IIT Bombay में साहिल की मौत के बाद BIT Mesra की बड़ी पहल, 14 हॉस्टल में अब नया प्रयोग

IIT Bombay में साहिल की मौत के बाद BIT Mesra की बड़ी पहल, 14 हॉस्टल में अब नया प्रयोग


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BIT Mesra Ranchi Special Initiative: मुंबई आईआईटी में सेकंड ईयर के छात्र साहिल वाकोडे ने बीते 18 सितंबर को हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटककर जान दे दी थी. बताया जाता है कि मिड सेमेस्टर परीक्षा में चैटजीपीटी से नकल का आरोप लगा था और इसके कुछ घंटे बाद उसने अपनी जान दे दी. साहिल के सुसाइड के बाद पूरे देश में हॉस्टल सेफ्टी और छात्रों के मानसिक तनाव पर बहस छिड़ी हुई है. इसके बाद IIT बॉम्बे ने अपने सभी हॉस्टल से सीलिंग फैन हटाकर दीवार पर लगने वाले पंखे लगाने शुरू कर दिए हैं. इसी तर्ज पर अब झारखंड के BIT मेसरा ने भी बड़ी पहल की है.

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BIT मेसरा हॉस्टल में लगाये जा रहे एंटी सुसाइड रॉड वाले फैन

मुंबई आईआईटी के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद देशभर के शिक्षण संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चर्चा तेज है. इसी बीच रांची के बीआईटी मेसरा (BIT Mesra) ने हॉस्टल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक अहम पहल शुरू की है. संस्थान के हॉस्टल में ऐसे पंखे लगाए जा रहे हैं, जो निर्धारित सीमा से ज्यादा भार या दबाव पड़ने पर नीचे गिरने के लिए डिजाइन किए गए हैं. इसका उद्देश्य हॉस्टल के कमरों में पंखे से जुड़ी आत्महत्या की घटनाओं के जोखिम को कम करना है. यह व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से संस्थान के सभी 14 हॉस्टल में लागू की जाएगी. बीआईटी मेसरा के मुताबिक संस्थान में 14 हॉस्टल हैं, जिनमें छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग आवासीय व्यवस्था है.

पहले वर्ष के छात्रों के हॉस्टल से शुरुआत

बीआईटी मेसरा में फिलहाल यह व्यवस्था प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के हॉस्टल से शुरू की जा रही है. इसके बाद चरणबद्ध तरीके से दूसरे हॉस्टल में भी ऐसे पंखे लगाए जाएंगे. संस्थान का उद्देश्य हॉस्टल के बुनियादी ढांचे में ऐसा बदलाव करना है, जिससे किसी आपात स्थिति में पंखे का इस्तेमाल आत्महत्या के लिए करना मुश्किल हो. नए पंखों में निर्धारित सीमा से अधिक भार या दबाव पड़ने पर पंखे के नीचे आने की व्यवस्था बताई गई है. यानी सामान्य इस्तेमाल के दौरान पंखा अपनी जगह पर रहेगा, लेकिन तय सीमा से ज्यादा दबाव पड़ने पर सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो जाएगा.

14 हॉस्टल में लागू होगी व्यवस्था

बता दें कि बीआईटी पूरी तरह आवासीय संस्थान (Residential Institution) है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक विद्यार्थियों के लिए 14 हॉस्टल हैं और हॉस्टल में रहना पढ़ाई के दौरान अनिवार्य है. हॉस्टल में पढ़ने, मनोरंजन और खेल के लिए भी अलग सुविधाएं उपलब्ध हैं. ऐसे में हॉस्टल में छात्रों की सुरक्षा संस्थान के लिए अहम विषय है. एंटी-सुसाइड पंखों की व्यवस्था को इसी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा माना जा रहा है.

बीआईटी मेसरा में काउंसलिंग पर भी जोर

हॉस्टल में सुरक्षा व्यवस्था बदलने के साथ विद्यार्थियों की मनोभावना समझने के लिए काउंसलिंग पर भी जोर दिया जा रहा है. संस्थान के स्तर पर छात्रों से बातचीत, उनकी परेशानियों को समझने और जरूरत पड़ने पर मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. दरअसल, हॉस्टल में रहने वाले छात्रों पर पढ़ाई, परीक्षा, करियर और निजी जीवन से जुड़े अलग-अलग तरह के दबाव हो सकते हैं. ऐसे में केवल सुरक्षा उपकरण बदलना ही पर्याप्त नहीं माना जा सकता. छात्रों की परेशानी समय रहते सामने आए और उन्हें मदद मिल सके, इसके लिए काउंसलिंग और संवाद भी जरूरी है.

सामने आया था छात्र की मौत का मामला

बीआईटी मेसरा में भी हाल के दिनों में एक एमएससी छात्र की हॉस्टल के कमरे में मौत का मामला सामने आया था. छात्र के कमरे में मृत मिलने की जानकारी दी गई थी और मामले की जांच की बात कही गई थी. इससे पहले भी संस्थान में छात्रों की मौत से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं. ऐसे में अब हॉस्टल में सुरक्षा उपायों के साथ छात्रों की मानसिक स्थिति पर नजर रखने की पहल को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बीआईटी मेसरा की यह व्यवस्था फिलहाल चरणबद्ध तरीके से लागू हो रही है. प्रथम वर्ष के हॉस्टल से शुरुआत के बाद सभी 14 हॉस्टल में इसे लागू किया जाना है.

मुंबई IIT में साहिल की मौत के बाद बहस तेज

यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब IIT मुंबई के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं. साहिल की मौत की पुलिस जांच चल रही है और मामले में सीसीटीवी फुटेज तथा संबंधित लोगों के बयान भी जांच का हिस्सा हैं. घटना के बाद IIT मुंबई के छात्रों ने संस्थान में छात्र कल्याण, शिकायत व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग भी उठाई है. इसी बीच IIT मुंबई में हॉस्टल के कमरों में सीलिंग फैन की जगह दीवार पर लगाए जाने वाले पंखों की व्यवस्था भी शुरू की गई है.

नोट- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे.)



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