उड़द गई, सोयाबीन गई, अब मक्का भी नहीं बची, सागर में किसानों की कमर टूटी
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Sagar: सागर जिले में तेज आंधी और बारिश के कारण मक्का की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, जिससे सैकड़ों गांवों के किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है. राजस्व और कृषि विभाग संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट सरकार को भेजेगा.
Agri: मौसम की अनिश्चितता के कारण सागर का किसान एक बार फिर रोने के लिए मजबूर हो गया है. उड़द और सोयाबीन की फसल पहले ही बर्बाद हो चुकी थी और मक्का की फसल से जिन किसानों की उम्मीद बची थी. बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश और तेज आंधी तूफान ने उसको भी ध्वस्त कर दिया है. क्योंकि सागर जिले के राहतगढ़, खुरई, रहली, गढ़ाकोटा, जैसीनगर, बंडा, देवरी केसली ब्लॉक के सैकड़ो गांव में मक्का की फसल खेतों में सो (बिछ) गई है. जिससे इनमें जो भुट्टे आ गए थे वह मिट्टी में लगकर खराब हो रहे और जो बारिश हो रही इसकी वजह से सड़ रहे हैं और अब अगर यह फसल पक भी जाएगी तो भुट्टो की तुड़ाई मुश्किल होगी.
मक्का की फसल का बीज तो महंगा होता ही है और इसमें दो से तीन बार खाद भी डालनी पड़ती है. कीटनाशक दवा का छिड़काव करना पड़ता है. इस तरह से तमाम पड़ाव से होते हुए फसल तैयार होती है. लेकिन मूसलाधार बारिश में किसानों की मेहनत को बर्बाद कर दिया. कई किसानों की तरफ से कर्ज लेकर खेती की जा रही थी. उनकी भी उम्मीदे इस मिट्टी में ही मिल गई है. अब प्रशासन कह रहा है की राजस्व और कृषि विभाग का अमला लगातार खेतों का गांव का सर्वे कर रहा है और इसकी रिपोर्ट बनाकर जल्द ही वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से सरकार तक भेजेगा.
आंधी की वजह से फसल बर्बाद
सेमरा माधौ के किस महेंद्र साहू ने बताया कि शनिवार और रविवार को हमारे क्षेत्र में बहुत अधिक और बहुत तेज बारिश हुई. इसके बाद आंधी और तूफान चला जिसकी वजह से मक्का की जो फसल तैयार खड़ी थी. इनमें भुट्टे आने लगे थे. आंधी की वजह से यह फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है और पूरा गांव का किसान रोने को मजबूर है. हम लोगों ने तहसील पहुंचकर शिकायत की है, तहसीलदार साहब से कहा है कि वह सर्वे करने को तैयार है.
कर्रापुर के किसान नरेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि उनके पास 12 एकड़ जमीन है, जिसमें उन्होंने उड़द सोयाबीन और मक्का की फसल लगाई हुई है. लेकिन ज्यादा बारिश होने की वजह से उड़द की फसल पहले ही सड़ गई थी. सोयाबीन में पीला लग गया और आंधी चलने की वजह से मक्का की फसल खेत में ही आड़ी हो गई है. अब जो कर्ज लेकर बुआई की थी उसको कैसे चुकाएंगे और आगे जो रवि सीजन आने वाला है उसमें खेती कैसे करेंगे कुछ समझ नहीं आ रहा है.
लोगों ने की प्रशासन से शिकायत
किसान नरेंद्र पटेल ने बताया कि उनके पास पांच एकड़ खेती है. इस बार उन्होंने सोयाबीन और मक्का की बुवाई की थी. पहली बारिश हो नहीं रही थी तो फसल सूख रही थी. लेकिन अब ज्यादा बारिश होने की वजह से फसल खेत में ही खराब हो रही है. हम लोगों ने प्रशासन से शिकायत की है ताकि सर्वे कर कुछ सरकार मदद कर दे.
रहली तहसीलदार राजेश पांडे ने local 18 को बताया कि पिछले तीन दिनों से बारिश हो रही है. इसके साथ में आंधी तूफान चल रहा है, जिससे कई गांव की मक्के की फसल में नुकसान हुआ है. प्रारंभिक आकलन में पाया गया है कि मक्का की फसल पूरी तरह से खेत में बिछ गई है. बरखेड़ा, बागरोन, सेमरा, माधौ, जूना, तिन्सी दरारिया, चांदपुर, रानीपुरा, देवरी चौबे, सहित और भी कई गांव का हमने खुद मौके पर पहुंचकर सर्वे किया है, जिसमें मक्के की फसल संपूर्ण रूप से सो गई है. फसल में जो क्षति पाई जा रही है. कृषि विभाग के साथ मिलकर साथ में मिलकर सर्वे किया जा रहा है और उसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी.