नई दिल्ली (NCC Certificate Benefits). स्कूल-कॉलेज के दिनों में खाकी या ऑलिव ग्रीन वर्दी पहनकर अनुशासन के साथ मार्च करना बच्चों को अलग ही जोश और गर्व से भर देता है. यह जादू नेशनल कैडेट कॉर्प्स यानी एनसीसी (NCC) का है, जो युवाओं के अंदर देशप्रेम, एकता और लीडरशिप की भावना कूट-कूट कर भरने का काम करता है. पढ़ाई के साथ-साथ एनसीसी से जुड़ना किसी रोमांचक सफर से कम नहीं है. इसके जरिए किताबी ज्ञान के अलावा जीवन के असली सबक सीखने को मिलते हैं.
क्या एनसीसी कोई कोर्स है और इसमें क्या करना होता है?
एनसीसी स्कूलों में पढ़ाया जाने वाला कोई कोर्स नहीं है. यह युवाओं के लिए स्वैच्छिक (Voluntary) सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम है. रक्षा मंत्रालय इसका संचालन करता है. एनसीसी में शामिल स्टूडेंट्स को क्लासरूम की पढ़ाई के साथ हफ्ते में कुछ घंटे परेड, ड्रिल, वेपन ट्रेनिंग (हथियार चलाना), मैप रीडिंग, आपदा प्रबंधन और सोशल सर्विस के गुर सिखाए जाते हैं. इसके अलावा एडवेंचर कैंप, ट्रेकिंग और फायरिंग कैंप का हिस्सा बनने का भी शानदार मौका मिलता है.
एनसीसी के कितने सर्टिफिकेट होते हैं?
एनसीसी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद कैडेट्स को उनकी योग्यता और अवधि के आधार पर मुख्य रूप से 3 तरह के सर्टिफिकेट मिलते हैं:
- ए-सर्टिफिकेट: यह स्कूल स्तर पर जूनियर विंग के स्टूडेंट्स को 8वीं से 10वीं कक्षा के दौरान मिलता है.
- बी-सर्टिफिकेट: यह कॉलेज या सीनियर सेकेंडरी स्तर पर शुरुआती 2 सालों की ट्रेनिंग के बाद दिया जाता है.
- सी-सर्टिफिकेट: यह एनसीसी का सबसे उच्च और अहम सर्टिफिकेट है, जो कॉलेज के अंतिम वर्ष में कठिन परीक्षा और कैंप पास करने के बाद मिलता है.
एनसीसी के क्या फायदे हैं?
एनसीसी ट्रेनिंग पूरी करके सर्टिफिकेट हासिल करने का सबसे बड़ा फायदा है कि कई प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी और कॉलेज एडमिशन के दौरान एनसीसी कोटे के तहत विशेष प्राथमिकता या वेटेज मार्क्स देते हैं. इसके अलावा पढ़ाई के दौरान शानदार प्रदर्शन करने वाले और रिपब्लिक डे कैंप (RDC) में हिस्सा लेने वाले होनहार कैडेट्स को सरकार की तरफ से आकर्षक स्कॉलरशिप भी प्रदान की जाती है.