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Heroin Seized in Sri Ganganagar: श्रीगंगानगर के हिंदूमलकोट थाना क्षेत्र के गांव 5 सी बड़ी सुजावलपुर में पुलिस ने 1 किलो 530 ग्राम अवैध हेरोइन बरामद की है. खेत से मिले दो पैकेटों में मौजूद इस हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 7.50 करोड़ रुपये आंकी गई है. पुलिस को पाकिस्तानी तस्करों द्वारा ड्रोन के जरिए ड्रग्स गिराए जाने की आशंका है. अज्ञात तस्करों पर एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है. बॉर्डर इलाके अब ड्रग्स तस्करी का मुख्य हब बनते जा रहे हैं, जिस पर रोक के लिए व्यापक सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है.
श्रीगंगानगर में भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में 7.50 करोड़ की हेरोइन बरामद
श्रीगंगानगर. भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा एक बार फिर से मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर सुर्खियों में है. राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की अवैध हेरोइन बरामद की है. हिंदूमलकोट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव 5 सी बड़ी सुजावलपुर में यह कार्रवाई की गई है. खेतों में जहां लहलहाती फसलें होनी चाहिए, वहां अब मादक पदार्थों की खेप मिल रही है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बन गया है. पुलिस और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के चलते तस्करों के मंसूबों पर एक बार फिर पानी फिर गया है.
मिली जानकारी के अनुसार, हिंदूमलकोट थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सीमावर्ती इलाके में मादक पदार्थों की खेप छिपाई गई है. इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने गांव 5 सी बड़ी सुजावलपुर के एक खेत में सर्च ऑपरेशन चलाया. इस सघन तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को खेत से हेरोइन के दो पैकेट मिले. जब इन पैकेटों का वजन किया गया, तो कुल मात्रा 1 किलो 530 ग्राम निकली. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस हेरोइन की कीमत लगभग 7 करोड़ 50 लाख रुपये आंकी जा रही है. इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स का मिलना इस बात का संकेत है कि तस्कर किस स्तर पर इस नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे हैं. पुलिस ने तुरंत हेरोइन को जब्त कर लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
पाकिस्तानी ड्रोन से ड्रॉपिंग की आशंका
जांच एजेंसियों और पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि यह हेरोइन सीमा पार से पाकिस्तानी तस्करों द्वारा भेजी गई है. तस्कर अब घुसपैठ करने के बजाय आधुनिक ड्रोन तकनीक का सहारा ले रहे हैं. रात के अंधेरे में पाकिस्तानी तस्कर भारतीय सीमा के अंदर ड्रोन के माध्यम से ड्रग्स के पैकेट गिरा देते हैं, जिन्हें बाद में भारतीय तस्कर यहां से उठा लेते हैं. पुलिस को शक है कि इस 7.50 करोड़ रुपये की खेप को भी ड्रोन के जरिए ही खेत में ड्रॉप किया गया था. पुलिस ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है. अब पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं ताकि इस नेटवर्क से जुड़े स्थानीय लोगों की जल्द पहचान की जा सके.
ड्रग्स तस्करी का बड़ा हब बनता बॉर्डर इलाका
श्रीगंगानगर, बीकानेर और बाड़मेर जैसे सीमावर्ती जिले पिछले कुछ समय से ड्रग्स तस्करी के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहे हैं. बॉर्डर के दोनों तरफ बैठे तस्करों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये का यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है. खेत-खलिहान अब तस्करी के सेफ जोन बनते जा रहे हैं. पुलिस और बीएसएफ लगातार इन इलाकों में गश्त कर रही है, लेकिन ड्रोन तकनीक ने सुरक्षा बलों के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. इस मामले में भी पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों से पूछताछ कर रही है.
कड़ी सुरक्षा और एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
इस बड़ी बरामदगी के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है. बीएसएफ और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय बढ़ाकर रात की गश्त तेज कर दी गई है. अज्ञात तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस अधीक्षक और अन्य उच्च अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष जांच टीम का गठन किया है. इस टीम का मुख्य उद्देश्य उन स्थानीय संपर्कों को बेनकाब करना है जो पाकिस्तानी तस्करों से इन ड्रग्स को रिसीव करते हैं. युवाओं को नशे की गर्त में धकेलने वाले इस काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.