GDA पर 6.34 करोड़ का बकाया, खाते कुर्क फिर भी लोगों को नहीं मिल रहा पैसा; DM ने दी आखिरी चेतावनी

GDA पर 6.34 करोड़ का बकाया, खाते कुर्क फिर भी लोगों को नहीं मिल रहा पैसा; DM ने दी आखिरी चेतावनी


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Ghaziabad News : जीडीए एक बार फिर वित्तीय मुश्किलों और अदालती झमेलों में घिरता नजर आ रहा है. गाजियाबाद के डीएम ने जीडीए उपाध्यक्ष को कड़ा पत्र जारी कर बकाया राशि जल्द से जल्द जमा करने या कोर्ट से स्टे लाने की चेतावनी दी है.

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जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मंदर.

गाजियाबाद: गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) एक बार फिर वित्तीय और कानूनी पेंच में फंसता नजर आ रहा है. आम लोगों और फ्लैट खरीदारों के हक में यूपी रेरा और जिला उपभोक्ता फोरम के फैसले आने के बाद भी उन्हें उनका पैसा नहीं मिल पा रहा है. वजह यह है कि GDA के बैंक खाते कुर्क किए जा चुके हैं, लेकिन खातों से भुगतान पर रोक लगी हुई है.

एनबीटी की रिपोर्ट के अनुसार, मामला अब इतना बढ़ गया है कि गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मंदर ने GDA उपाध्यक्ष को कड़ा पत्र भेजकर अंतिम चेतावनी दी है. प्रशासन ने साफ कहा है कि या तो बकाया रकम जल्द जमा की जाए या फिर किसी सक्षम अदालत से स्टे ऑर्डर पेश किया जाए. ऐसा नहीं होने पर कुर्क बैंक खातों से नियमानुसार रकम निकालकर भुगतान की कार्रवाई की जा सकती है.

34 मामलों में 6.34 करोड़ से ज्यादा की देनदारी

जानकारी के मुताबिक, यूपी रेरा के वर्ष 2021 से जुड़े 28 रिकवरी नोटिस अभी लंबित हैं. इनकी कुल रकम 6.07 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है. वहीं, जिला उपभोक्ता फोरम के वर्ष 2024-25 के 9 मामले भी लंबित हैं, जिनमें करीब 26.95 लाख रुपये की रकम शामिल है. कुल मिलाकर करीब 34 मामलों में GDA पर 6.34 करोड़ रुपये से ज्यादा की देनदारी बताई गई है. इन मामलों में कई खरीदारों ने प्रोजेक्ट में देरी और दूसरी समस्याओं को लेकर रेरा और उपभोक्ता फोरम का रुख किया था. संबंधित संस्थाओं ने ग्राहकों के पक्ष में फैसला देते हुए GDA को रिफंड और मुआवजा देने के आदेश दिए.

खाते में पैसा, लेकिन पीड़ितों के हाथ खाली

समय पर भुगतान नहीं होने पर तहसीलदार की ओर से रिकवरी की कार्रवाई शुरू की गई. इसके तहत विजया बैंक की नवयुग मार्केट शाखा और पंजाब नेशनल बैंक की आंबेडकर रोड शाखा में GDA के खाते कुर्क किए गए. जब तहसील के अमीन वसूली के लिए बैंक पहुंचे तो शाखा प्रबंधकों ने बताया कि GDA के वित्त नियंत्रक की ओर से भुगतान पर रोक लगाई गई है. यानी खाते में रकम होने के बावजूद आदेश के मुताबिक पैसा पीड़ितों तक नहीं पहुंच पा रहा है.

अब कोर्ट और प्रशासन दोनों की नजर

बकाया रकम का भुगतान नहीं होने से कई पीड़ितों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है. वहीं जनसुनवाई पोर्टल, राज्य सूचना आयोग और आरटीआई के जरिए भी शिकायतें की जा रही हैं. अब जिलाधिकारी की अंतिम चेतावनी के बाद GDA पर दबाव और बढ़ गया है. प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर GDA के पास भुगतान रोकने का कोई वैध न्यायिक आदेश है तो उसे पेश करे, वरना कुर्क खातों से बकाया रकम की वसूली की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी.



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