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Bhopal News: एमपी में कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया है. सोमवार को भोपाल में आयोग का घेराव और मंगलवार को जिला स्तर पर प्रदर्शन होगा. तीन दिन बाद सीडब्ल्यूसी की बैठक भी बुलाई गई है. वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ओबीसी आरक्षण से जुड़े लेटर पर जारी सियासत को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा है.
Congress announces protest against cec: मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने चुनाव आयोग के खिलाफ बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है. उन्होंने बताया कि पार्टी के मुताबिक सोमवार को भोपाल में चुनाव आयोग के दफ्तर का घेराव किया जाएगा. इसके अगले दिन यानी मंगलवार को जिला स्तर पर भी प्रदर्शन करने की बात कही गई है. कांग्रेस ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कराने की मांग रखी है. पार्टी नेताओं का कहना है कि जब तक उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. कांग्रेस का दावा है कि वह इस मुद्दे पर पीछे हटने वाली नहीं है और सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराएगी.
दो चरणों में होगा प्रदर्शन
वहीं, पार्टी की ओर से बताया गया कि पहली स्टेज में सोमवार को राजधानी भोपाल में प्रदर्शन होगा, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने का दावा किया जा रहा है. इसके बाद मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलों में कार्यकर्ता प्रदर्शन करेंगे और ज्ञापन सौंपेंगे.
तीन दिन बाद सीडब्ल्यूसी की बैठक
कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर कांग्रेस कार्य समिति (Congress Working Committee) की मीटिंग भी बुलाई है. यह बैठक तीन दिन बाद होगी. बताया जा रहा है कि इसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी और देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा सकती है. इस मामले में चुनाव आयोग की ओर से फिलहाल कोई ऑफिशियल रिएक्शन सामने नहीं आया है. इस प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन की ओर से भी व्यवस्थाओं का आकलन किया जा रहा है.
ओबीसी आरक्षण पर जारी सियासत
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राहुल गांधी के ओबीसी आरक्षण संबंधी पत्र पर जारी सियासत को लेकर भाजपा पर पलटवार किया है. पटवारी का दावा है कि ओबीसी आरक्षण कांग्रेस ने दिया, जबकि भाजपा ने इसे रोकने के लिए वकीलों को पैसा दिया. उन्होंने ओबीसी वर्ग से 2028 में सरकार को सबक सिखाने की अपील की. पटवारी ने एसआईआर को लेकर मध्य प्रदेश में बनी स्थितियों पर गंभीरता से विचार करने की बात कही. इसके साथ ही आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास सिर्फ कागजों पर चल रहा है. उन्होंने होशंगाबाद का हवाला देते हुए कहा कि वहां मूंग की खरीदी कागजों पर दिखा दी गई और निर्माण हुए बिना ही सब्सिडी निकाल ली गई.