Double Cleaning Body: नहाते समय एक बार साबुन या बॉडी वॉश लगाना ज्यादातर लोगों की रोज की आदत है, लेकिन अब सोशल मीडिया पर शरीर की डबल क्लींजिंग का ट्रेंड चर्चा में है. इसमें नहाते समय त्वचा को दो चरणों में साफ करने की बात कही जाती है. वजह यह बताई जाती है कि पसीना, धूल, प्रदूषण, सनस्क्रीन और त्वचा पर जमा तेल एक बार में पूरी तरह साफ नहीं होते. ऐसे में कुछ लोग दो बार क्लींजिंग को ज्यादा साफ-सफाई से जोड़कर देख रहे हैं. मगर शरीर को साफ रखने और जरूरत से ज्यादा धोने के बीच एक बारीक फर्क है. हर ट्रेंड हर त्वचा के लिए सही हो, यह जरूरी नहीं. इसलिए समझना जरूरी है कि बॉडी डबल क्लींजिंग आखिर क्या है और इसे रोज करना कितना उचित है.
बॉडी डबल क्लींजिंग क्या है?
डबल क्लींजिंग का मतलब त्वचा को दो चरणों में साफ करना है. यह तरीका मूल रूप से चेहरे की स्किनकेयर रूटीन में ज्यादा लोकप्रिय है. इसमें पहले ऑयल-बेस्ड क्लींजर, क्लींजिंग बाम या माइसेलर वॉटर से मेकअप, सनस्क्रीन और अतिरिक्त तेल हटाया जाता है. इसके बाद पानी आधारित जेंटल क्लींजर से त्वचा साफ की जाती है. अब यही विचार बॉडी केयर में भी इस्तेमाल किया जा रहा है. इसमें पहले शरीर से पसीना, सनस्क्रीन या दिनभर की गंदगी हटाने के लिए क्लींजिंग की जाती है. उसके बाद बॉडी वॉश से दोबारा त्वचा साफ की जाती है. हालांकि शरीर की त्वचा और चेहरे की जरूरत एक जैसी नहीं होती.
क्या नहाते समय दो बार साबुन लगाना जरूरी है?
जरूरी नहीं, अगर कोई व्यक्ति सामान्य दिनचर्या में रहता है और शरीर पर बहुत ज्यादा पसीना, धूल या सनस्क्रीन जमा नहीं होता तो एक बार जेंटल साबुन या बॉडी वॉश से सफाई काफी हो सकती है. मसलन, घर पर रहने वाले व्यक्ति को रोजाना दो बार पूरे शरीर पर साबुन लगाने की जरूरत आमतौर पर नहीं पड़ती. वहीं गर्मी में लंबे समय तक बाहर रहने, ज्यादा पसीना आने या सनस्क्रीन लगाने के बाद कुछ हिस्सों को अच्छी तरह साफ करने की जरूरत महसूस हो सकती है.
यहां एक बात ध्यान देने वाली है. ज्यादा झाग बनने या त्वचा को बार-बार रगड़ने का मतलब यह नहीं है कि त्वचा ज्यादा साफ हो रही है. जरूरत से ज्यादा सफाई त्वचा की सामान्य नमी को प्रभावित कर सकती है.
चेहरे और शरीर की क्लींजिंग में फर्क
चेहरे पर मेकअप, सनस्क्रीन और स्किनकेयर प्रोडक्ट्स की कई परतें हो सकती हैं. इसलिए कुछ लोगों के लिए डबल क्लींजिंग उपयोगी लग सकती है. शरीर पर हर दिन ऐसी ही परतें हों, यह जरूरी नहीं है. अगर आपने पूरे शरीर पर वॉटरप्रूफ सनस्क्रीन लगाया है, जिम या एक्सरसाइज के बाद काफी पसीना आया है या बाहर धूल-धूप में लंबा समय बिताया है तो अच्छी तरह नहाना समझदारी हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर बार पूरे शरीर पर दो बार साबुन लगाना जरूरी है.
ज्यादा क्लींजिंग से हो सकती है परेशानी
त्वचा पर मौजूद प्राकृतिक तेल उसकी नमी बनाए रखने में मदद करते हैं. बार-बार साबुन या मजबूत क्लींजर इस्तेमाल करने से कुछ लोगों की त्वचा ज्यादा रूखी महसूस हो सकती है. नहाने के बाद खिंचाव, रूखापन, खुजली या जलन जैसी परेशानी दिखाई दे तो क्लींजिंग रूटीन पर ध्यान देना चाहिए. खासकर ड्राई या संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को ट्रेंड देखकर अचानक दो बार साबुन लगाने की आदत शुरू करने से बचना चाहिए. ऐसे मामलों में जेंटल क्लींजर का इस्तेमाल और जरूरत के अनुसार मॉइस्चराइजर लगाना ज्यादा अहम हो सकता है.
अगर डबल क्लींजिंग करनी हो तो कैसे करें?
अगर आपको डबल क्लींजिंग की जरूरत महसूस होती है तो दोनों बार तेज साबुन या हार्श बॉडी वॉश लगाने के बजाय पहले सामान्य तरीके से गंदगी और पसीना हटाएं. दूसरी बार जरूरत वाले हिस्सों को ही हल्के क्लींजर से साफ किया जा सकता है. शरीर को जोर से रगड़ने, बहुत गर्म पानी इस्तेमाल करने या लंबे समय तक साबुन लगाए रखने से बचना बेहतर है. नहाने के बाद त्वचा सूखी महसूस हो तो मॉइस्चराइजर लगाया जा सकता है.