क्या ईरान तक नहीं पहुंचेगा दुनिया का कोई भी विमान? ट्रंप के बैन के बीच पड़ोसियों को दिखाई आंख

क्या ईरान तक नहीं पहुंचेगा दुनिया का कोई भी विमान? ट्रंप के बैन के बीच पड़ोसियों को दिखाई आंख


अमेरिका और ईरान के बीच सात महीने पहले शुरू हुआ युद्ध जब ठंडा होता दिखाई देता है तो फिर से कुछ ऐसा होता है कि आग में घी का काम हो जाता है. कुछ ऐसा ही अभी हुआ, जब अमेरिका ने ईरान के फ्लाइट्स पर प्रतिबंध लगाया है. नए और कड़े प्रतिबंधों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच रहा है. एक तरफ अमेरिका की तरफ से मिडिल ईस्ट में देशों पर ईरान में उड़ान संबंधी दबाव बनाया जा रहा है, जबकि दूसरी तरफ ईरान ने नतीजा भुगतने की साफ चेतावनी दे डाली है. दोनों देशों के बीच एयरपोर्ट और एविएशन के लेवल पर आई इस लड़ाई के क्या मायने हैं?

अमेरिका के एविएशन संबंधी इस दबाव की वजह से जॉर्जिया, अजरबैजान, यूएई, इराक और ओमान जैसे पड़ोसी देशों ने ईरान की उड़ानों को सस्पेंड करना शुरू भी कर दिया है. अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट जल्द ही ईरानी एयरलाइंस के इंटरनैशनल ऑपरेशन को बंद किए जाने की वॉर्निंग दी. इसके जवाब में ईरान ने सख्त रवैया अपनाया और पड़ोसी देशों को नतीजा भुगतने और उनके एयरपोर्ट्स का कामकाज ठप करने की वॉर्निंग दी है.

ईरान ने पड़ोसी देशों को क्या चेतावनी दी?
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई ने सरकारी मीडिया के जरिए पड़ोसी देशों को अमेरिका के इस अभियान में शामिल नहीं होने की हिदायत दी है. ऐसा करने पर एयरपोर्ट ठप करने की धमकी मिली है. रजाई ने कहा कि यदि कोई पड़ोसी देश अमेरिका के साथ मिलकर काम करता है, तो उसके हवाई अड्डे ईरान के लिए फ्लाइट्स को ऑपरेट करने लायक नहीं रहेंगे.

ईरान ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के इस दुस्साहस का साथ देने वाले देशों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे. हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि बदले का यह कदम कैसा होगा? डिप्लोमेटिक, आर्थिक या फिर सैन्य. इस विवाद की मुख्य वजह अमेरिका की तरफ से सेकेंडरी प्रतिबंध हैं. अमेरिका के वित्त विभाग ने हाल ही में ईरान के एविएशन सेक्टर को पूरी तरह अलग-थलग करने के लिए नए कदम उठाए हैं.

Mahan Air सहित ईरान की 27 प्रमुख एयरलाइंस को इस प्रतिबंध के दायरे में लाया गया है. इनमें ईरान एयर, ईरान एयर टूर, ईरान आसेमान एयरलाइंस, कैस्पियन एयरलाइंस, एटीए एयरलाइंस, Qeshm एयर शामिल हैं. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने चेतावनी दी है कि जो भी विदेशी एयरपोर्ट, फ्यूल सप्लाई करने वाली कंपनियां या ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियां ईरानी विमानों को सर्विस प्रोवाइड करेंगी, उन्हें अमेरिकी फाइनेंस सिस्टम से बाहर कर दिया जाएगा.

फ्लाइट्स पर पड़ा सीधा असर
अमेरिकी प्रतिबंधों की घोषणा के तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय हवाई उड़ानों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. संयुक्त अरब अमीरात, अजरबैजान, जॉर्जिया, इराक के बगदाद और ओमान (मस्कट) के लिए ईरानी एयरलाइंस की सेवाएं पूरी तरह स्थगित कर दी गई हैं. तुर्की और चीन के लिए कुछ उड़ानें अभी भी जारी हैं, लेकिन वहां भी कई फ्लाइट्स रद्द की गई हैं. इस प्रतिबंध की वजह से यात्री अब तुर्की और आर्मेनिया से लगती जमीनी सीमाओं के जरिए यात्रा करने को मजबूर हैं. ट्रैवल और एविएशन सेक्टर पर आर्थिक प्रभाव पड़ा है.

सैन्य और सुरक्षा एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरान की तरफ से सीधे सैन्य हमले की संभावना कम है लेकिन इस तनाव से क्षेत्रीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग रहा है. इसको लेकर डिफेंस एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन प्रतिबंधों से ईरान की सरकार की नीतियों में तत्काल बदलाव भले ही ना आए लेकिन इससे ईरानी जनता में दुनिया के स्तर पर अलग-थलग होने का मनोवैज्ञानिक प्रभाव पड़ेगा.

जेब पर भी लग रही चोट
मिडिल ईस्ट एयरलाइंस के नुकसान पर गौर करें तो IATA के अनुसार 2026 में कुल 4.3 अरब मिलियन डॉलर का सामूहिक नुकसान हुआ. वहीं पर्यटन राजस्व में गिरावट भी दर्ज की गई. WTTC के मुताबिक क्षेत्र को रोजाना लगभग 600 मिलियन डॉलर का नुकसान झेलना पड़ा. ईरानी अंतर्राष्ट्रीय उड़ान क्षमता पर एक नजर डालें तो अगस्त 2025 की तुलना में अगस्त 2026 तक 49 फीसदी की कमी दर्ज की गई. दुबई एयरपोर्ट ट्रैफिक के आंकड़े भी बताते हैं कि 2026 की पहली छमाही में यात्री यातायात में 31 प्रतिशत की गिरावट आई.



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