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Atru Municipal Council Chairman Elections 2026 : अपने बेबाक बयानों के लिए राजस्थान के सियासी गलियारों में हमेशा चर्चा में रहने वाले सूबे के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के छोटे भाई कृष्ण मुरारी अटरू नगरपालिका अध्यक्ष का चुनाव हार गए हैं. अटरू नगरपालिका में कांग्रेस ने स्पष्ट बहुमत के साथ अपना बोर्ड बनाया है. वहां कांग्रेस की निशा नैनीवाल पहली पालिकाध्यक्ष बनी हैं. बीजेपी प्रत्याशी कृष्ण मुरारी की तीन वोटों से हार हुई है.
कांग्रेस की निशा नैनीवाल ने बीजेपी के कृष्ण मुरारी दिलावर को तीन वोटों से हराया है.
बारां. राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के सगे छोटे भाई कृष्ण मुरारी को अटरू नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है. बारां जिले की अटरू नगर पालिका में कांग्रेस ने अपना बोर्ड बनाने के साथ ही अध्यक्ष पद पर भी कब्जा जमा लिया है. यहां कांग्रेस की निशा नैनीवाल अटरू नगर पालिका की पहली अध्यक्ष निर्वाचित हुई हैं. अध्यक्ष पद के लिए हुए मतदान में नैनीवाल को 14 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी कृष्ण मुरारी दिलावर को 11 वोट मिले. कांग्रेस प्रत्याशी ने 3 वोट से जीत दर्ज की.
बीजेपी को 10 पार्षद जीत थे
अटरू में बीजेपी को 10 पार्षद जीत कर आए थे. एक वार्ड में निर्दलीय पार्षद ने जीत दर्ज कराई थी. सोमवार को हुए पालिका अध्यक्ष पद के लिए बीजेनी ने यहां शिक्षा मंत्री के भाई कृष्ण मुरारी पर दांव खेला. कांग्रेस ने यहां निशा नैनीवाल को अपना प्रत्याशी बनाया था. बीजेपी ने यहां निर्दलीय प्रत्याशी को तो साध लिया लेकिन वह कांग्रेस के पार्षदों में सेंध नहीं लगा सकी. नैनीवाल को यहां पार्टी के सभी 14 पार्षदों का समर्थन मिला. उन्होंने 14 वोट हासिल कर अध्यक्ष पद अपने नाम कर लिया. भाजपा के अध्यक्ष पद उम्मीदवार कृष्ण मुरारी दिलावर को 11 वोट मिले.
कृष्ण मुरारी चार बार लगातार सरपंच रह चुके हैं
कृष्ण मुरारी अटरू के वार्ड नंबर 5 से चुनाव जीते हैं. कृष्ण मुरारी दिलावर लंबे समय से स्थानीय राजनीति में सक्रिय हैं. वे चरड़ाना ग्राम पंचायत के लगातार 4 बार सरपंच भी रह चुके हैं. यह वार्ड चुनाव से पहले भी चर्चा में रहा था. इसकी वजह भी शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ही थे. इस वार्ड से मदन दिलावर के बेटे पवन दिलावर ने भी बीजेपी से टिकट मांगी थी. एक ही परिवार से चाचा भतीजा की ओर से एक ही वार्ड से टिकट मांगने से यह मामला खासा चर्चा में रहा था. बाद में पार्टी ने दिलावर के भाई को टिकट दिया था. अटरू नगरपालिका में अध्यक्ष पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित था.