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Potassium Good Source: शरीर में पोटैशियम के स्रोत की बात आते ही ज्यादातर लोगों को केले की याद आती है. मगर एक्सपर्ट का कहना है कि सिर्फ केला ही नहीं, बल्कि कई ऐसी खाने-पीने वाली चीजे हैं, जिनमें भर-भरकर पोटैशियम पाए जाते हैं.
अंबाला: अगर आप भी रोजाना पोटैशियम की जरूरत पूरी करने के लिए केला खाते-खाते बोर हो चुके हैं, तो अब डाइट में कुछ बदलाव किया जा सकता है. दरअसल शरीर में पोटैशियम की कमी होने पर थकान, कमजोरी और मांसपेशियों में ऐंठन जैसी परेशानियां हो सकती हैं. ऐसे में जरूरी नहीं कि हर बार केले को ही पोटेशियम का सबसे बड़ा विकल्प माना जाए. कई दूसरे फल और खाद्य पदार्थ भी हैं, जिन्हें डाइट में शामिल किया जा सकता है.
बता दें कि पोटैशियम शरीर के लिए जरूरी मिनरल्स में से एक है. यह शरीर में तरल पदार्थों के संतुलन, मांसपेशियों के सामान्य कामकाज और दिल की धड़कन को नियंत्रित रखने में भूमिका निभाता है. इसी वजह से खान-पान के जरिए पर्याप्त पोटैशियम लेना जरूरी माना जाता है. हालांकि किसी भी पोषक तत्व की जरूरत व्यक्ति की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है.
खाने वाली ये चीजें भी पोटैशियम में कारगर
विशेषज्ञ डॉक्टर बताते हैं कि केले के अलावा एवोकाडो भी पोटैशियम का अच्छा स्रोत माना जाता है. इसमें हेल्दी फैट भी पाया जाता है. इसी तरह सूखी खुबानी और किशमिश में भी पोटैशियम के साथ दूसरे पोषक तत्व मौजूद होते हैं. इन्हें सीमित मात्रा में स्नैक के तौर पर लिया जा सकता है. नारियल पानी भी पोटैशियम और दूसरे इलेक्ट्रोलाइट्स का स्रोत है. खासकर शरीर में पानी की कमी होने पर यह एक उपयोगी पेय हो सकता है.
वहीं अनार में पोटैशियम के साथ कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, कीवी में पोटैशियम के अलावा विटामिन सी और फाइबर भी होता है. कटहल, खरबूजा और हनीड्यू खरबूजा भी पोटैशियम देने वाले फलों में शामिल हैं. खरबूजे में पानी की मात्रा भी अधिक होती है, इसलिए यह शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है. हालांकि किसी फल को किसी बीमारी का इलाज मानकर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
सर्दियों के मौसम में ये जूस कारगर
वही इस बारे में लोकल 18 से बातचीत करते हुए अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक डॉ. रजिता ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति केले से बना शेक नहीं पीना चाहता, तो दूध के साथ बादाम, किशमिश, चिया सीड्स, पंपकिन सीड्स और मखाने मिलाकर शेक तैयार किया जा सकता है. उनके अनुसार, इसमें अलग-अलग खाद्य पदार्थों से कई पोषक तत्व मिल सकते हैं. डॉ. रजिता ने बताया कि सर्दियों के मौसम में अनार और गाजर का जूस भी लिया जा सकता है. वहीं 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए उन्होंने घिया के जूस का भी जिक्र किया. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जूस का सेवन व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार होना चाहिए.
शरीर को मिलेंगे कई पोषक तत्व
डॉ. रजिता के मुताबिक, एक व्यक्ति के लिए एक गिलास शेक तैयार करने के लिए दूध में करीब चार बादाम, थोड़े मखाने और अलग-अलग तरह के सीड्स मिलाए जा सकते हैं. इससे एक पौष्टिक ड्रिंक तैयार हो सकती है. उन्होंने यह भी बताया कि जो लोग अनार का जूस नहीं ले सकते, वे मौसमी का जूस विकल्प के तौर पर ले सकते हैं. किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या या पथरी जैसी स्थिति में डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है. इसलिए अगर रोजाना केला खाने से स्वाद बदलने का मन हो रहा है, तो डाइट में अलग-अलग फल और पौष्टिक चीजों को शामिल किया जा सकता है. इससे खान-पान में विविधता भी आएगी और शरीर को अलग-अलग पोषक तत्व भी मिलेंगे.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.