NIA कोर्ट से अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को घर जाने की इजाजत, 6 यूक्रेनी भी जाएंगे अपने देश, मगर क्या शर्त?

NIA कोर्ट से अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को घर जाने की इजाजत, 6 यूक्रेनी भी जाएंगे अपने देश, मगर क्या शर्त?


म्यांमार ड्रोन ट्रेनिंग कैंप केस कमें एनआई कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है. एनआईए कोर्ट ने गुरुवार को अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को रिहा कर दिया. कोर्ट ने मैथ्यू वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों को एक महीने के लिए घर जाने की इजाजत दी. वे अपने परिवार से मिलने के लिए अमेरिका और यूक्रेन जा सकेंगे. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में स्थित विशेष एनआईए अदालत ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया.  अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक पिछले 6 महीने से जेल में बंद था.

कोर्ट ने इन सातों के पासपोर्ट जारी करने का भी आदेश दिया. अदालत ने कहा कि विदेश यात्रा करने का अधिकार भारत के संविधान के तहत मिले मौलिक अधिकार का ही विस्तार है. एनआईए के विशेष जज प्रशांत शर्मा ने सातों आरोपियों की याचिका मंजूर की. हालांकि, विदेश जाने की अनुमति कुछ शर्तों और जरूरी औपचारिकताओं के साथ दी गई है.

इस तरह मैथ्यू वैनडाइक को अमेरिका जाने की अनुमति मिली है. वहीं छह यूक्रेनी नागरिकों हुर्बा पेट्रो, स्लिवियाक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफांकीव मारियन, होंचारुक मैक्सिम उर्फ मैक्सिम और कामिंस्की विक्टर को यूक्रेन जाने की अनुमति दी गई है. यह अनुमति उनकी संबंधित फ्लाइट में सवार होने की तारीख से एक महीने तक प्रभावी रहेगी.

एक महीने बाद भारत लौटना होगा

एनआई कोर्ट ने अपने फैसले में साफ कहा है कि सभी सातों आरोपियों को एक महीने की अवधि पूरी होने के बाद भारत लौटना होगा. वापस आने के 72 घंटे के भीतर उन्हें अदालत को इसकी जानकारी भी देनी होगी. कोर्ट ने विदेश जाने की अनुमति देते समय कई शर्तें भी लगाई हैं.

NIA जब बुलाए तो जांच में शामिल होना होगा

सातों आरोपियों को निर्देश दिया गया है कि जब भी एनआईए उन्हें जांच में शामिल होने के लिए बुलाए, उन्हें पेश होना होगा. वे जरूरत के मुताबिक व्यक्तिगत रूप से या वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जांच में शामिल हो सकते हैं. सभी आरोपियों को 24 घंटे के भीतर अपना वर्तमान पता, चालू मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी NIA को देनी होगी.

अगर किसी आरोपी के पास अपना चालू मोबाइल नंबर नहीं है तो वह 24 घंटे के भीतर परिवार के किसी सदस्य का नंबर दे सकता है. हालांकि, संबंधित देश पहुंचने के बाद उसे एक सप्ताह के भीतर अपना चालू मोबाइल नंबर NIA को देना होगा. सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि आरोपियों ने जांच एजेंसी के बुलाने पर जांच में शामिल होने की इच्छा जताई है.

NIA ने भी विदेश जाने का विरोध नहीं किया

कोर्ट में एनआईए की ओर से विशेष लोक अभियोजक राहुल त्यागी और वकील अमित रोहिला अदालत में पेश हुए. एनआईए ने बताया कि मामले की आगे की जांच अभी जारी है. हालांकि, फिलहाल इन सातों आरोपियों की तत्काल मौजूदगी जांच के लिए जरूरी नहीं है. एनआईए ने यह भी कहा कि विदेश जाने की अनुमति दिए जाने के बाद आरोपियों से उचित अंडरटेकिंग यानी लिखित आश्वासन लिया जा सकता है.

सातों आरोपियों को मिल चुकी है डिफॉल्ट जमानत

इस मामले में सातों आरोपियों को अदालत से डिफॉल्ट बेल यानी वैधानिक जमानत मिल चुकी है. वे सभी तिहाड़ जेल से रिहा होंगे. मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों ने जांच लंबित रहने के दौरान अपने-अपने देश जाने की अनुमति मांगी थी. अदालत ने उनकी मांग को कुछ शर्तों के साथ मंजूर कर लिया.

वैनडाइक को एक मामले में राहत भी मिली

अलग से अमेरिकी नागरिक वैनडाइक की ओर से वकील रोहित दंडरियाल और रोहित गौर ने इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत लगाए गए कुछ आरोपों से उन्हें मुक्त करने की मांग वाली याचिका दायर की थी. वकीलों ने 18 सितंबर को हुए मामले के निपटारे यानी कंपाउंडिंग का हवाला दिया. अदालत ने इस आवेदन को भी मंजूर कर लिया. सातों आरोपियों को विदेश जाने की अनुमति देने वाला अदालत का आदेश 24 सितंबर को पारित किया गया था.



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