‘मर्द हूं फिर भी मैंने झेला है’, मैथिली ठाकुर के बयान पर भड़के नीरज पांडे, बिहार के सिस्टम पर दागे गंभीर सवाल

‘मर्द हूं फिर भी मैंने झेला है’, मैथिली ठाकुर के बयान पर भड़के नीरज पांडे, बिहार के सिस्टम पर दागे गंभीर सवाल


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बिहार के जमुई में 10वीं की छात्रा के साथ बदसलूकी से पूरा देश नाराज है. शर्मनाक घटना पर भी भरपूर राजनीति हो रही है. दरअसल, विधायक मैथिली ठाकुर ने बयान दिया कि वे बिहार में सुरक्षित महसूस करती हैं, जिससे कई लोगों ने असहमति जताई. नीरज पांडे ने अब उनके बयान पर नाराजगी जताते हुए सिस्टम पर कुछ सवाल उठाए. उन्होंने अपना निजी अनुभव भी बयां किया.

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नीरज पांडे ने सुनाई आपबीती. (फोटो साभार: Instagram@i_neerajpandey@maithilithakur)

नई दिल्ली: पूरा देश उस दिन शर्मिंदा हो गया, जिस दिन बिहार के जमुई में एक लड़की के साथ दिल दहला देने वाली घटना हुई. 19 सितंबर को एक लोकल टूरिस्ट स्पॉट से लौट रहे 10वीं क्लास के दो छात्रों को कुछ लोगों ने रोका और भद्दी बातें कहीं. उस ग्रुप ने लड़के को थप्पड़ मारे और लड़की के साथ घिनौनी हरकतें कीं, जबकि वे दोनों लगातार मदद के लिए गुहार लगाते रहे. घटना की वजह से बिहार सरकार घेरे में है. मगर अलीनगर विधानसभा क्षेत्र की विधायक मैथिली ठाकुर ने कहा कि यह घटना स्टेट की सुरक्षा व्यवस्था पर कोई सवाल नहीं उठाती. उन्होंने कहा, ‘मैं बिहार की बेटी हूं और मुझे यहां सुरक्षित महसूस होती है.’

मैथिली ठाकुर के बयान ने कई लोगों को नाराज कर दिया है. लेखक नीरज पांडे भी उनके बयान से बौखला गए हैं. नीरज पांडे ने जमुई में हुई छेड़छाड़ और विधायक मैथिली ठाकुर के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि स्टेट में हर किसी का अनुभव अलग-अलग रहा है. उन्होंने बुधवार 23 सितंबर को इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर किया, जिसमें वे मैथिली ठाकुर के बयान पर बात कर रहे हैं. वे लिखते हैं, ‘यह अच्छी बात है, लेकिन सबके लिए बिहार एक जैसा नहीं है. वहां पले-बढ़े हर व्यक्ति को यह कहने का मौका नहीं मिला.’

(फोटो साभार: Instagram@i_neerajpandey)

नीरज पांडे ने सुनाई आपबीती
नीरज पांडे बिहार के बक्सर के रहने वाले हैं, इसलिए वहां की आबो हवा से अच्छी तरह परिचित हैं. वे आगे कहते हैं, ‘मैं बिहार से हूं. वहां बड़े होते हुए मैंने कभी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं किया. एक मर्द होने के बावजूद कई बार मेरी शारीरिक सीमाओं का उल्लंघन किया गया. आपका आराम या सुविधा सबके अनुभव को बयां नहीं करती. किसी भी राज्य या समाज की असलियत उन लोगों से पूछनी चाहिए, जिन्होंने वहां मुश्किलों का सामना किया हो. मैंने ऐसी मुश्किलों का सामना किया है.’

जमुई की घटना कोई अकेली घटना नहीं
लेखक नीरज पांड ने जमुई की घटना का जिक्र करते हुए कहा, ‘उस लड़की से पूछिए जिसने यह बुरी घटना झेली. ध्यान रहे कि जमुई की घटना कोई अकेली घटना नहीं है. मैं तो कहूंगा कि किसी भी लड़की से पूछ लीजिए. अपनी जन्मभूमि हमेशा परियों की कहानियों वाली जगह नहीं होती. यह उस सदमे की जगह भी होती है जिसे हम जीवन भर ढोते हैं. एक दिन मैं जो कुछ भी हुआ, उसे लिखूंगा.’ नीरज पांडे ‘मिसेज’, ‘रामप्रसाद की तेहरवीं’ और ‘हैप्पी पटेल’ जैसी फिल्मों के लिए मशहूर हैं. जमुई घटना से पूरे देश में गुस्सा है.



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