Kanpur Lucknow Expressway | कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को जाजमऊ से मिलेगी सीधी राह, NHAI ने नए पुल और 6 KM एलिवेटेड रोड का सर्वे किया शुरू

Kanpur Lucknow Expressway | कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को जाजमऊ से मिलेगी सीधी राह, NHAI ने नए पुल और 6 KM एलिवेटेड रोड का सर्वे किया शुरू


कानपुर: कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद लखनऊ का सफर तेज होने की उम्मीद थी, लेकिन कानपुर शहर से एक्सप्रेसवे तक पहुंचना अभी भी आसान नहीं है. शहर से निकलने वाले वाहनों को पहले जाजमऊ गंगा पुल पार करना पड़ता है और फिर कुछ किलोमीटर आगे जाकर एक्सप्रेसवे का कट मिलता है. जाजमऊ में जाम लगा तो एक्सप्रेसवे की रफ्तार का फायदा भी कम हो जाता है. अब इसी परेशानी को दूर करने की तैयारी शुरू हो गई है. जाजमऊ गंगा पुल से कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे को सीधे जोड़ने के लिए करीब 6 किलोमीटर की नई कनेक्टिविटी तैयार करने की योजना पर काम हो रहा है.

इस कनेक्टिविटी में गंगा पर नए पुल के साथ एलिवेटेड सड़क की संभावना भी देखी जा रही है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने पूरे रूट का तकनीकी सर्वे कराने के लिए कंपनी का चयन कर लिया है. करीब दो महीने तक ट्रैफिक स्टडी, फिजिबिलिटी और दूसरे तकनीकी पहलुओं की जांच की जाएगी. इसके बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार होगी. रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि जाजमऊ से एक्सप्रेसवे तक सड़क किस जगह से और किस डिजाइन में बनाई जाए.

जाजमऊ से सीधे एक्सप्रेसवे तक पहुंचेगा ट्रैफिक

प्रस्तावित कनेक्टिविटी में जाजमऊ गंगा पुल से आगे एलिवेटेड सड़क बनाने की योजना पर विचार किया जा रहा है. इसके लिए गंगा पर नए पुल की जरूरत और उसकी तकनीकी व्यवहार्यता भी जांची जाएगी. करीब 6 किलोमीटर के पूरे हिस्से का सर्वे किया जाएगा. सर्वे के दौरान यह देखा जाएगा कि किस जगह से सड़क निकालने पर ट्रैफिक कम प्रभावित हो और वाहन सीधे एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकें. सड़क की लंबाई और चौड़ाई के साथ पुल की ऊंचाई, जमीन की स्थिति, वाहनों का दबाव और एक्सप्रेसवे से जुड़ने वाली जगह का भी अध्ययन होगा. इसका मकसद जाजमऊ और एक्सप्रेसवे के बीच सीधी कनेक्टिविटी तैयार करना है, ताकि वाहनों को स्थानीय सड़कों के जाम से गुजरकर एक्सप्रेसवे तक न पहुंचना पड़े.

रोज हजारों वाहन, जाजमऊ में धीमी पड़ जाती है रफ्तार

जाजमऊ गंगा पुल पर रोजाना करीब 50 से 80 हजार वाहनों की आवाजाही होती है. वाहनों का दबाव बढ़ने पर यहां रफ्तार धीमी हो जाती है. इसके बाद एक्सप्रेसवे का कट कुछ किलोमीटर आगे होने के कारण वाहन उस हिस्से में भी जाम और धीमे ट्रैफिक का सामना करते हैं. लखनऊ से आने वाले वाहनों को भी इसी तरह की परेशानी होती है. एक्सप्रेसवे से नीचे उतरने के बाद उन्हें जाजमऊ की ओर आना पड़ता है और फिर शहर में प्रवेश करना होता है. ऐसे में एक्सप्रेसवे पर तेज सफर के बाद जाजमऊ के आसपास ट्रैफिक की रफ्तार कम हो जाती है. नई कनेक्टिविटी तैयार होने के बाद जाजमऊ से एक्सप्रेसवे तक पहुंचने वाले वाहनों को राहत मिलने की उम्मीद है. इससे लखनऊ जाने वाले वाहनों का स्थानीय सड़कों पर दबाव भी कम हो सकता है.

कई जिलों से आने वाले वाहनों को मिलेगा फायदा

नई कनेक्टिविटी बनने के बाद कानपुर शहर से लखनऊ जाने वाले वाहन जाजमऊ से सीधे एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे. इसके अलावा प्रयागराज और फतेहपुर की ओर से आने वाले वाहन भी इस रास्ते का इस्तेमाल कर सकेंगे. दिल्ली और इटावा की तरफ से आने वाले वाहन पनकी-भौंती होकर जाजमऊ पहुंचने के बाद एक्सप्रेसवे पकड़ सकेंगे. वहीं उरई, जालौन और झांसी की ओर से आने वाले लोगों के लिए भी लखनऊ जाने का रास्ता आसान हो सकता है.

तो वहीं, दूसरी ओर लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़, उन्नाव और हरदोई से आने वाले वाहन जाजमऊ के रास्ते कानपुर और बुंदेलखंड की तरफ जा सकेंगे. इस तरह नई कनेक्टिविटी से सिर्फ कानपुर-लखनऊ के बीच सफर करने वाले वाहनों को ही नहीं, बल्कि कई दिशाओं से आने वाले ट्रैफिक को भी नया लिंक मिल सकता है.

पहले सर्वे, फिर DPR, इसके बाद तय होगा निर्माण

फिलहाल NHAI की ओर से चयनित कंपनी पूरे रूट का तकनीकी अध्ययन करेगी. इसमें ट्रैफिक का दबाव, सड़क की जरूरत, पुल की स्थिति और निर्माण की व्यवहार्यता देखी जाएगी. इसके बाद DPR तैयार की जाएगी. DPR में यह तय होगा कि जाजमऊ से एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए नया पुल कहां बनाया जाए, एलिवेटेड सड़क कितनी लंबी हो और एक्सप्रेसवे से इसका जुड़ाव किस जगह किया जाए. रिपोर्ट आने के बाद ही आगे निर्माण की प्रक्रिया तय होगी.

अगर प्रस्तावित कनेक्टिविटी जमीन पर उतरती है तो कानपुर शहर से कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का रास्ता सीधा हो जाएगा. अभी जहां एक्सप्रेसवे तक पहुंचने से पहले जाजमऊ के ट्रैफिक से गुजरना पड़ता है, वहीं नई कनेक्टिविटी बनने के बाद शहर से निकलकर सीधे एक्सप्रेसवे तक पहुंचने का रास्ता मिल सकेगा.



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