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Mahakal Bhasma Aarti Darshan 24 September 2026: दुनियाभर से आए श्रद्धालुओं ने आज (24 सितंबर 2026, दिन गुरुवार) भगवान श्री महाकालेश्वर के दिव्य दर्शन लाभ लिए. भक्तों ने बाबा महाकाल से सुख-शांति और समृद्धि की कामना की. पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बाबा की भस्म आरती संपन्न कराई गई. इस शुभ अवसर पर मंदिर परिसर में काफी संख्या में भक्त मौजूद रहे.
उज्जैन. मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर (Shri Mahakaleshwar Bhasmaarti Darshan) में बाबा की भस्म आरती का विशेष स्थान है. इसके दर्शन के लिए देश-दुनिया से श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं. आज (24 सितंबर 2026, दिन गुरुवार) सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खोले गए. पुजारियों द्वारा सबसे पहले वीरभद्र जी को प्रणाम कर स्वस्ति वाचन किया गया. इसके बाद उनकी आज्ञा लेकर चांदी द्वार खोला गया और फिर गर्भगृह के कपाट खोले गए. पुजारियों ने उज्जैन के राजा श्री महाकाल का मनमोहक श्रृंगार उतारकर पंचामृत से पूजन किया. इसके बाद कर्पूर आरती की गई.
कर्पूर आरती के बाद श्री महाकालेश्वर का जलाभिषेक किया गया. दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से बाबा का पूजन-अर्चन किया गया. इस दौरान महाकाल को सिंदूर, भांग, चंदन और आभूषणों से राजा स्वरूप में सजाया गया. भगवान को सूखी मेवा, कई तरह के फलों और मिठाइयों का भोग लगाया गया. इसके बाद ज्योतिर्लिंग पर पवित्र भस्म चढ़ाई गई. श्री महाकालेश्वर को रजत का शेषनाग मुकुट, रुद्राक्ष की माला, रजत की मुंडमाला और सुगंधित फूलों की मालाएं पहनाई गईं. वहीं नंदी हॉल में शिवगण नंदी का स्नान, ध्यान और पूजन किया गया.
महाकाल मंदिर के सुरक्षाकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण
बताते चलें कि महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था के बीच अब सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार को लेकर मंदिर समिति ने बड़ा कदम उठाया है. श्रद्धालुओं के साथ विवाद की घटनाओं और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो के बाद अब 800 सुरक्षाकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. इसमें सॉफ्ट स्किल के साथ भीड़ और कतार प्रबंधन का प्रशिक्षण भी शामिल रहेगा.
विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार
श्री महाकालेश्वर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सकारात्मक दर्शन अनुभव देने के लिए मंदिर प्रबंध समिति ने सुरक्षाकर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया है. कलेक्टर एवं मंदिर समिति अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह और प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक के निर्देश पर ग्राम लेकोडा स्थित अवंतिका यूनिवर्सिटी में यह प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा. विश्वविद्यालय के उपकुलपति नितिन राणा और स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के डीन डॉ प्रोफेसर अजीत उपाध्याय के मार्गदर्शन में सुरक्षाकर्मियों को सॉफ्ट स्किल, श्रद्धालुओं से मधुर एवं सकारात्मक व्यवहार, भीड़ प्रबंधन, कतार व्यवस्था और प्रभावी संवाद का प्रशिक्षण दिया जाएगा.
हर दिन 100 सुरक्षाकर्मियों को ट्रेनिंग
प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षाकर्मियों को यह भी सिखाया जाएगा कि श्रद्धालुओं के साथ संयमित, सहयोगात्मक और संवेदनशील व्यवहार कैसे किया जाए. साथ ही दर्शन व्यवस्था से जुड़ी जानकारी श्रद्धालुओं को सहज तरीके से उपलब्ध कराने के लिए भी उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत हर दिन 100 सुरक्षाकर्मियों को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्रशिक्षण दिया जाएगा. आगामी 8 दिनों में कुल 800 सुरक्षाकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा. मंदिर समिति का उद्देश्य सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना नहीं बल्कि श्रद्धालुओं को सकारात्मक और सुखद वातावरण उपलब्ध कराना है ताकि वे भगवान श्री महाकालेश्वर के सुगम और शांतिपूर्ण दर्शन कर सकें.