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Azamgarh Murder News: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहिरौला थाना क्षेत्र में हत्याकांड और फिर एनकाउंटर का अंत बहुत ही दर्दनाक हुआ. आलम यह था कि घर में कोई पुरुष नहीं बचा था मुखाग्नि देने के लिए. इसके चलते भतीजी ने अपने हत्यारे चाचा, चाची और चचेरे भाई की चिता को आग दी.
आजमगढ़ गोलीकांड का दर्दनाक अंत.
आजमगढ़ः उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहिरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में हुई पांच लोगों की मौत का अंत बहुत ही दर्दनाक तस्वीरों के साथ हुआ. राजघाट शवदाह गृह पर जब एक ही परिवार के तीन शव एक साथ पहुंचे तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. दिल को चकनाचूर कर देने वाली स्थिति यह थी कि परिवार में मुखाग्नि देने के लिए कोई पुरुष सदस्य तक जीवित नहीं बचा है. आखिरकार मृतक आरोपी की भतीजी कुमारी वर्षा को आगे आना पड़ा और उसने अपने चाचा, चाची और चचेरे भाई की चिता को एक साथ मुखाग्नि दी.
घर में नहीं बचा कोई मर्द तो भतीजी ने दी मुखाग्नि
प्राप्त जानकारी के मुताबिक आरोपी अरविंद सिंह के बड़े भाई की साल 2018 में हत्या हो गई थी. इसके चलते परिवार में मुखाग्नि देने के लिए कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था. भतीजी वर्षा ने जब अपने परिवार के तीनों सदस्यों को मुखाग्नि दी, तो वहां का माहौल चीख-पुकार से भर गया. भारत रक्षा दल जैसे सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आगे आकर अंतिम संस्कार में मदद की. संगठन के अध्यक्ष हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव ने कहा, ‘छोटी-छोटी घटनाओं को लेकर इस तरह का बड़ा घटनाक्रम होना समाज के लिए गहरी चिंता का विषय है.
8 घंटे तक चला आजमगढ़ में तांडव
उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ जिले के एक गांव में एक व्यक्ति ने मंगलवार को अपने घर पर पत्नी और दो अन्य लोगों की कथित रूप से गोली मारकर हत्या कर दी. इसके बाद आरोपी ने अपने बच्चों के साथ खुद को एक कमरे में बंद कर लिया.फायरिंग की आवाज सुनकर गांव के लोगों ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस मौके पर पहुंची और उसे घंटों समझाया. लेकिन वह बाहर निकलने के लिए तैयार नहीं हुआ. इसके बाद यूपी एटीएस ने मोर्चा संभाला और कुछ देर में ही आरोपित अनिल यादव को एनकाउंटर में मार गिराया.
घर में चल रही पूजा से नाराज था अनिल
बताया गया कि मंगलवार की शाम को घर में पूजा चल रही थी, तभी अनिल यादव बाहर से घर पहुंच गया और उसने पूजा करा रहे पंडितों से आधार कार्ड मांगा और फिर पूजा रोकने को कहा. इस दौरान जब उसकी पत्नी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उसने गोली चला दी. गोली लगने से पत्नी की मौत हो गई. इसके बाद अनिल ने पूजा करा रहे दो पंडितों को भी मौत के घाट उतार दिया. प्राप्त जानकारी के मुताबिक अनिल की पत्नी और उसकी मां को लगता था कि घर में भूत का साया है और इसी के चलते पांच दिन का महामृत्युंज्य जाप कराया जा रहा था. मंगलवार को पूजा का चौथा दिन था.