हिमाचल प्रदेश में सीएम के नए दफ्तर पर घमासान, कैबिनेट मंत्री यादविंद्र गोमा का भाजपा विधायक सुधीर शर्मा पर पलटवार

हिमाचल प्रदेश में सीएम के नए दफ्तर पर घमासान, कैबिनेट मंत्री यादविंद्र गोमा का भाजपा विधायक सुधीर शर्मा पर पलटवार


शिमला. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री के नए कार्यालय को लेकर सियासत जारी है. भाजपा विधायक सुधीर शर्मा, नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल समेत अन्य विपक्षी नेताओं के हमलों पर अब कैबिनेट मंत्री यादविंद्र गोमा ने पलटवार किया है. गोमा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नए कार्यालय पर जितना खर्च हुआ है, वह भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के घर पर हुए खर्च से कम है. गोमा ने कहा कि मुख्यमंत्री इस कार्यालय को अपने घर लेकर नहीं जाएंगे. यह सरकार और राज्य की संपत्ति है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कार्यालय में रखे सोफे और दूसरा सामान भी मुख्यमंत्री अपने घर नहीं ले जाएंगे. भविष्य में जो भी मुख्यमंत्री होगा, वह इसी सरकारी कार्यालय का इस्तेमाल करेगा।

यादविंद्र गोमा ने भाजपा पर हिमाचल के विकास में सबसे बड़ा अड़ंगा डालने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भाजपा नेता दिल्ली जाकर हिमाचल की मदद रोकने का काम करते हैं. गोमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल आई आपदा को लेकर हिमाचल के लिए 1500 करोड़ रुपये की मदद की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक यह राशि प्रदेश को नहीं मिली है.

मंत्री ने भाजपा पर गुटबाजी का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भाजपा कई गुटों में बंटी हुई है और यही वजह है कि अलग-अलग गुटों के नेता अलग-अलग बयान दे रहे हैं.

बिंदल ने सरकार की प्राथमिकताओं पर उठाए सवाल

वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री के नए कार्यालय को लेकर सरकार पर हमला जारी रखा. बिंदल ने कहा कि गरीब की पर्ची के लिए सरकार के पास 10 रुपये नहीं हैं, लेकिन मुख्यमंत्री और मंत्रियों के आलीशान कार्यालयों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं. बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का अल्टो कार से शुरू हुआ सफर अब आलीशान गाड़ियों, करोड़ों के दफ्तरों और कोठियों तक पहुंच गया है. दूसरी तरफ प्रदेश की जनता पर टैक्स और महंगाई का बोझ बढ़ रहा है.

‘व्यवस्था परिवर्तन’ पर BJP का सवाल

बिंदल ने बिजली सब्सिडी में बदलाव, विभिन्न सेस, स्टांप ड्यूटी और एचआरटीसी की रियायतों में बदलाव को लेकर भी सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि प्रदेश के पेंशनर्स अपनी देनदारियों के लिए आवाज उठा रहे हैं, बेरोजगार युवा रोजगार का इंतजार कर रहे हैं और आम जनता महंगाई और बढ़ते खर्च से परेशान है. भाजपा अध्यक्ष ने हिमकेयर योजना का मुद्दा उठाते हुए भी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि गरीबों की राहत और विकास कार्यों के लिए पैसे की कमी बताई जाती है, लेकिन सत्ता की सुविधाओं के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं.

NH कार्यालयों के बंद करने पर भी सवाल

बिंदल ने नेशनल हाईवे से जुड़े एक डिवीजन और आठ सब-डिवीजन बंद करने के फैसले पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि इन कार्यालयों के बंद होने से सड़क निर्माण, मरम्मत और क्षेत्रीय विकास कार्यों पर असर पड़ सकता है. सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि इन कार्यालयों को बंद करने का फैसला क्यों लिया गया. मुख्यमंत्री के नए कार्यालय को लेकर अब कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं. भाजपा इसे सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल और सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़कर सवाल उठा रही है, जबकि सरकार का कहना है कि यह किसी व्यक्ति का निजी कार्यालय नहीं बल्कि राज्य की संपत्ति और भविष्य के मुख्यमंत्रियों के लिए सरकारी व्यवस्था है.



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