हाई ब्रिड पिच पर झूल गए भारतीय बल्लेबाज, स्पिन के खिलाफ नौसिखिया बल्लेबाजी
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india struggle ondrop in pitch: टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के पास सिर्फ 30 गेंद थी जिसमें वो जापान के सामने एक बड़ी चुनौती रख सके. पर कहते है ना अपने घर में कमजोर टीम भी शेर बन जाती है और जिस तरह से भारतीय मूल के स्पिन गेंदबाजों ने धीमी रफ्तार से गेंद को घुमाया उसको देखकर हर कोई हैरान रह गया. पांच ओवर की क्रिकेट में छक्का तो दूर भारतीय बल्लेबाज सिर्फ दो चौके ही लगा पाई. भारत किसी तरह 2 रन से मैच जीता और अपनी इज्जत बचा पाई.
जापान की हाईब्रिड पिच पर भारतीय बल्लेबाज एक अदद छक्का मारने को तरसे
नई दिल्ली. हाईब्रिड़ पिच पर घूमती गेंदों के सामने भारतीय टीम कैसे धराशाई होती है इसका एक और उदाहरण हमें जापान के शानो क्रिकेट इंटरनेशनल मैदान पर देखने को मिला. पिंक कलर की जर्सी पहने जापान की की टीम में मानों हर स्पिन गेंदबाज मुरलीधरन और शेन वॉर्न का अक्स लेकर गेंदबाजी करता नजर आया. भारत के टॉप चार जो जबरदस्त फॉर्म लेकर जापान गए थे वो सभी 5 ओवर की क्रिकेट मैच के पेंच को नहीं समझ पाए.
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के पास सिर्फ 30 गेंद थी जिसमें वो जापान के सामने एक बड़ी चुनौती रख सके. पर कहते है ना अपने घर में कमजोर टीम भी शेर बन जाती है और जिस तरह से भारतीय मूल के स्पिन गेंदबाजों ने धीमी रफ्तार से गेंद को घुमाया उसको देखकर हर कोई हैरान रह गया. पांच ओवर की क्रिकेट में छक्का तो दूर भारतीय बल्लेबाज सिर्फ दो चौके ही लगा पाई. भारत किसी तरह 2 रन से मैच जीता और अपनी इज्जत बचा पाई.
हाईब्रिड पिच पर स्लो गेंदबाजी
ड्रॉप इन पिचों पर जिस तरह से पहली गेंद घूमी उससे ये साफ हो गया था कि इस पिच पर भारतीय बल्लेबाज स्ट्रगल करेंगे. बाएं हाथ के स्पिनर चार्ली ने कमाल की गेंदबाजी करते हुए पहले अभिषेक को 0 पर आउट किया और गेंदबाज का जिगरा देखिए पारी का अंतिम ओवर फेंका और कप्तान श्रेयस को भी आउट कर दिया. दोनो आफ स्पिनर इब्राहिम और बेंजामिन ने इशान किशन, संजू सैमसन और तिलक वर्मा सभी को परेशान किया. मजे की बात तो ये देखिए कि जिस टीम की धाक टी-20 फॉर्मेट में 10 के औसत से रन बनाने की है वो सिर्फ 6 के औसत से रन बना पाए.
बारिश की वजह से बदल गई पिच
मैच के पहले से ही लागातर बारिस की वजह से ड्रॉप इन पिच पर लगातार नमी जाती रही जिसकी वजह से पहली गेंद से ही गेंद ने ग्रिप करना शुरु किया. यहां पर जापान के तीनों स्पिनर्स की तारीफ की जानी चाहिए जिन्होंने पिच को भांप लिया और हवा में गेंद को स्पिन कराना शुरु किया और गेंद की रप्तार इतनी धीमी रखी जिससे गेंद बल्लेबाजों तक ना पहुच पाए. भारतीय बल्लेबाजों के आउट होने का विशलेषण करेंगे तो पाएंगे कि ज्यादातर बल्लेबाजों ने गेंद तक पहुंचने के बजाए खड़े खड़े बड़े शॉट्स खेलने की कोशिश की जिससे गेंद बार बार उनक बैट के किनारे से टकराती रही और लगातार विकेट गिरते रहे. 5 औवर में सिर्फ 32 रन बना पाना इस बात का सबूत है कि जापान के गेंदबाजों ने सहीं लाइन और लेंथ के साथ रफ्तार पर भी नियंत्रण रखा.
पिच बल्लेबाजी के लिए इतनी चैलेजिंग थी कि दोनों टीमों ने 60 गेंदों पर सिर्फ 62 रन बनाए और 4 चौके लगे. अंत में भारत 2 रन से मैच जीतने में कामयाब रहा.