Trump-Xinping Meet : चीन-अमेरिका की डील में बैठे भारत के तीन धुरंधर, एक तो कानपुर से वहां तक पहुंचे

Trump-Xinping Meet : चीन-अमेरिका की डील में बैठे भारत के तीन धुरंधर, एक तो कानपुर से वहां तक पहुंचे


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अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति ने जब दिग्गज कारोबारियों के साथ बैठक शुरू की तो इन बड़े चेहरों में भारत के तीन धुरंधर सीईओ भी शामिल रहे.

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ट्रंप और जिनपिंग की बैठक में तीन भारतीय सीईओ मौजूद रहे.

नई दिल्ली. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस बार जब अमेरिका पहुंचे तो अलग ही नजारा दिखा. पूरी दुनिया को अकड़ दिखाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहली बार प्रोटोकाल तोड़कर खुद उन्हें रिसीव करने पहुंचे. ट्रंप के इस बर्ताव से यह तो क्लीयर हो गया था कि इस बार की बैठक में बर्फ पिघलने वाली है. जाहिर है कि इस बर्फ को पिघलाने के लिए पैसों की गर्मी चाहिए तो दोनों देश के नेताओं की अमेरिका के बड़े कारोबारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक की सबसे खास बात ये रही कि इसमें अमेरिकी कंपनियों सीईओ के साथ भारत के भी तीन धुरंधर मौजूद रहे.

ट्रंप, जिनिपंग और अमेरिकी कंपनियों के सीईओ में भारत के सत्या नडेला, सुंदर पिचाई और संजय मेहरोत्रा भी मौजूद रहे. मेहरोत्रा का सफर तो काफी चुनौतियों और संकल्पों से भरा हुआ है. वे यूपी के कानपुर जैसे छोटे से शहर से निकलकर दिग्गज अमेरिकी कंपनी के सीईओ पद तक पहुंचे हैं. उनके अलावा गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई और माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन सत्या नडेला भी इस बैठक में मौजूद रहे.

सबसे पहले बात करते हैं सुंदर पिचाई की
ट्रंप और जिनपिंग के बीच मुलाकात के दौरान जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हुई, वह गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई की रही. चेन्नई में जन्में पिचाई का चेहरा आज एआई, क्लाउंड कंप्यूटिंग और डिजिटल इन्फ्रा के सबसे प्रभावशाली एग्जीक्यूटिव में शामिल है. उनकी मौजूदगी इसलिए जरूरी थी क्योंकि चीन और अमेरिका के बीच ताजा प्रतिस्पर्धा एआई को लेकर शुरू हुई है. पिचाई ने फरवरी 2026 में भारत में हुए एआई एम्पेक्ट समिट में भी इसके विस्तार की बात कही थी. उनकी अगुवाई में गूगल ने भारत में एआई इन्फ्रा पर 15 अरब डॉलर निवेश करने का भी मन बनाया है. ट्रंप और जिनिपंग के साथ बैठक में उनकी मौजूदगी चीन के साथ एआई और तकनीक पर किसी समझौते तक पहुंचने का भी इशारा कर रही है.

अमेरिका में भरोसे का नाम है सत्या नडेला
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ और चेयरमैन सत्या नडेला को अमेरिका में एक भरोसेमंद चेहरे के रूप में जाना जाता है. एआई और क्लाउड की इस दुनिया में माइक्रोसॉफ्ट की काफी बड़ी भूमिका नजर आ रही है. सत्या नडेला ने 22 साल तक कंपनी के साथ काम किया और पूरे अनुभव के बाद साल 2013 में उन्हें कंपनी का सीईओ बना दिया गया. तब उनकी उम्र महज 46 साल की थी.



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