जिनके नाम पर खाते खुले, उन्हीं को मिला लाखों के लोन का झटका, पटना में साइबर ठगी का खुलासा

जिनके नाम पर खाते खुले, उन्हीं को मिला लाखों के लोन का झटका, पटना में साइबर ठगी का खुलासा


पटना. न सरकारी योजना का पैसा आया, न कोई फायदा मिला. उल्टे जिन ग्रामीणों के नाम पर बैंक खाते खुले, उन्हीं के सिर लाखों रुपये के लोन का बोझ आ गया. बिहार की राजधानी पटना के ग्रामीण इलाकों में सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर सैकड़ों बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी किए जाने का बड़ा मामला सामने आया है. पुलिस जांच में करीब 500 बैंक खातों के म्यूल अकाउंट के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है. इस मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस को शक है कि इन खातों के जरिए 5 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेनदेन हुआ है.

सरकारी योजना का लालच देकर गांव में लगाया जाता था कैंप

मामला पटना के बाढ़ और पंडारक इलाके से जुड़ा है. ग्रामीणों को सरकारी योजना का लाभ, मुफ्त अनाज, शौचालय निर्माण की राशि और दूसरी सुविधाएं दिलाने का भरोसा देकर कैंप में बुलाया जाता था. इसके बाद उनके नाम पर बैंक खाते और सिम कार्ड खुलवाए जाते थे. पुलिस जांच में पंडारक समेत आसपास के इलाकों में इस तरह के कैंप लगाए जाने की जानकारी सामने आई है.

खाते ग्रामीणों के, लेनदेन साइबर अपराधियों का

पुलिस के मुताबिक, खाते खुलने के बाद उनका इस्तेमाल साइबर अपराध से जुड़ी रकम के लेनदेन के लिए किया जाता था. जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ ग्रामीणों के नाम पर इन खातों के जरिए लाखों रुपये के लोन लिए जाने की शिकायत है. ग्रामीणों को जब अपने नाम पर हुए लेनदेन और लोन की जानकारी मिली तो उन्हें मामले की गंभीरता का पता चला.

महिला गिरफ्तार, दूसरे लोगों की तलाश

पुलिस ने करीब 50 वर्षीय सीता कुमारी को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने दूसरे संदिग्धों और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश शुरू कर दी है. एक अन्य कार्रवाई में पुलिस ने मोबाइल फोन, सिम कार्ड, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और चेकबुक समेत कई सामान बरामद किए हैं.

मुखिया के घर छापेमारी, वॉकी टॉकी और सिम बरामद

पुलिस ने करीब 50 वर्षीय सीता कुमारी को गिरफ्तार किया है. साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार महिला के इशारे पर एक मुखिया के घर से कई मोबाइल फोन, एक वॉकी टॉकी, दर्जनों सिम कार्ड, बैंक चेक बुक, पासबुक और एटीएम कार्ड सहित अन्य सामान बरामद किया है. पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है. पुलिस बैंक की संलिप्तता की भी जांच कर रही है कि बिना सही वेरिफिकेशन के इतने सारे खाते कैसे खुल गए और लोन कैसे पास हो गया.

बैंक खातों की भी हो रही जांच

पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इतने बड़े पैमाने पर खाते किस प्रक्रिया के तहत खोले गए और उनका इस्तेमाल किन साइबर अपराधों में हुआ. संबंधित बैंक शाखाओं और खाते खुलवाने की प्रक्रिया में शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. इससे पहले पटना में इसी तरह के मामलों में सरकारी योजनाओं का लालच देकर ग्रामीणों के खाते खुलवाने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी योजना के नाम पर अपने दस्तावेज, अंगूठा या OTP किसी अनजान को न दें.

बिहार में म्यूल अकाउंट पर पुलिस की नजर

यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब बिहार पुलिस साइबर अपराधियों द्वारा म्यूल खातों के इस्तेमाल के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है. 25 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने राज्य में 3,177 संदिग्ध म्यूल अकाउंट की पहचान की थी और 762 खातों का सत्यापन किया जा चुका था. इस अभियान में 15 प्राथमिकी दर्ज होने और सात साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है.



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