UP Weather | UP aaj ka mausam | imd alert | kanpur weather today

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Aaj Ka Mausam : गर्मी और तेज धूप से परेशान थे तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून एक्टिव हो रहा है. बंगाल की खाड़ी पर बने गहन अवदाब के कारण मानसून की सक्रियता बढ़ गई है. पिछले दो दिन से लखनऊ और आसपास समेत पूर्वी एवं दक्षिणी यूपी के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है. मौसम विभाग के अनुसार, आज अयोध्या, फतेहपुर, बाराबंकी समेत 13 जिलों के लिए तेज बारिश के साथ ही आंधी-तूफान का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. वहीं, करीब 38 शहरों में येलो अलर्ट है. ऐसे में अगर घर से बाहर निकलने की सोच रहे हैं तो पहले अपने शहर का हाल जरूर जान लीजिएगा.

गुरुवार सुबह लखनऊ, गोंडा, जौनपुर समेत 10 शहरों में बारिश हुई. गोंडा में 2 घंटे में 10 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. इसके चलते डीएम ने 8वीं तक के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी. वहीं, दोपहर के बाद से लखनऊ में रात तक बूंदाबांदी हुई. वहीं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, आज कुल 51 जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है. वहीं हवा भी इतनी तेज चल सकती हैं, जैसे मानों तूफान ही आ गया.

यहां के लिए अलर्ट

मौसम विभाग की माने तो बलरामपुर, बाराबंकी, गोंडा, अयोध्या, सुल्तानपुर, रायबरेली, चित्रकूट, बांदा, फतेहपुर समेत 13 जगहों के लिए ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है. यहां बारिश-आंधी और तूफान का कहर देखने को मिल सकता है. वहीं, लखनऊ, उन्नाव, पीलीभीत, खीरी, हरदोई, सीतापुर, कानपुर, फर्रुखाबाद, जालौन, कन्नौज, इटावा, औरेया, झांसी, मिर्जापुर, प्रयागराज, सोनभद्र, गाजीपुर, बस्ती, आजमगढ़, मऊ समेत 38 जिलों के लिए येलो अलर्ट है.

क्यूं लौट रहा मानसून?

लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में दबाव का क्षेत्र बना है. इसका असर यूपी में दिख रहा है. इसके चलते प्रदेश में 3-4 दिनों तक मानसूनी बारिश होगी. इसके बाद पश्चिमी यूपी के रास्ते मानसून लौट जाएगा. इस मानसूनी सीजन में अब तक 680.3 मिमी बारिश हुई है, जो नॉर्मल 726.1 मिमी से 6% कम है. 14 जिलों में बारिश का कोटा आधा भी पूरा नहीं हो पाया है. सबसे कम बारिश देवरिया, कुशीनगर, शामली, गाजियाबाद और कानपुर देहात में हुई है. यहां कोटे से 75% तक कम बारिश हुई है.

अल नीनो हो रहा फिर मजबूत

उत्तर प्रदेश में अभी तक जितनी जरूरत थी, उससे 6% कम बारिश हुई है. मौसम वैज्ञानिक अल-नीनो को इसकी वजह बता रहे हैं. 28 जून को यूपी में मानसून की एंट्री के बाद से ही अल-नीनो का असर बना हुआ है. इससे यूपी कई जिलों में जरूरत से ज्यादा बारिश हुई, जबकि कई में अनुमान से कम बारिश रिकॉर्ड हुई. एक बार फिर अल-नीनो धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है. इस कारण यूपी में मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ने के आसार हैं. अल-नीनो का सबसे बड़ा असर रबी की फसलों पर पड़ने की आशंका है. विशेषज्ञ के मुताबिक, सबसे पहले गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलों की बुआई पर असर पड़ सकता है. अगर सितंबर के आखिर में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो खेतों में नमी कम रह जाएगी. इससे खासकर बुंदेलखंड में रबी की समय पर बुआई मुश्किल हो सकती है.



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