‘सपा का दावा सच हुआ, EC पर हो सख्त एक्शन’, राहुल-अखिलेश के बाद अब डिंपल यादव भी SIR के खिलाफ उतरीं मैदान में

‘सपा का दावा सच हुआ, EC पर हो सख्त एक्शन’, राहुल-अखिलेश के बाद अब डिंपल यादव भी SIR के खिलाफ उतरीं मैदान में


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UP Chunav 2027: यूपी चुनाव 2027 से पहले मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) का मुद्दा फिर से गरमा सकता है. मैनपुरी की सपा सांसद डिंपल यादव ने SIR प्रक्रिया पर चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों से जुड़ी रिपोर्ट पर तीखा हमला बोला है. डिंपल यादव ने कहा कि सपा का धांधली का दावा सच साबित हुआ है और इस लापरवाही के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. जानिए सपा इस मुद्दे को आने वाले दिनों में कैसे भुनाएगी.

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डिंपल यादव ने दे दिया बड़ा बयान.

मैनपुरी. यूपी चुनाव 2027 से सपा को एक बड़ा मुद्दा हाथ लग गया है, जिसे वह आने वाले दिनों में खूब भुनाएगी. मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान सामने आई अनियमितताओं और दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों पर मीडिया रिपोर्ट आने के बाद एसपी ने निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मैनपुरी में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी 2022 से ही जो आरोप लगाती आ रही थी, आज वह सच साबित हो चुका है.. ऐसे में इस मुद्दे पर वह चुप नहीं बैठेंगी. डिंपल यादव ने मांग की है कि वोटर लिस्ट से नाम काटने और हेराफेरी करने के इस पूरे खेल के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त समेत पूरी चुनाव आयोग की टीम और दोषी अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो.

मैनपुरी में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए डिंपल यादव ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए. डिंपल यादव ने कहा, ‘समाजवादी पार्टी शुरुआत से ही यह दावा करती आ रही थी कि वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर धांधली की जा रही है और जानबूझकर सपा समर्थकों के वोट काटे जा रहे हैं.’

हमने 4000 वोटरों के हलफनामे सौंपे थे, पर आयोग रहा खामोश- डिंपल

डिंपल यादव ने आगे कहा, ‘2022 के चुनावों के दौरान निर्वाचन आयोग ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को नोटिस जारी कर हलफनामे जमा करने को कहा था. पार्टी ने इसके जवाब में लगभग 4,000 मतदाताओं के हलफनामे सौंपे थे. लेकिन इसके बाद आयोग की ओर से ईमेल या किसी अन्य माध्यम से कोई जवाब या फॉलो-अप कार्रवाई नहीं हुई.’





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