सागर जहरीली शराबकांड: फरार आरोपी मनीष लोधी के खाते से निकले 7.95 लाख, खेती के खाते में 2 करोड़ का खेल

सागर जहरीली शराबकांड: फरार आरोपी मनीष लोधी के खाते से निकले 7.95 लाख, खेती के खाते में 2 करोड़ का खेल


Sagar News: सागर में 36 लोगों की मौत से जुड़े जहरीली शराबकांड की जांच के बीच फरार आरोपी मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर के बैंक खाते से हुए लेनदेन ने नया सवाल खड़ा कर दिया है. पुलिस रिकॉर्ड में फरार और इनामी आरोपी के खाते से 11, 14 और 15 सितंबर को तीन सेल्फ चेक के जरिए कुल 7.95 लाख रुपए निकाले गए. खास बात यह है कि एफआईआर दर्ज होने और इनाम घोषित होने के बाद भी खाते से लेनदेन जारी रहा. अब जांच का अहम बिंदु यह है कि सेल्फ चेक बैंक तक कौन लेकर पहुंचा और भुगतान से पहले बैंक ने उसकी पहचान किस तरह सत्यापित की.

मनीष जिस बैंक खाते का इस्तेमाल शराब कारोबार के लिए कर रहा था, वह किसान गोल्ड कार्ड खाता है. इस खाते की लिमिट महज 8.50 लाख रुपए है. इसके बावजूद मार्च से 15 सितंबर के बीच खाते से करीब 2 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ. खाते के स्टेटमेंट में खेती से जुड़ा प्रमुख खर्च केवल 4,082 रुपए की फसल बीमा कटौती दिखाई देती है. इसके उलट आबकारी विभाग और शराब कारोबार से जुड़े अन्य लेनदेन में बड़ी रकम सामने आई है.

2 मार्च को खाते में केवल 460 रुपए थे. उसी दिन खाते में 4.50 लाख रुपए नकद जमा किए गए. मार्च में ही तीन बार में कुल 15.50 लाख रुपए नकद जमा हुए. इसके बाद 15 सितंबर तक खाते में करीब 1.90 करोड़ रुपए जमा हुए, जबकि लगभग 1.98 करोड़ रुपए की निकासी हुई.

4 सितंबर को सरकारी पेमेंट गेटवे के जरिए खाते में 25.31 लाख रुपए आए. करीब एक घंटे बाद 8.50 लाख रुपए दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए गए. 5 सितंबर को 90 हजार रुपए और 7 सितंबर को 15.88 लाख रुपए ट्रांसफर हुए. इन लेनदेन के बाद खाते में महज 570 रुपए बचे.

खाते के स्टेटमेंट में खेती से संबंधित केवल 4,082 रुपए की फसल बीमा कटौती दर्ज है. वहीं आबकारी विभाग के ई-पेमेंट पोर्टल से जुड़े लेनदेन में छह बार में करीब 18.47 लाख रुपए का भुगतान हुआ. सरकारी कलेक्शन से संबंधित प्रविष्टियों में भी करीब 30.47 लाख रुपए के भुगतान का उल्लेख है.

मामले में 6 सितंबर को एफआईआर दर्ज हुई. इसके अगले दिन 15.88 लाख रुपए दूसरे खातों में ट्रांसफर किए गए. 9 सितंबर को मनीष पर इनाम घोषित होने के बाद भी 11, 14 और 15 सितंबर को सेल्फ चेक के जरिए कुल 7.95 लाख रुपए निकाले गए. इससे बैंकिंग प्रक्रिया और पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े हो रहे है. आखिर सेल्फ चेक किस व्यक्ति ने बैंक में पेश किए? बैंक ने उसकी पहचान किस तरह सत्यापित की? एफआईआर के बाद पुलिस ने खाते को फ्रीज कराने के लिए बैंक को कब सूचना दी?

जहरीली शराबकांड के बाद सागर एसपी अनुराग सुजानिया ने बंडा थाना और गूगरा चौकी के दो एसआई समेत करीब 40 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया. इनमें प्रधान आरक्षक और आरक्षक भी शामिल है. इससे पहले बंडा एसडीओपी प्रदीप वाल्मीकि और थाना प्रभारी राजेंद्र कुशवाहा को भी हटाया जा चुका है.

पुलिस के मुताबिक अब पूरे मामले की जांच के साथ बैंक खाते से हुए लेनदेन की भी तस्दीक कराई जाएगी. एसपी अनुराग सुजानिया ने कहा कि फरार आरोपी के खाते से निकासी का मामला संज्ञान में आया है और यह पता कराया जाएगा कि ऐसा कैसे हुआ.



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