2 कच्चे केले, मुठ्ठी भर गेहूं बदल सकते हैं भाग्य, अनंत चतुर्दशी पर करें ये काम
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Anant Chaturdashi Rituals : भगवान विष्णु का न तो कोई आदि है और न ही कोई अंत, इसलिए उन्हें ‘अनंत’ भी कहा जाता है. इस साल 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी मनाई जाएगी. इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से परेशानियां दूर होती हैं. लोकल 18 से अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम बताते हैं कि अनंत चतुर्दशी से एक दिन पहले दो कच्चे केले घर में लाकर रख लें. अगले दिन सफेद वस्त्र पर दोनों कच्चे केले रखें. साथ में एक हल्दी की गांठ रखें. पूजा की इस विधि से परेशानियां दूर होती हैं और भगवान श्रीहरि की कृपा बनी रहती है. ये काम अनंत चतुर्दशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने के बाद ही करें.
अयोध्या. हिंदू धर्म में अनंत चतुर्दशी का विशेष धार्मिक महत्व है. हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया जाएगा. यह दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा और आराधना के लिए विशेष माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और भगवान श्रीहरि की कृपा प्राप्त होती है. अयोध्या के ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम लोकल 18 से बताते हैं कि अनंत चतुर्दशी सनातन धर्म का पवित्र पर्व है. इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करते हैं. भगवान विष्णु को ‘अनंत’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि उनका न तो कोई आदि है और न ही कोई अंत.
इस मंत्र का करें जाप
पंडित कल्कि राम बताते हैं कि अनंत चतुर्दशी से एक दिन पहले यदि संभव हो तो दो कच्चे केले घर में लाकर रख लें. अनंत चतुर्दशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें. इसके बाद एक सफेद वस्त्र को हल्दी से रंगकर पूजा स्थान पर बिछाएं. इस वस्त्र पर दोनों कच्चे केले रखें और साथ में एक हल्दी की गांठ रखें. इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए ‘ॐ अनंताय नमः’ मंत्र का 12 बार जाप करें. पंडित कल्कि राम के अनुसार भगवान विष्णु के अनेक नामों में ‘अनंत’ भी एक नाम है. इसलिए इस दिन भगवान श्रीहरि के अनंत स्वरूप का ध्यान करते हुए इस मंत्र का जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है.
ऐसे कटेंगे आर्थिक संकट
पंडित कल्कि राम के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा है तो अनंत चतुर्दशी की शाम एक फूल या पीतल के कटोरे में साफ गेहूं भरें. इसमें एक हल्दी की गांठ रखें. इसके बाद कटोरे को अपने सामने रखकर दीपक जलाएं और हल्दी की गांठ के पास दीपक रखकर ‘ॐ अनंताय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें. मंत्र जाप पूरा होने के बाद गेहूं से भरे इस पात्र को पीले कपड़े से ढककर रसोई के किसी साफ स्थान पर रख दें. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस उपाय से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होने और आर्थिक परेशानियों से राहत मिलने की कामना की जाती है.