CA नहीं बन पाए तो करियर खत्म नहीं! असफलता के बाद इन शानदार करियर विकल्पों पर करें फोकस, जानें सीए अभिषेक मिश्रा से

CA नहीं बन पाए तो करियर खत्म नहीं! असफलता के बाद इन शानदार करियर विकल्पों पर करें फोकस, जानें सीए अभिषेक मिश्रा से


पटना: चार्टर्ड अकाउंटेंट ( CA ) बनने का सपना कई युवा देखते हैं, लेकिन हर किसी का सफर मंजिल तक पहुंचे, यह जरूरी नहीं है. किसी की तैयारी फाउंडेशन स्तर पर रुक जाती है, तो कोई इंटर पास करने के बाद फाइनल में अटक जाता है. वहीं, कई बार परिवार, आर्थिक स्थिति या दूसरी परिस्थितियों की वजह से पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल होता है कि सीए नहीं बन पाए तो आगे क्या करेंगे? क्या इतने सालों की पढ़ाई और मेहनत बेकार हो जाएगी?

इन सवालों का जवाब खोजने के लिए लोकल 18 की टीम ने पटना के चर्चित चार्टर्ड अकाउंटेंट अभिषेक मिश्रा से खास बातचीत की. उन्होंने बताया कि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि आपका कैरियर खत्म हो गया. सीए की तैयारी के दौरान हासिल की गई जानकारी, अनुभव और आर्टिकलशिप का अनुभव आगे के करियर में भी काम आ सकता है. जरूरत है तो बस सही ऑप्शन चुनने की.

किस स्तर पर छूटी CA की पढ़ाई, इससे बदल जाते हैं ऑप्शन

सीए अभिषेक मिश्रा बताते हैं कि अगर कोई विद्यार्थी फाउंडेशन स्तर पर ही CA की पढ़ाई छोड़ देता है, तो उसके पास आगे दूसरी पढ़ाई चुनने की पूरी आजादी होती है. क्योंकि इस स्तर पर विद्यार्थी 12वीं के बाद ही CA बनने की सफर शुरू करता है. इसीलिए उसके सामने कई दूसरे करियर का ऑप्शन खुला रहता है, लेकिन अगर किसी ने इंटर पास कर लिया है या फाइनल के एक ग्रुप तक परीक्षा पास कर ली है, तो उसके पास पहले से ही फाइनेंस क्षेत्र की अच्छी समझ होती है. ऐसे में उसकी अब तक की पढ़ाई और अनुभव आगे की पढ़ाई या नौकरी में मदद कर सकता है.

CA के साथ कर सकते हैं CS और कॉस्ट अकाउंटेंसी

अगर किसी वजह से CA पूरा नहीं हो पा रहा है, तो कंपनी सेक्रेटरी या कॉस्ट अकाउंटेंसी जैसे दूसरे व्यावसायिक कोर्स को ऑप्शन बनाया जा सकता है. कई विद्यार्थी CA की तैयारी के साथ इन कोर्सो की पढ़ाई भी करते हैं. अभिषेक मिश्रा बताते हैं कि अगर CA किसी कारण से पूरा नहीं हो पाता, तो दूसरे कोर्स को पूरा करने की कोशिश की जा सकती है. इससे करियर के लिए एक अलग रास्ता तैयार हो सकता है.

एमबीए और लॉ भी बन सकते हैं ऑप्शन

सीए की पढ़ाई बीच में छूटने के बाद एमबीए भी एक ऑप्शन हो सकता है. समय की कमी होने पर डिस्टेंस
माध्यम से एमबीए करने का विकल्प भी देखा जा सकता है. इससे विद्यार्थी के पास मास्टर डिग्री आ जाती है और CA की अब तक की पढ़ाई उसके लिए अतिरिक्त योग्यता के तौर पर काम कर सकती है. इसके अलावा कानून की पढ़ाई भी एक विकल्प है. खासकर आयकर जैसे क्षेत्रों में काम करने की रुचि रखने वाले विद्यार्थी कानून की पढ़ाई के जरिए आगे बढ़ सकते हैं. सीए की तैयारी के दौरान टैक्स और अकाउंटिंग से जुड़ी जो समझ विकसित होती है, वह भी आगे उपयोगी हो सकती है.

टेक्निकल स्किल सीखकर भी बना सकते हैं करियर

आज के समय में करियर के ऑप्शन सिर्फ पारंपरिक डिग्री तक सीमित नहीं हैं. सीए की तैयारी छोड़ने वाले विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार टेक्निकल स्किल भी सीख सकते हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर और SAP जैसे क्षेत्रों से जुड़े कोर्स किए जा सकते हैं. हालांकि कौन-सा विकल्प चुना जाए, यह विद्यार्थी की रुचि, समय, आर्थिक स्थिति और करियर की प्लानिंग पर निर्भर करता है.

पढ़ाई नहीं भी करनी है तो नौकरी का रास्ता भी खुला

अगर कोई विद्यार्थी आगे पढ़ाई जारी नहीं रखना चाहता है, तब भी उसके लिए रास्ते बंद नहीं होते. जिस स्तर तक CA की पढ़ाई पूरी की है, उसी के अनुसार नौकरी के अवसर तलाशे जा सकते हैं. इंटर या फाइनल स्तर तक पहुंचे विद्यार्थियों के लिए संबंधित स्तर की नौकरियों में अवसर मिल सकते हैं. अकाउंट्स और ऑडिट के अलावा जीएसटी, टीडीएस और इनकम टैक्स से जुड़े काम में भी अवसर तलाशे जा सकते हैं. विद्यार्थी किसी अनुभवी व्यक्ति या संस्था के साथ जुड़कर अनुभव हासिल कर सकता है या आगे चलकर अपना काम भी शुरू कर सकता है.

डिग्री के साथ अनुभव भी बनाता है फर्क

अभिषेक मिश्रा ने बताया कि सीए की तैयारी के दौरान सीखी गई अकाउंटिंग, टैक्स और ऑडिट से जुड़ी जानकारी को मजबूत करके विद्यार्थी अपने लिए नौकरी या काम के अवसर तलाश सकता है. साथ ही अलग-अलग ट्रेनिंग और प्रोग्राम के जरिए खुद को लगातार अपडेट रखना भी जरूरी है.

हालांकि, उनका कहना है कि अगर संभव हो तो विद्यार्थी को सीए की पढ़ाई पूरी करने की कोशिश करनी चाहिए, लेकिन अगर किसी वजह से ऐसा नहीं हो पा रहा है, तो इसे करियर का अंत नहीं समझना चाहिए. अपनी अब तक की पढ़ाई और अनुभव को आधार बनाकर कई काम तलाशे जा सकते हैं.



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