Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत कब है? यहां पंडित से जानिए पूजन और पारण का सही समय

Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत कब है? यहां पंडित से जानिए पूजन और पारण का सही समय


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Jitiya Vrat 2026 : जितिया व्रत को लेकर दो दिनों के मुहूर्त से माताओं में असमंजस है. मिर्जापुर के विंध्यधाम के आचार्य पं. अनुपम महाराज ने बताया कि 3 अक्टूबर को जितिया पूजन का शुभ समय रहेगा, जबकि 4 अक्टूबर को पारण किया जाएगा. जानिए पूजा और पारण का सही समय.

मिर्जापुर: जितिया का पूजन माताएं अपने पुत्र के दीर्घायु होने को लेकर करती है. इस दिन माताएं धूमधाम के साथ मां जितिया का पूजन करती हैं और पुत्र के सुख समृद्धि को लेकर कामना करती हैं. इस बार जितिया का मुहूर्त दो दिनों तक आ रहा है. ऐसे में कब जितिया पूजन करें, इसको लेकर संशय बना हुआ है. विंध्यधाम के विद्यवान आचार्य पं. अनुपम महाराज ने माताओं के इस भ्रम को दूर किया है और उन्होंने पूजन का समय पारण का समय और विधि बताई है.

विंध्यधाम के विद्यवान आचार्य पं. अनुपम महाराज ने बताया कि जीमूतवाहन राजा से संबंधित यह जितिया का व्रत करने मात्र से पुत्र दीर्घायु एवं जिन माताओं का कोख नहीं भरा है. वह अगर वस्त्र में भीगी खड़ी हो जाती हैं तो मां जितिया उनके सुनी कोख में संतान उत्पत्ति देने का आशीर्वाद दे देती हैं और संतान हो जाता है. जितिया व्रत विद्वानों के मतानुसार सप्तमी उपरांत अष्टमी उत्तम मानी गई है.

ये है उत्तम दिन

पं. अनुपम महराज ने बताया कि इस बार यह आश्विन कृष्ण पक्ष की सप्तमी उपरांत अष्टमी जो 3 अक्टूबर दिन शनिवार को होगा. इस दिन प्रातः काल 9:53 मिनट तक सप्तमी तिथि भोग कर रही है. उसके बाद अष्टमी आ रही है. अष्टमी में जितिया पूजन करने का उत्तम मुहूर्त होता है, क्योंकि अष्टमी, चतुर्दशी, पूर्णिमा और अमावस्या रात्रि में जिस दिन होती हैं, उसी का ज्यादा महत्व विद्वानों के मतानुसार है. इस बार यह अष्टमी क्योंकि इसी दिन महालक्ष्मी का विशेष पूजन भी मध्यरात्रि में किया जाता है, जो कि रात्रि में होता है.

इस समय करें पारण

पं. अनुपम महाराज ने बताया कि इस बार जितिया का पूजन मध्यान में 12:40 से 2:32 मिनट तक है. दूसरा मुहूर्त है पूजन का 3:49 मिनट से सायं काल 7:32 मिनट तक है. जूतिया का पारण 4 अक्टूबर दिन रविवार को प्रातः काल 7:37 मिनट के बाद 9:40 मिनट के मध्य में करना उत्तम होगा और इसका संपूर्ण फल माताओं को मिलेगा और उनके पुत्र दीर्घायु होंगे.



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