Dehradun News : ‘पापा इसकी रेसिपी पाकिस्तान से लाए थे’, देहरादून का मशहूर आटा बिस्किट, जिसके दीवाने हैं धोनी

Dehradun News : ‘पापा इसकी रेसिपी पाकिस्तान से लाए थे’, देहरादून का मशहूर आटा बिस्किट, जिसके दीवाने हैं धोनी


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Dehradun Atta Biscuits : देहरादून के आटा बिस्कुट का दीवाना कौन नहीं. आपने कई तरह के बिस्किट खाए होंगे लेकिन इसकी बात ही कुछ अलग है. यहां तैयार होने वाले स्वाद की सादगी और कुरकुरापन लोगों को दशकों से अपनी ओर खींच रहा है. दुकान के मालिक जगजीत सिंह बताते हैं कि विभाजन के बाद उनके पिता पाकिस्तान से आकर देहरादून में बसे थे. वही हुनर और स्वाद वे देहरादून लेकर आए. शुरुआत में लोग खुद मैदा, चीनी और दूध लेकर दुकान पर आते और बिस्किट बनवाकर ले जाते थे. महेंद्र सिंह धोनी और उनकी जब भी देहरादून आते हैं, तो यहां के बिस्किट ले जाना नहीं भूलते हैं.

देहरादून. आपने कई तरह के बिस्किट खाए होंगे लेकिन देहरादून के आटा बिस्कुट का स्वाद ही अलग है. ये आजादी के पहले से ही देहरादून में तैयार किया जा रहे हैं जिन्हें अंग्रेज अफसर खाना खूब पसंद करते थे. अब यह अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में भी भेजे जाते हैं. हम बात कर रहे हैं देहरादून की पुरानी और मशहूर बेकरी की, जिसका नाम सन राइज बेकरी है. 1947 से पलटन बाजार की घोसी गली की पहचान सनराइज बेकर्स के आटा बिस्किट और रस्क आज भी पुराने स्वाद की याद दिलाते हैं. देहरादून के आटा बिस्कुट का स्वाद अपने आप में बेहद खास है, जिसके दीवाने लोग सालों से हैं. आपने कई तरह के बिस्किट खाए होंगे लेकिन यहां के आटा बिस्कुट की बात ही कुछ अलग है.

सादगी, कुरकुरापन

‘सनराइज बेकर्स’ के आटा बिस्किट और रस्क लोगों को पुराने दौर के ऑथेंटिक टेस्ट की याद दिलाते हैं. यहां तैयार होने वाले आटा बिस्किटों की सादगी, कुरकुरापन और देसी स्वाद लोगों को दशकों से अपनी ओर आकर्षित करता रहा है. समय बदलने के बावजूद बेकरी ने अपने बेकिंग के पारंपरिक तरीके और स्वाद की गुणवत्ता को बनाए रखा है. दुकान के मालिक जगजीत सिंह बताते हैं कि विभाजन के बाद उनके पिता पाकिस्तान से आकर देहरादून में बसे थे. उन्होंने पाकिस्तान में ही बिस्कुट, रस्क और खताई बनाने की शुरुआत की थी. वही हुनर और स्वाद वे देहरादून लेकर आए.

जगजीत सिंह कहते हैं कि शुरुआती दौर में लोग खुद मैदा, चीनी और दूध जैसी सामग्रियां लेकर दुकान पर आते थे और बिस्किट और रस्क बनवाकर ले जाते थे. उस समय सिर्फ बनवाई के पैसे लिए जाते थे और बिस्किट-रस्क लिफाफे में दिए जाते थे, जिनकी कीमत मात्र 8 आने हुआ करती थी. समय के साथ बदलाव आया और आज यहां रस्क के एक पैकेट की कीमत 150 रुपये हो गई है, लेकिन स्वाद की सादगी आज भी वही है.

सनराइज बेकर्स के रस्क और आटा बिस्किट अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और जापान जैसे देशों में रहने वाले ग्राहकों तक भेजे जाते हैं. आम जनता और प्रवासियों के अलावा, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और उनकी पत्नी साक्षी धोनी भी जब भी देहरादून आते हैं, तो यहां के बिस्किट और रस्क ले जाना नहीं भूलते हैं.



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