सीएसके के हेड कोच जहीर खान को कितनी मिलेगी सैलरी, जानें इनसाइड स्टोरी
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Zaheer Khan Salary as CSK Head Coach: स्टीफन फ्लेमिंग के अलग होने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स ने दिग्गज जहीर खान को टीम का नया मुख्य कोच नियुक्त किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक सीएसके ने कोच पद के लिए 5 से 7 करोड़ रुपये की सैलरी का बजट रखा है. उम्मीद है कि जहीर को इसी ब्रैकेट में भुगतान होगा, जिसे भविष्य में बढ़ाया भी जा सकता है.
जहीर खान को सीएसके से कितनी मिलेगी सैलरी.
नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग की सबसे सफल टीमों में से एक चेन्नई सुपर किंग्स और उनके लंबे समय से हेड कोच रहे स्टीफन फ्लेमिंग का साथ छूटने के बाद से ही नए हेड कोच को लेकर सस्पेंस बना हुआ था. अब जब पूर्व दिग्गज भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान की इस पद पर एंट्री हुई है, तो क्रिकेट गलियारों में सबसे बड़ा सवाल उनकी सैलरी और कॉन्ट्रैक्ट को लेकर उठ रहा है. जहां तक जहीर खान की सैलरी की बात है, तो आधिकारिक तौर पर यह पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है कि उन्हें सटीक रूप से कितना पैसा मिलेगा. हालांकि, हालिया रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने सपोर्ट स्टाफ और कोच पद के लिए 5 से 7 करोड़ रुपये की सैलरी का एक निश्चित बजट निर्धारित किया था.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जहीर खान का कद और उनके अनुभव देखते हुए उन्हें इसी 5 से 7 करोड़ रुपये के ब्रैकेट के आसपास की फीस मिलने की पूरी संभावना है. इतना ही नहीं, अगर जहीर खान (Zaheer Khan) के मार्गदर्शन में टीम का प्रदर्शन बेहतरीन रहता है और दोनों पक्षों के बीच कॉन्ट्रैक्ट आगे बढ़ता है, तो यह पूरी तरह संभव है कि आने वाले समय में उनकी सैलरी में अच्छी-खासी बढ़ोतरी भी कर सकती है.
जहीर खान की सैलरी, क्या आंकड़े निकलकर आ रहे हैं?
जहां तक जहीर खान की सैलरी की बात है, तो फ्रेंचाइजी या ज़हीर की तरफ से अभी तक किसी आधिकारिक आंकड़े की घोषणा नहीं की गई है और यह पूरी तरह से साफ नहीं है कि उन्हें कितना पैसा मिलेगा. हालांकि, खेल जगत की अंदरूनी रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि चेन्नई सुपर किंग्स ने अपने किसी भी मुख्य कोच के लिए 5 से 7 करोड़ रुपये की सैलरी का एक निश्चित बजट तय किया था.
ऐसे में यह पूरी तरह से संभव माना जा रहा है कि ज़हीर खान को भी इसी 5 से 7 करोड़ रुपये के ब्रैकेट के आसपास ही सालाना सैलरी दी जाएगी. आईपीएल में मुख्य कोच के तौर पर मिलने वाली यह राशि एक हैंडसम पैकेज मानी जाती है. इसके अलावा, अनुबंध के नियम और फ्रेंचाइजी की परंपरा यह भी इशारा करती है कि यदि ज़हीर का कॉन्ट्रैक्ट आगे बढ़ता है और टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक रहता है, तो सीएसके आने वाले सालों में उनकी सैलरी में सम्मानजनक इजाफा भी कर सकती है.
हेमांग बदानी से क्यों टूटी बातचीत?
ज़हीर खान के नाम पर मुहर लगने से पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर हेमांग बदानी इस रेस में सबसे आगे चल रहे थे. रिपोर्टों के अनुसार, स्टीफन फ्लेमिंग की जगह लेने के लिए बदानी सीएसके प्रबंधन की पहली पसंद बनकर उभरे थे. उन्होंने फ्रेंचाइजी की लगभग सभी शर्तों और पैमानों पर खरा उतरने का काम किया था. यहां तक कि पैसों और अनुबंध की अवधि को लेकर बातचीत अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी.
लेकिन फिर भी बात नहीं बन सकी. इसके पीछे मुख्य वजह अनुबंध की अवधि और पोर्टफोलियो का दायरा था. बदानी को शुरुआत में ऐसा लगा था कि वे फ्रेंचाइजी की कम से कम तीन टीमों (विदेशी लीगों सहित) का काम संभालेंगे. हालांकि, SA20 में जोहान्सबर्ग सुपर किंग्स के मुख्य कोच के रूप में एल्बी मोर्कल की नियुक्ति के बाद बदानी के साथ बातचीत पटरी से उतर गई. बदानी को केवल सीएसके (आईपीएल) तक सीमित रखा जा रहा था और कोई विदेशी टीम उनके पोर्टफोलियो में शामिल नहीं थी.
एमएस धोनी, रुपा गुरुनाथ और जहीर खान की सरप्राइज एंट्री
क्रिकेट गलियारों में यह बात अब किसी से छिपी नहीं है कि रुपा गुरुनाथ के साथ मिलकर एमएस धोनी ही फ्रेंचाइजी के बड़े फैसलों में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं. जिस तरह से बदानी, एक अन्य भारतीय दिग्गज और यहां तक कि एक विदेशी उम्मीदवार के साथ बातचीत खत्म हुई, उससे साफ होता है कि फ्रेंचाइजी अभी बहुत आगे की योजना बनाने के मूड में नहीं है. सीएसके के इस रवैये के बीच ज़हीर खान की नियुक्ति ने उन सभी लोगों को चौंका दिया है जो इस घटनाक्रम पर नज़र बनाए हुए थे. खेल उद्योग के जानकारों का मानना है कि ज़हीर खान की यह नियुक्ति फिलहाल एक ‘स्टॉप-गेप’ (अस्थायी व्यवस्था) के रूप में देखी जा रही है. फ्रेंचाइजी संभवतः आगामी मेगा ऑक्शन के दौरान पूरी तरह से रिसेट बटन दबाने की योजना बना रही है.