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Nitin Gadkari: E-20 पेट्रोल और इथेनॉल पिछले कुछ दिनों से इन शब्दों को लेकर काफी चर्चा हो रही है. कई लोगों की तरफ से दावा किया गया कि इससे एवरेज कम होता है. ऐसे में सभी ये जानना चाहते हैं कि यह E-20 पेट्रोल आखिर है क्या? अब इसी को लेकर भोपाल में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सब क्लीयर कर दिया है.
नितिन गडकरी ने बताया E-20 का मतलब
Nitin Gadkari: केंद्रीय नितिन गडकरी पहले भी कई मौकों पर इथेनॉल की वकालत कर चुके हैं. उनका मानना है कि इससे किसानों को फायदा होगा और बाहर से हमें पेट्रोल और डीजल इंपोर्ट नहीं करना पड़ेगा. अब भोपाल में वह मुख्यमंत्री परिवहन योजना सेवा के कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने बताया कि E-20 पेट्रोल क्या होता है. गडकरी ने कहा कि हमने पांच मुद्दों का एजेंडा क्लीयर किया है. हम भारत में जो प्रदूषण होता है. वह 40 प्रतिशत प्रदूषण ट्रांसपोर्ट विभाग के कारण होता है. मध्य प्रदेश में जो होता है, उसके लिए माननीय मंत्री जी जिम्मेदार हैं. हमारे देश में 42 लाख करोड़ रुपए का पेट्रोल डीजल इंपोर्ट होता है. मैं वह भाग्यमान हूं कि इलेक्ट्रिक रिक्शा, बस, स्कूटर को चलाया.
क्या होता है E-20 का मतलब?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि E-20 का मतलब है. 20 प्रतिशत पेट्रोल में हम इथेनॉल डालते हैं, जो किसान तैयार करता हैं. मक्के से, राइस स्ट्रा से, कॉटन स्ट्रा से इथनॉल बनता है. वह इथेनॉल पेट्रोल में डालते हैं और उसे E-20 कहते हैं. यह 19 देशों में है. अमेरिका, जर्मनी और जापान जैसे देश इस्तेमाल कर रहे हैं. भारत में 2022 से 4 करोड़ फोर व्हीलर में E-20 पेट्रोल डाला जाता है. जबकि हमें एक रिपोर्ट मिली है कि E-20 से एवरेज बढ़ा है. अब किसान अन्नदाता नहीं, उर्जादाता है.
उन्होंने कहा कि फिर दूसरा यह आया है कि 100 फीसदी इथेनॉल हमने गाड़ी में डाला है, इसे फ्लेक्स इंजन कहा जाता है. गाड़ी में 100 फीसदी इथेनॉल डालने पर जब गाड़ी चलती है, तो उसमें 60 प्रतिशत बिजली पैदा होती है. पेट्रोल की तुलना में उससे एवरेज अधिक मिलता है. तो इसमें 25 रुपए लीटर का भाव होता है.
जब नितिन गडकरी से पत्रकार ने इलेक्ट्रिक बस को लेकर पूछा था सवाल
नितिन गडकरी ने कहा कि फिर तीसरा प्रकार होता है इलेक्ट्रिक का. जब मैंने पहली बार इलेक्ट्रिक बस और कार को झंडी दिखाई, तो एक पत्रकार ने मुझसे पूछा कि जब यह गाड़ी रास्ते में बंद हो जाए, तो धक्का मारने आप आओगे क्या? लेकिन आज तक किसी को कोई दिक्कत नहीं आई है. मैं पास पांच इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर हैं. मैं हाइड्रोजन की गाड़ी में घूमता हूं.
उन्होंने कहा कि अब हम भारत में 10 रूट पर हाईड्रोजन से चलने वाली बसें शुरू करने जा रहे हैं. अब कुछ समय बाद 100 प्रतिशत इथनॉल की गाड़ी आ रही है. अब 22 लाख करोड़ रुपए का पेट्रोल डीजल इंपोर्ट नहीं होगा. प्रदूषण नहीं होगा. किसान का कल्याण होगा. ये 22 लाख करोड़ मध्य प्रदेश के किसान के जेब में जाएंगे.