Homemade Neem Soap: चेहरे पर बार-बार तेल आने लगे या पिंपल्स की वजह से स्किन थोड़ी परेशान करने लगे तो लोग अक्सर घरेलू नुस्खों की तरफ रुख करते हैं. नीम भी ऐसा ही एक पारंपरिक विकल्प है, जिसका इस्तेमाल लंबे समय से त्वचा की देखभाल में किया जाता रहा है. बाजार में नीम वाले साबुन आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन अगर आप घर पर अपनी पसंद की चीजों से साबुन बनाना चाहते हैं तो यह तरीका काम आ सकता है.
इसमें नीम की ताजी पत्तियों के साथ ग्लिसरीन सोप बेस, हल्दी और कुछ दूसरे इंग्रेडिएंट्स इस्तेमाल किए जाते हैं. हालांकि घरेलू साबुन हर किसी की त्वचा पर एक जैसा असर करे, यह जरूरी नहीं है. इसलिए इसे बनाने और इस्तेमाल करने से पहले कुछ जरूरी सावधानियां समझना बेहतर है.
नीम की पत्तियों से घर पर साबुन बनाने के लिए क्या चाहिए?
इस साबुन को बनाने के लिए 250 ग्राम ग्लिसरीन सोप बेस, 25 से 30 नीम की पत्तियां, आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, 2 से 3 विटामिन ई कैप्सूल और 4 बूंद नीम एसेंशियल ऑयल लिया जा सकता है. सामग्री की मात्रा बहुत ज्यादा रखने की जरूरत नहीं है. खासकर एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल सीमित मात्रा में ही करें.
साबुन बनाने का आसान तरीका
सबसे पहले नीम की पत्तियों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. इन्हें पूरी तरह सुखाने के बाद मिक्सर में डालकर बारीक पीस लें. पत्तियों को पीसते समय जरूरत से ज्यादा पानी न डालें, क्योंकि मिश्रण में अतिरिक्त नमी आने से साबुन की बनावट प्रभावित हो सकती है. अब पिसी हुई नीम की पत्तियों में आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं. इसके बाद विटामिन ई कैप्सूल को काटकर उसका तेल मिश्रण में डाल दें. आखिर में नीम एसेंशियल ऑयल की करीब 4 बूंदें डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिला लें.
दूसरी तरफ ग्लिसरीन सोप बेस को छोटे टुकड़ों में काट लें. इसे डबल बॉयलर की मदद से धीरे-धीरे पिघलाएं, अगर माइक्रोवेव का इस्तेमाल कर रहे हैं तो कम समय के अंतराल में गर्म करें और बीच-बीच में इसे चेक करते रहें. सोप बेस पूरी तरह पिघलने के बाद उसमें तैयार नीम का मिश्रण डालें और अच्छी तरह मिलाएं. अब तैयार मिश्रण को साबुन के सांचे में सावधानी से डाल दें. इसे कमरे के तापमान पर 12 से 24 घंटे तक सेट होने दें. साबुन अच्छी तरह जम जाए तो इसे सांचे से बाहर निकाल सकते हैं.
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Homemade Neem Soap का इस्तेमाल कैसे करें?
साबुन तैयार होने के बाद इसे जरूरत के अनुसार इस्तेमाल किया जा सकता है. चेहरे पर पहली बार लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है. हाथ या बाजू के किसी छोटे हिस्से पर थोड़ी मात्रा लगाकर देखें, अगर लालिमा, खुजली, जलन या किसी तरह की परेशानी महसूस हो तो इसे चेहरे पर न लगाएं.
नीम से बने साबुन को लेकर यह दावा नहीं करना चाहिए कि इससे पिंपल्स, दाग-धब्बे या ऑयली स्किन की समस्या निश्चित रूप से खत्म हो जाएगी. नीम और हल्दी का इस्तेमाल पारंपरिक स्किन केयर में किया जाता है, लेकिन त्वचा की समस्या का कारण हर व्यक्ति में अलग हो सकता है. बहुत ज्यादा पिंपल्स, लगातार जलन या गंभीर दाग-धब्बों की समस्या हो तो घरेलू साबुन पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है.
किन बातों का रखें ध्यान?
घरेलू साबुन बनाते समय साफ सामग्री और साफ सांचे का इस्तेमाल करें. तैयार साबुन को सूखी जगह पर रखें और इस्तेमाल के बाद पानी में पड़ा न रहने दें, अगर आपकी स्किन पहले से संवेदनशील है या किसी सामग्री से एलर्जी रहती है तो अतिरिक्त सावधानी बरतें. खासकर एसेंशियल ऑयल को सीधे त्वचा पर लगाने के बजाय साबुन के मिश्रण में कम मात्रा में ही मिलाना चाहिए.