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Akhilesh Rath Yatra: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव आज से पीडीए रथ यात्रा की शुरुआत करने वाले हैं. इससे पहले शहर के अलग-अलग इलाकों में उनके खिलाफ पोस्टर लगा दिए गए. पोस्टर में सवाल किया गया कि अखिलेश जी कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि कब देंगे.
अखिलेश यादव की पीडीए रथ यात्रा के खिलाफ रायबरेली में पोस्टर
रायबरेलीः उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया आज से अपना चुनावी रथ लेकर निकल रहे हैं. इस चुनावी रथ यात्रा का आगाज रायबरेली से होने वाला है. लेकिन इससे पहले ही शहर का माहौल एक पोस्टर से गरमा गया है. रायबरेली कई इलाकों में पोस्टर लगे हैं. पोस्टर में लिखा आजम खान, अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी, यही चलाते थे सरकार. पोस्टर पर इन तीनों लोगों की तस्वीर लगी हुई है. साथ में यह भी लिखा गया है कि अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश.
अखिलेश यादव के खिलाफ रायबरेली में लगे पोस्टर
इसके अलावा लखनऊ-रायबरेली मार्ग पर भी अखिलेश यादव के खिलाफ पोस्टर लगाया गया है. पीडीए रथ यात्रा से पहले पोस्टर लगाए गए हैं. पोस्टर में अखिलेश यादव से पूछा गया सवाल,कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि कब देंगे? पोस्टर में लिखा, ‘अखिलेश जी, रोड पर 20 करोड़ की वैनिटी दौड़ा रहे, ये सड़क किसने बनवाई?’ लखनऊ-रायबरेली मार्ग पर कई जगह अखिलेश यादव को ‘गिरगिटेश’ बताने वाले पोस्टर भी लगाए गए. बता दें कि आज रायबरेली से अखिलेश यादव की पीडीए रथ यात्रा शुरू होनी है. हालांकि सवाल यह है कि आखिर अखिलेश यादव ने अपनी चुनावी यात्रा की शुरुआत रायबरेली से क्यों की है.
अखिलेश यादव वापस जाओ के लगे पोस्टर
अखिलेश यादव का आज रायबरेली दौरा है. अखिलेश यादव जीआईसी मैदान में जनसभा करेंगे. इसके अलावा अखिलेश यादव हरचन्दपुर विधायक राहुल लोधी के आवास पर चाय पीने जाएंगे. 27 के चुनावी अभियान की शुरुआत अखिलेश यादव रायबरेली से कर रहे हैं. इस बीच रायबरेली में अखिलेश यादव के विरोध में जगह-जगह पोस्टर लग गए हैं. अखिलेश यादव वापस जाओ के लगे पोस्टर. बछरावां कस्बे और प्रमुख चौराहों पर लगे पोस्टर. स्थानीय भाजपा नेता हरिओम चतुर्वेदी ने पोस्टर लगवाने की जिम्मेदारी ली. पोस्टरबाजी को लेकर सपा नेताओं में नाराजगी. बछरावा कस्बे में लगे पोस्टर.
किस वजह से रायबरेली से शुरू हो रही यात्रा
सपा मुखिया अखिलेश यादव रायबरेली से पीडीए रथयात्रा शुरू करेंगे. हाल में सपा छात्रसभा और एबवीपी कार्यकर्ताओं में हुए विवाद को बड़ी वजह मानी जा रही है. हालांकि इसके पीछे राजनीतिक समीकरण भी हैं. बता दें कि साल 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से गठबंधन न होने के बावजूद समाजवादी पार्टी सदर विधानसभा सीट छोड़कर बाकी चार सीटों पर जीत हासिल कर ली थी. अब सपा की नजर ऊंचाहार विधानसभा सीट पर है. यहां से तीन बार सपा के टिकट पर चुनाव जीते मनोज पांडेय अब भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं. इसके अलावा आगामी चुनाव में कांग्रेस और सपा के गठबंधन की संभावना मजबूत है. ऐसे में रायबरेली में जनाधार का प्रदर्शन करना भी रणनीति का हिस्सा हो सकता है. पार्टी यह मैसेज देने की कोशिश कर रही है कि जिले की ज्यादातर सीटों पर उसका प्रभाव मजबूत है.