Insurance New Rules: IRDAI ला रहा 5 नए नियम, कमीशन, प्रीमियम और डार्क पैटर्न से बदलेगा सिस्टम, बीमा ग्राहकों को मिलेगी बड़ी राहत

Insurance New Rules: IRDAI ला रहा 5 नए नियम, कमीशन, प्रीमियम और डार्क पैटर्न से बदलेगा सिस्टम, बीमा ग्राहकों को मिलेगी बड़ी राहत


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Insurance New Rules: IRDAI ने इंश्योरेंस सेक्टर में कई बदलावों का प्रस्ताव रखा है. इससे ग्राहकों को पॉलिसी की जानकारी आसानी से मिल सकेगी. साथ ही, कंपनियों के खर्च और कमीशन पर सीमा तय करने के साथ हेल्थ, टर्म और मोटर इंश्योरेंस में कमीशन घटाने की बात कही गई है. वहीं, ग्राहक बिना मोबाइल नंबर या ईमेल दिए पॉलिसी का प्रीमियम, फीचर्स और दूसरी जानकारी देख सकेंगे. वेबसाइट्स पर ऐसे ‘डार्क पैटर्न’ पर भी रोक लगाने का प्रपोजल है, जो ग्राहकों से जबरन निजी जानकारी लेते हैं.

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बीमा कंपनियों को प्रोडक्ट की जानकारी आसान भाषा और एक तय फॉर्मेट में देने का प्रस्ताव है.

अगर आप बीमा खरीदने की सोच रहे हैं तो आपके लिए राहत की खबर है.  बीमा रेगुलेटर IRDAI ने इंश्योरेंस कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए कई नए बदलावों का प्रस्ताव रखा है. इनमें कंपनियों के खर्च को कम करने, कमीशन पर सीमा तय करने और बीमा वेबसाइट्स पर ग्राहकों से निजी जानकारी लेने के तरीके में बदलाव शामिल हैं. इससे ग्राहकों को इंश्योरेंस की जानकारी आसान तरीके से उपलब्ध कराना और बिक्री से जुड़े खर्चों पर कंट्रोल रखना है. इन बदलावों से आपको कैसे फायदे मिलेगा, ये बताते हैं.

कंपनियों के खर्च पर लगेगी लीमिट

IRDAI ने बीमा कंपनियों के Expense of Management (EoM) को कम करने का प्रस्ताव दिया है. लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों को दो साल के भीतर अपने EoM को प्रीमियम के 15% तक और पांच साल में 12.5% तक लाने का लक्ष्य दिया गया है. वहीं, जनरल इंश्योरेंस कंपनियों के लिए यह सीमा दो साल में 25% और पांच साल में 20% रखने का प्रस्ताव है.

इसका मतलब है कि कंपनियों को अपने ऑपरेशनल और डिस्ट्रीब्यूशन खर्च को ज्यादा कंट्रोल करना होगा. कमीशन और दूसरे बिक्री खर्च भी इसी दायरे में आते हैं.

हेल्थ इंश्योरेंस में कमीशन घटाने का प्रस्ताव

IRDAI ने अलग-अलग बीमा प्रोडक्ट के लिए कमीशन की सीमा तय करने का भी प्रस्ताव रखा है. हेल्थ इंश्योरेंस में नई पॉलिसी और रिन्यूअल पर कमीशन कम करने की बात कही गई है. प्रस्ताव के मुताबिक कुछ डिस्ट्रीब्यूशन चैनलों के लिए यह कमीशन नई पॉलिसी पर 15% और रिन्यूअल पर 5% हो सकता है. टर्म इंश्योरेंस और मोटर थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस में भी कमीशन को सीमित करने का प्रस्ताव है. मोटर (थर्ड पार्टी) इंश्योरेंस कमीशन भी 15 फीसदी से घटेगा और पुराने वाहनों के लिए इसे 2.5% तक रखने की बात कही गई है.

फोन नंबर दिए बिना देख सकेंगे पॉलिसी की जानकारी

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, बीमा वेबसाइट्स पर एक बड़ा बदलाव ग्राहकों के लिए खास हो सकता है. अगर कोई व्यक्ति सिर्फ किसी पॉलिसी का प्रीमियम या फीचर्स देखना चाहता है, तो प्रस्ताव के मुताबिक उसे पहले अपना नाम, मोबाइल नंबर या ईमेल देने की जरूरत नहीं होनी चाहिए. ग्राहक बिना पर्सनल जानकारी शेयर किए पॉलिसी की कीमत, फीचर्स, परफॉर्मेंस और दूसरी जरूरी जानकारी देख सकेंगे. IRDAI का कहना है कि सिर्फ जानकारी हासिल करने के लिए ग्राहक की डिटेल लेकर उसे बिक्री के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.

वेबसाइट के ‘डार्क पैटर्न’ पर रोक

कई बार वेबसाइट पर जानकारी देखने से पहले ग्राहक से मोबाइल नंबर या ईमेल भरने को कहा जाता है. IRDAI ने ऐसी प्रैक्टिस को डार्क पैटर्न के तौर पर देखा है. प्रपोजल में ऐसी व्यवस्था पर रोक लगाने की बात कही गई है. इसके साथ ही बीमा कंपनियों को प्रोडक्ट की जानकारी आसान भाषा और एक तय फॉर्मेट में देने का प्रस्ताव है. ग्राहक को FAQ, प्रीमियम, पॉलिसी की प्रमुख शर्तें और दूसरी जरूरी जानकारी आसानी से मिल सकेगी.

क्लेम और शिकायत की जानकारी भी होगी आसान

सिर्फ पॉलिसी की कीमत ही नहीं, बल्कि ग्राहक यह भी देख सकेंगे कि बीमा कंपनी का क्लेम सेटलमेंट रिकॉर्ड कैसा है और शिकायतों को कैसे संभाला जाता है. IRDAI ने ऐसी जानकारी को आसान और कंप्येर करने योग्य तरीके से उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया है. इससे ग्राहक अलग-अलग कंपनियों और पॉलिसियों की जानकारी एक जगह देखकर फैसला ले सकेंगे. हालांकि, अभी यह पूरा बदलाव प्रस्ताव के स्तर पर है. नियम जारी होने के बाद ही साफ होगा कि कौन-कौन से प्रावधान किस रूप में लागू होंगे.



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