ओंकारेश्वर सिविल हॉस्पिटल में 18 करोड़ से बढ़ेंगे 50 बेड, नए स्टाफ की होगी भर्ती, ये अस्पताल भी होंगे अपग्रेड

ओंकारेश्वर सिविल हॉस्पिटल में 18 करोड़ से बढ़ेंगे 50 बेड, नए स्टाफ की होगी भर्ती, ये अस्पताल भी होंगे अपग्रेड


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Khandwa News: उज्जैन सिंहस्थ-2028 को देखते हुए ओंकारेश्वर में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है. सिंहस्थ मद से 18 करोड़ रुपए की लागत से ओंकारेश्वर सिविल अस्पताल में बेड की संख्या 20 से बढ़ाकर 50 की जाएगी. नए डॉक्टर और स्टाफ की भर्ती होगी तथा 12 आवास भी बनाए जाएंगे.

Khandwa News: खंडवा जिले के लिए बड़ी खबर है. उज्जैन सिंहस्थ-2028 को देखते हुए तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है. सिंहस्थ मद से करीब 18 करोड़ रुपए की लागत से ओंकारेश्वर सिविल अस्पताल का विस्तार किया जाएगा. अस्पताल में मौजूदा 20 बेड की क्षमता को बढ़ाकर 50 बेड किया जाएगा. साथ ही डॉक्टर, नर्सिंग और तकनीकी स्टाफ की नई नियुक्तियां भी की जाएंगी. सिंहस्थ के दौरान ओंकारेश्वर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है. ऐसे में केवल दर्शन और यातायात व्यवस्था ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है. अस्पताल की क्षमता बढ़ने से श्रद्धालुओं के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और स्थानीय लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.

20 से बढ़कर 50 बेड का होगा अस्पताल
ओंकारेश्वर सिविल अस्पताल में फिलहाल 20 बेड की व्यवस्था है. प्रस्तावित विस्तार के बाद यहां 50 बेड होंगे. पुराने भवन को तोड़कर अस्पताल को नए स्वरूप में विकसित करने की योजना है. साथ ही अस्पताल परिसर में डॉक्टर और अन्य कर्मचारियों के लिए 12 आवास भी बनाए जाएंगे.अस्पताल में बेड बढ़ने के साथ इलाज की सुविधाएं और मरीजों को भर्ती करने की क्षमता भी बढ़ेगी. इससे ओंकारेश्वर में आने वाले मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जरूरत के मुताबिक अस्पताल में ही आगे का इलाज और निगरानी मिल सकेगी.

अभी गंभीर मरीजों को खंडवा-इंदौर किया जाता रेफर
फिलहाल ओंकारेश्वर के 20 बेड वाले अस्पताल में प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं. गंभीर स्थिति वाले मरीजों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है. ओंकारेश्वर से खंडवा मेडिकल कॉलेज सह-जिला अस्पताल की दूरी करीब 72 किलोमीटर है. कई गंभीर मरीजों को पहले खंडवा लाया जाता है और जरूरत पड़ने पर वहां से इंदौर रेफर किया जाता है. ऐसे में अस्पताल का विस्तार होने के बाद स्थानीय स्तर पर ज्यादा स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है.

2016 में 20 बेड का सिविल अस्पताल बना था
जानकारी के मुताबिक वर्ष 2016 में ओंकारेश्वर और मांधाता के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मर्ज कर 20 बेड का सिविल अस्पताल बनाया गया था. हालांकि, अस्पताल में भर्ती की सुविधाएं सीमित रही हैं. सामान्य डिलीवरी के मामलों में महिला मरीजों को भर्ती किया जाता है, जबकि गंभीर और अन्य मामलों में मरीजों को हायर सेंटर भेजने की व्यवस्था रही है.फिलहाल यहां तीन नियमित चिकित्सा अधिकारियों के साथ बांड के आधार पर एक डॉक्टर के काम करने की जानकारी दी गई है. अब अस्पताल के विस्तार के साथ स्टाफ बढ़ाने की भी तैयारी है.सीएमएचओ डॉ. ओपी जुगतावत के अनुसार, पुराने भवन को तोड़कर सिविल अस्पताल को 20 से बढ़ाकर 50 बेड किया जाएगा. साथ ही डॉक्टर और अन्य स्टाफ के क्वार्टर भी बनाए जाएंगे. नए स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी.

मोरटक्का, बड़वाह और सनावद के अस्पताल भी होंगे अपग्रेड
सिंहस्थ-2028 की स्वास्थ्य व्यवस्था केवल ओंकारेश्वर तक सीमित नहीं रहेगी. इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर स्थित मोरटक्का, बड़वाह और सनावद के सरकारी अस्पतालों को भी अपग्रेडेशन प्लान में शामिल किया गया है. यहां भी सिंहस्थ को देखते हुए इलाज और मरीजों से जुड़ी सुविधाएं बढ़ाने की योजना है.इसका उद्देश्य ओंकारेश्वर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ रास्ते में आने वाले क्षेत्रों में भी जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है.

मेडिकल फर्स्ट रिस्पॉन्डर की भी तैयारी
सिंहस्थ को लेकर हाल ही में इंदौर संभाग आयुक्त भास्कर लक्षकार ने ओंकारेश्वर में सिंहस्थ-2028 के तहत प्रस्तावित और निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा की थी. इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों में भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए.वहीं सिंहस्थ सेल की संभाग स्तरीय बैठक में होमगार्ड की डिविजनल सेनानी प्रीति बाला सिंह ने सिंहस्थ से पहले मेडिकल फर्स्ट रिस्पॉन्डर शिविर स्थापित करने के निर्देश दिए हैं.

सिंहस्थ के दौरान ओंकारेश्वर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए अस्पताल का यह विस्तार स्थानीय लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. 20 बेड से 50 बेड की क्षमता, नए डॉक्टर और स्टाफ, कर्मचारियों के आवास और आसपास के सरकारी अस्पतालों के अपग्रेड होने के बाद ओंकारेश्वर की स्वास्थ्य व्यवस्था को पहले के मुकाबले मजबूत करने की तैयारी है.



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