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Jabalpur To Raipur Expressway: जबलपुर और रायपुर के बीच बनने वाला कॉरिडोर यातायात के लिए एक प्रमुख आर्थिक लाइफलाइन बनने जा रहा है. इससे दोनों शहरों के बीच सफर का टाइम 4 घंटे का रह जाएगा. मध्य प्रदेश के जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला और डिंडौरी जिलों को इससे खूब फायदा होगा. क्योंकि जब यहां जमीन अधिग्रहण होगी, तो यहां व्यापार के नए रास्ते भी खुलेंगे. (फोटो सोर्स-AI)
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच अब कनेक्टिविटी और आसान होने वाली है. अब जबलपुर से रायपुर के बीच 6 लेन एक्सप्रेसवे बनेगा, जिससे दोनों शहरों के बीच रहने वाले लोगों को काफी फायदा होगा. बताया जा रहा है कि यह एक्सप्रेसवे भारत माला प्रोजेक्ट का हिस्सा है और यह रायपुर विशाखापट्टनम कॉरिडोर का हिस्सा है. (फोटो सोर्स-AI)
जबलपुर से रायपुर के बीच दूरी करीब 350 किलोमीटर है. अभी इस दूरी को तय करने में लगभग 6 से 7 घंटे लगते हैं और इस नए 6 लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के बनने से यह सफर घटकर सिर्फ 3.5 से 4 घंटे का रह जाएगा. लोगों की समय की बचत तो होगी और ईंधन भी बचेगा. (फोटो सोर्स-AI)
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों की तरफ से संयुक्त DPR तैयार की जाएगी. अभी भूमि अधिग्रहण प्रोसेस आगे बढ़ाया जा रहा है. इस बात की संभावना जताई जा रही है कि इस एक्सप्रेसवे को सिंहस्थ 2028 से पहले ही पूरा किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को फायदा मिले. बताया जा रहा है कि यह कॉरिडोर भोपाल-जबलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा. (फोटो सोर्स-AI)
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मध्य प्रदेश के जबलपुर से शुरू होकर यह कॉरिडोर मंडला, डिंडौरी, चिल्फीघाटी से गुजरेगा. इसके बाद छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश करेगा. वहां से यह कवर्धा, बेमेतरा और सिमगा होते हुए रायपुर तक पहुंचेगा. इस कॉरिडोर के रास्ते में चिल्फीघाटी जैसे पहाड़ी और तीखे मोड़ों वाले इलाके भी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि इन्हें आधुनिक तकनीकों की मदद से सुगम बनाया जाएगा. वहीं एनिमल अंडरपास और वाइल्डलाइफ क्रॉसिंग भी बनाएं जाएंगे. (फोटो सोर्स-AI)
जबलपुर और रायपुर एक्सप्रेसवे को रायपुर-विशापट्टनम कॉरिडोर का भी हिस्सा है. ऐसे में जबलपुर के लोग भी नए रूट से आंध प्रदेश तक आसानी से पहुंच सकेंगे. बाकी यह भोपाल भी जुड़ने जा रहा है, तो इसी वजह से इस एक्सप्रेसवे को मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की लाइफलाइन माना जा रहा है. (फोटो सोर्स-AI)