्पिटल की जिम्मेदारियां संभालते हुए नीट पीजी 2026 में दूसरी रैंक हासिल कर ले तो इसे क्या कहेंगे? कानपुर एयरफोर्स स्टेशन पर बतौर मेडिकल ऑफिसर तैनात स्क्वाड्रन लीडर पल्लाक्षी प्रसाद ने यह करिश्मा कर दिखाया है. उन्होंने अपनी मेहनत और पक्के इरादे से साबित कर दिया है कि लगन सच्ची हो तो रास्ते की हर रुकावट छोटी पड़ जाती है.
स्क्वाड्रन लीडर पल्लाक्षी प्रसाद ने नौकरी के साथ नीट पीजी की तैयारी कैसे की?
डॉक्टरों के लिए नीट पीजी की तैयारी किसी जंग से कम नहीं होती. स्क्वाड्रन लीडर पल्लाक्षी प्रसाद के लिए यह सफर और भी चैलेंजिंग था. उन्हें नौकरी की ड्यूटी और मेडिकल जिम्मेदारियों के साथ पढ़ाई करनी थी. उनके पास कोई जादुई फॉर्मूला नहीं था. उन्होंने अपने रूटीन के हिसाब से वर्किंग लाइफ में फिट बैठने वाला सिस्टम बनाया. उन्होंने बार-बार रिवीजन करने, सवाल हल करने और ग्रैंड टेस्ट देने पर फोकस किया. पल्लाक्षी प्रसाद ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनका नाम नीट पीजी 2026 टॉपर लिस्ट में शामिल होगा.
एमबीबीएस के दिनों से मजबूत कर ली थी बेसिक समझ
पल्लाक्षी प्रसाद ने परीक्षा की तैयारी सिर्फ अंतिम महीनों के लिए नहीं छोड़ी थी. उन्होंने MBBS के चौथे साल से ही पढ़ाई की मजबूत नींव रखनी शुरू कर दी थी. उन्होंने एस दास क्लिनिकल सर्जरी मैनुअल और बैली एंड लव जैसी दिग्गज मेडिकल किताबों से कॉन्सेप्ट क्लियर किए थे. उनका मानना है कि नीट पीजी का पैटर्न बदल चुका है. अब सिर्फ रट्टा मारने से काम नहीं चलता, बल्कि हर परिस्थिति को समझकर सही फैसला लेना होता है. मजबूत बेस होने की वजह से उन्हें तैयारी में काफी मदद मिली.
स्मार्ट स्टडी और गलतियों से सीखने का तरीका
पल्लाक्षी प्रसाद शुरुआत में क्वेश्चन बैंक के सारे सवाल हल करने की कोशिश करती थीं. लेकिन जल्द ही उन्हें समझ आ गया कि यह समय की बर्बादी है. इसके बाद उन्होंने स्ट्रैटेजी बदली. ग्रैंड टेस्ट का इस्तेमाल सिर्फ स्कोर देखने के लिए नहीं, बल्कि अपनी कमजोरियां पकड़ने के लिए किया. उन्होंने यह भी समझा कि गलती कहां हो रही है- क्या कोई जानकारी भूली या कॉन्सेप्ट में झोल है. कुछ नंबर से रैंक बदलने वाले इस एग्जाम में गलतियों का ऐसा बारीकी से एनालिसिस करना ही उनकी सफलता की असली कुंजी बनी.
नीट पीजी 2026 के टॉपर डॉ. मोनीश कन्ना आर (Dr. Monish Kanna R) हैं, जिन्होंने 720 में से 641 अंक हासिल करके ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है.