बिहार में बनेगा पहला महिला विवि, मां सीता के नाम पर कैबिनेट ने दी मंजूरी; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला

बिहार में बनेगा पहला महिला विवि, मां सीता के नाम पर कैबिनेट ने दी मंजूरी; सम्राट कैबिनेट का बड़ा फैसला


पटना. बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने बुधवार को कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय और बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई. दोनों विश्वविद्यालयों को लेकर सरकार की ओर से अहम निर्णय लिया गया है.

पटना में खुलेगा मां सीता महिला विश्वविद्यालय

कैबिनेट ने पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है. यह बिहार का पहला महिला विश्वविद्यालय होगा. सरकार की ओर से रक्षाबंधन के दिन ही राज्य में महिला विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा की गई थी. प्रस्तावित महिला विश्वविद्यालय की खास बात यह होगी कि यहां कुलपति से लेकर प्रोफेसर और अन्य कर्मियों तक महिला भागीदारी पर जोर दिया जाएगा. कैबिनेट ने विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों और कर्मियों के वेतनादि के लिए भी प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है.

दिनकर की जयंती पर बेगूसराय को बड़ा तोहफा

कैबिनेट बैठक में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के मौके पर उनके नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित करने का भी फैसला लिया गया. सरकार ने रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय, बेगूसराय की स्थापना को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर मंत्रिपरिषद ने रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय, बेगूसराय की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की है.

कोसी में डेयरी विकास के 8 प्रोजेक्ट मंजूर

कैबिनेट ने सात निश्चय-3 के तहत कोसी क्षेत्र में डेयरी विकास से जुड़े 8 प्रोजेक्टों को भी मंजूरी दी है. इसके लिए 126.07 करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च को स्वीकृति दी गई है.

इन परियोजनाओं के तहत सुपौल, मधेपुरा और सहरसा में डेयरी से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा. इसमें दही प्लांट, प्रीमियम आइसक्रीम प्लांट, टोटल मिक्स्ड राशन प्लांट, मिल्क चिलिंग प्लांट और BMCU जैसी सुविधाएं शामिल हैं.

इसके साथ ही नए दुग्ध सहकारी समितियों के गठन और डेयरी से जुड़े अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने पर भी जोर दिया गया है. सरकार का उद्देश्य कोसी क्षेत्र में दूध उत्पादन, संग्रहण और प्रसंस्करण की व्यवस्था को मजबूत करना है.

वारिसलीगंज में चीनी मिल को मंजूरी

कैबिनेट ने नवादा जिले के वारिसलीगंज में चीनी मिल की स्थापना के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया है. वारिसलीगंज अंचल के मकनपुर मौजा में करीब 99.39 एकड़ सरकारी जमीन को चीनी उद्योग विभाग को अंतर्विभागीय स्थायी नि:शुल्क हस्तांतरण की मंजूरी दी गई है. सरकार की ओर से वारिसलीगंज में नई चीनी मिल लगाने पर 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की बात कही गई है. इस परियोजना से नवादा के अलावा नालंदा, शेखपुरा और जमुई के गन्ना किसानों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है. चीनी मिल शुरू होने से इन इलाकों के गन्ना किसानों को अपनी उपज के लिए नया बाजार मिलेगा. सरकार का फोकस गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय बढ़ाने और क्षेत्र में चीनी उद्योग को फिर से गति देने पर है. चीनी मिल की स्थापना से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है.



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