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बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता मुश्ताक खान का निधन हो गया है. उनके करीबी दोस्त और कॉमेडियन सुनील पाल ने 24 सितंबर 2026 को उनके निधन की जानकारी दी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुश्ताक खान लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे. उनके निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ पड़ी है. अपने करियर में मुश्ताक ने कई दमदार रोल निभाए. राहुल रॉय की फिल्म में निभाया उनका भीमा का किरदार तो लोग आज भी नहीं भूल पाए हैं.
हर रोल में फूंक देता था जान
नई दिल्ली. वेलकम, ‘कालीया’, ‘सजाए मौत’, ‘मैं आजाद हूं’ और ‘आशिकी’ जैसी फिल्मों में काम कर चुके एक्टर मुश्ताक खान का निधन हो गया है. एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री ये दुखद खबर सामने आई है. मुश्ताक खान फिल्म इंडस्ट्री के उन कलाकारों में से थे, जिन्होंने फिल्मों में भले ही भले ही लीड रोल नहीं निभाए, लेकिन उनके रोल फिल्मों में बेहद खास होते थे.अपने छोटे-छोटे रोल से दर्शकों के बीच अपनी अलग जगह बनाई.
मुश्ताक खान ने अपने करियर में कई तरह के किरदार निभाए. कभी पुलिसवाले बने, कभी गुंडे, कभी ड्राइवर तो कभी आम आदमी के रोल में नजर आए.
कॉमेडी फिल्मों में भी उन्होंने खूब काम किया.90 के दशक में उन्होंने कई फिल्मों में अहम रोल निभाए हैं. 2007 में आई फिल्म ‘वेलकम’में तो उन्होंने बल्लू उनके किरदार ऐसा निभाया कि वो उनके करियर का सबसे यादगार बन गया.
सातवीं क्लास में लगा एक्टिंग का चस्का
मुश्ताक के परिवार में कौन-कौन हैं?
मुश्ताक खान ने सलमा खान से शादी रचाई थी. लेकिन लंबे समय तक उन्होंने अपनी शादीशुदा जिंदगी को लाइमलाइट से दूर रखा. मुश्ताक खान के दो बेटे हैं. उनके बड़े बेटे का नाम मोहम्मद अरशद खान है. जिसकी शादी सबा खान से हुई है, जो पेशे से टीचर हैं. मुश्ताक खान के छोटे बेटे हैं, मोहसिन खान जिन्होंने पिता की तरह फिल्मी दुनिया में ही अपना करियर बनाया. लेकिन कैमरे के सामने नहीं, डायरेक्शन और प्रोडक्शन की राह चुनी.छोटे बेटे मोहसिन एक फिल्म डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और स्टोरीटेलर हैं. फिल्म ‘डिलीवरी बॉय’ का निर्देशन उनके बेटे ने ही किया. वह हिंदी और मराठी सिनेमा में बतौर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर काम कर चुके हैं.
यूं मिला एक्टिंग की दुनिया का रास्ता
मुश्ताक खान के फिल्मी डेब्यू को कई अलग-अलग जानकारियां दी गई हैं. कई फिल्म डेटाबेस में 1980 की फिल्म ‘Albert Pinto Ko Gussa Kyon Aata Hai’ को उनके शुरुआती फिल्म क्रेडिट में शामिल किया गया है. वहीं 1980 में आई ‘थोड़ी सी बेवफाई’ को भी उनके शुरुआती काम में गिना जाता है.बताया जाता है कि ‘थोड़ी सी बेवफाई’ के दौरान फिल्ममेकर इस्माइल श्रॉफ की नजर मुश्ताक खान पर पड़ी थी. इसके बाद उन्हें फिल्मों में छोटे-छोटे रोल मिलने लगे. शुरुआती दौर में उन्होंने ‘कालीया’, ‘सजाए मौत’, ‘मैं आजाद हूं’ और ‘आखिरी गुलाम’ जैसी फिल्मों में काम किया. महेश भट्ट की फिल्म सा 1992 में आई’जुनून’ में मुश्ताक खान ने ‘आदिवासी भीमा’ का किरदार निभाया था. ‘वेलकम’ में भी उनका बल्लू का किरदार तो काफी पसंद किया गया था. मुश्ताक खान ने अपने करियर में उन्होंने 250 से ज्यादा फिल्मों में काम किया.