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Send Ki Sabji: बारिश के मौसम में खेतों में फसलों के साथ कई तरह की देसी सब्जियां भी देखने को मिलती हैं. इनमें सेंद की सब्जी ग्रामीण इलाकों में खास पसंद की जाती है. यह करीब दो महीने तक खेतों में मिलती है. खासकर बाजरा काटने के दौरान किसान खेतों से ताजी सेंद तोड़कर घर लाते हैं. इसके स्वाद से गांवों की पुरानी यादें जुड़ी हैं और बुजुर्ग आज भी इसे पसंद करते हैं.
धौलपुर: बारिश के मौसम में खेतों में फसलों के साथ कई तरह की देसी सब्जियां भी उगती हैं. इन्हीं में से एक है सेंद की सब्जी. इसका स्वाद गांवों में आज भी लोगों को खूब पसंद आता है. सेंद करीब दो महीने तक खेतों में मिलती है. खासकर बाजरा काटने के दौरान किसान खेतों से ताजी सेंद तोड़कर घर लाते हैं और इससे स्वादिष्ट सब्जी तैयार करते हैं. यह सब्जी ग्रामीण खानपान की पुरानी परंपरा का हिस्सा है और बुजुर्ग इसे काफी पसंद करते हैं.
सेंद की सब्जी बनाना बहुत आसान है और इसे कम समय में तैयार किया जा सकता है. सबसे पहले खेत से लाई गई सेंद को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. इस पर मिट्टी लगी हो सकती है, इसलिए इसे अच्छी तरह साफ करना जरूरी है. इसके बाद सेंद को पानी में डालकर अच्छी तरह उबाल लें. जब सेंद पूरी तरह नरम हो जाए तो इसे गर्म पानी से निकालकर ठंडा करें और मिक्सी में बारीक पीस लें.
तेल छोड़ने लगे तो इसमें पिसी हुई सेंद डाल दें
अब सब्जी के लिए मसाला तैयार करें. इसके लिए प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और लहसुन लें. प्याज और लहसुन को छीलकर छोटे टुकड़ों में काट लें. इसके बाद सभी चीजों को मिक्सी में डालकर बारीक पीस लें. अब गैस पर कढ़ाई रखें और उसमें सरसों का तेल डालें। तेल गर्म होने पर जीरा और हींग डालकर तड़का लगाएं. इसके बाद तैयार प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और लहसुन का पेस्ट डालें अब इसमें लाल मिर्च पाउडर धनिया पाउडर हल्दी पाउडर गरम मसाला पाउडर डालें इसे धीमी आंच पर करीब 5 मिनट तक अच्छी तरह भूनें. जब मसाला सुनहरा होकर तेल छोड़ने लगे तो इसमें पिसी हुई सेंद डाल दें.
बरसात के मौसम में ही खेतों में आसानी से मिलती
सेंद को मसाले के साथ धीमी आंच पर करीब 5 से 10 मिनट तक पकाएं. जब सब्जी अच्छी तरह पक जाए और तेल छोड़ने लगे तो ऊपर से हरा धनिया डाल दें. इस तरह स्वादिष्ट सेंद की सब्जी तैयार हो जाती है. सेंद की सब्जी को गर्म रोटी या पराठे के साथ खाया जा सकता है. बारिश के मौसम में खेतों से ताजी सेंद तोड़कर बनाई गई यह सब्जी गांवों के देसी स्वाद की याद दिलाती है. आज भी बुजुर्ग खेतों से सेंद तोड़कर घर लाते हैं और परिवार के लिए इसकी स्वादिष्ट सब्जी बनाते हैं. खास बात यह है कि यह सब्जी सालभर नहीं, बल्कि बरसात के मौसम में ही खेतों में आसानी से मिलती है.