हरा गमछा और AI वाला डायलॉग कौन रटवाया था रे दीपक? जमुई कांड पर तेजस्वी यादव का सम्राट चौधरी पर जबरदस्त कटाक्ष

हरा गमछा और AI वाला डायलॉग कौन रटवाया था रे दीपक? जमुई कांड पर तेजस्वी यादव का सम्राट चौधरी पर जबरदस्त कटाक्ष


बिहार में जमुई में नाबालिग लड़की के साथ कुछ युवकों के अभद्र व्यवहार और यौन उत्पीड़न को लेकर बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को संकेत करते हुए सोशल मीडिया पर एक काल्पनिक संवाद पोस्ट किया है. जस्वी ने एक काल्पनिक संवाद के जरिए सरकार, पुलिस की कार्रवाई और सम्राट चौधरी के पुराने ‘हरा गमछा’ वाले बयान को जोड़ने की कोशिश की है.

तेजस्वी यादव ने रचा काल्पनिक संवाद दृश्य

तेजस्वी यादव के पोस्ट में मुख्यमंत्री और पुलिस अधिकारी के बीच बातचीत का एक काल्पनिक दृश्य रचते हुए गमछे के रंग से लेकर आरोपियों की जाति और कथित राजनीतिक पहचान तक के सवाल उठाए गए हैं. पोस्ट में तेजस्वी ने व्यंग्य के जरिए यह सवाल खड़ा किया कि अपराध के मामलों में कार्रवाई का आधार क्या होना चाहिए. इसी कड़ी में उन्होंने सम्राट चौधरी के ‘हरा गमछा’ वाले AI बयान को भी निशाने पर लिया. उन्होंने जमुई मामले में कथित आरोपी के गमछे के रंग को लेकर व्यंग्य किया है और पोस्ट में भगवा रंग का जिक्र करते हुए उन्होंने सम्राट चौधरी की राजनीति पर सवाल उठाने की कोशिश की है.

तेजस्वी ने इसी व्यंग्य को आगे बढ़ाते हुए पुलिस अधिकारी के नाम पर जाति और समुदाय का एंगल खोजने की बात भी लिखी है. हालांकि यह पूरा संवाद तेजस्वी यादव की राजनीतिक व्यंग्य शैली में लिखा गया काल्पनिक संवाद है, किसी वास्तविक पुलिस बातचीत का रिकॉर्ड नहीं. लेकिन आइए देखते हैं कि सियासी कटाक्ष के तौर पर रचे गए इस काल्पनिक दृश्य के संवाद क्या हैं.

तेजस्वी का वायरल पोस्ट क्या है?

तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में लिखा है कि जमुई कांड के वक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जातीय सम्मेलन कर रहे थे और रात में पुलिस अधिकारी को फोन घुमाकर पूछ रहे हैं.

CM: लड़की छेड़ने वाले ने किस रंग का गमछा लपेटा हुआ था?
पुलिस- सर…..भगवा! एकदम आप जैसा
CM:- फिर तो वह भगवा बलात्कारी ना हुआ. मतलब विचार से तो सात्विक और मोदी समर्थक ही होगा ना जी?? अच्छा…ध्यान से देखिए उस भगवा गमछे में कहीं राई भर भी हरा रंग है?
पुलिस:- नहीं हुजूर, हमारे IO ने तो आपकी फर्जी AI को दर्जी बनाकर पूछ लिया, कहीं हरा नहीं है. AI कह रहा है कि इन आरोपियों की उम्र में बोरिंग रोड पर आपका CM भी यही काम करता था.
CM:- बकवास बंद करो, जल्दी से आरोपियीं की जाति बताओ?
पुलिस:- सर, ये सब इधर के ही समर्थक है.
CM:- कुछ करो, मुस्लिम और यादव एंगल ढूंढो, कैसे भी.
पुलिस:- सर मुश्किल है…
CM:- सस्पेंड कर देंगे तुमको, जो बोला वो करो! किसी दारू और मर्डर केस के आरोपी को इस केस में फँसा दो लेकिन कछु करो यार….
पुलिस:- सर, हम तो आपसे ज्यादे ही व्याकुल है.
CM:- ज्यादा होशियार बनते है, जल्दी करो!
दांत पीसते हुए, मोदी जी अब चुनाव में कहां से ,“मारब सिक्सर की छहो गोली छाती में रे, पॉवर होला ई ख़ाली…जाति में रे”” गाना टेलीप्रॉम्प्टर पर गायेंगे?

गाने और हरा गमछा वाले डायलॉग पर तंज

पोस्ट के अंत में तेजस्वी ने लिखा, बुदबुदाते हुए, ये हरा गमछा और AI वाला डायलॉग हमको कौन अधिकारी रटवाया था रे….दीपक? जरा पता करो… दरअसल, तेजस्वी का आरोप है कि मुख्यमंत्री मामले को जाति और धर्म के एंगल में उलझाकर असली आरोपियों को बचा रहे हैं.

तेजस्वी यादव के सोशल मीडिया पोस्ट का स्क्रीनशॉट

‘भगवा गमछा’ के जरिए कटाक्ष

असल में तेजस्वी यादव के ताजा पोस्ट का सबसे राजनीतिक हिस्सा वह है, जहां उन्होंने जमुई मामले में कथित आरोपी के गमछे के रंग को लेकर व्यंग्य किया है. पोस्ट में भगवा रंग का जिक्र करते हुए उन्होंने सम्राट चौधरी की राजनीति पर सवाल उठाने की कोशिश की है. बता दें कि मई 2026 में बिहार AI समिट के दौरान सम्राट चौधरी ने AI और सीसीटीवी की क्षमता समझाते हुए हरे गमछे वाले लोगों को खोजने का उदाहरण दिया था. उस वक्त आरजेडी ने सीएम सम्राट चौधरी के इस बयान पर आपत्ति जताई थी. वहीं, अब जब तेजस्वी ने इसी व्यंग्य को आगे बढ़ाते हुए पुलिस अधिकारी के नाम पर जाति और समुदाय का एंगल खोजने की बात भी लिखी है.

जमुई में क्या हुआ था?

जमुई पुलिस के मुताबिक, विगत 19 सितंबर की शाम जमुई में दो नाबालिग छात्र कोचिंग के बाद एक स्थान से लौट रहे थे. इसी दौरान युवकों के एक समूह ने उन्हें रोका. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया. पुलिस ने पीड़ितों की पहचान की और प्राथमिकी दर्ज की. तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और बाकी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए एसआईटी बनाई गई है.

पुराने बयान को नए विवाद से जोड़ा

तेजस्वी का ताजा हमला इसलिए भी राजनीतिक है क्योंकि ‘हरा गमछा’ वाला बयान पहले ही बिहार में सत्ता और विपक्ष के बीच विवाद का मुद्दा बन चुका है. उस समय आरजेडी ने इसे अपने समर्थक सामाजिक समूहों और पार्टी की पहचान से जोड़कर आपत्ति जताई थी. सम्राट चौधरी की ओर से बाद में यह कहा गया था कि उनका इशारा किसी खास व्यक्ति या समुदाय की तरफ नहीं था. हालांकि यह पूरा संवाद तेजस्वी यादव की राजनीतिक व्यंग्य शैली में लिखा गया काल्पनिक संवाद है, किसी वास्तविक पुलिस बातचीत का रिकॉर्ड नहीं.



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