शिमला. हिमाचल प्रदेश में शिमला पुलिस ने नशा तस्कर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने आरोपी और उनके सहयोगियों से जुड़ी करीब ₹4.13 करोड़ की 20 चल-अचल संपत्तियां जब्त की हैं. पुलिस के अनुसार, वित्तीय जांच में इन संपत्तियों को नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से जुड़ा पाया गया.
दरअसल, पुलिस थाना सदर ने 14 अगस्त 2024 को एक केस दर्ज किया था और 13 अगस्त 2024 को पुराने बस स्टैंड शिमला स्थित एक होटल से सूरज निवासी लखीसराय, बिहार, हाल दक्षिण दिल्ली और रोहित पांडे निवासी आरा, बिहार, हाल दक्षिण दिल्ली के कब्जे से करीब 6.5 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था. मामले की आगे की जांच में पुलिस ने बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज के आधार पर अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया.
वर्ष 2026 में पुलिस ने इस मामले में वित्तीय जांच शुरू की. जांच के दौरान आरोपियों और उनसे जुड़े व्यक्तियों की आर्थिक स्थिति तथा संपत्तियों की गहन पड़ताल की गई. इस दौरान 9 आरोपियों और 10 सहयोगियों, यानी कुल 19 व्यक्तियों से जुड़ी संपत्तियां चिन्हित की गईं.
पुलिस के मुताबिक, चिन्हित संपत्तियों में दो रेजिडेंशियल लैंड प्लॉट, दो आवासीय भवन, एक अपार्टमेंट, एक होम-स्टे के साथ-साथ थार समेत करीब 15 गाड़ियां शामिल हैं. इन कुल 20 संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब ₹4.13 करोड़ आंका गया है.
वित्तीय जांच के दौरान संबंधित आरोपियों और उनके सहयोगियों की इन संपत्तियों के लिए कोई पर्याप्त ज्ञात और वैध आय का स्रोत सामने नहीं आया. उपलब्ध वित्तीय एवं संपत्ति संबंधी तथ्यों के परीक्षण के आधार पर पुलिस ने इन्हें नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से जुड़ा पाया. इसके बाद संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई की गई.
2026 में 15 मामलों में ₹12.52 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त
शिमला पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक 15 NDPS मामलों में 68 आरोपियों और उनके सहयोगियों से जुड़ी ₹12.52 करोड़ से अधिक मूल्य की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं. इनमें रेजिडेंशियल और कमर्शियल लैंड प्लॉट, आवासीय अपार्टमेंट, कमर्शियल शॉप्स, लग्जरी एवं कमर्शियल वाहन, बैंक डिपॉजिट, नकदी और गोल्ड ऑर्नामेंट्स आदि शामिल हैं.
जांच के दौरान आरोपियों और उनसे जुड़े व्यक्तियों की आर्थिक स्थिति तथा संपत्तियों की गहन पड़ताल की गई.
एएसपी सिटी शिमला महर पंवर ने बताया कि पुलिस का फोकस अब नशे के कारोबार से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कानून के तहत जब्त करने पर है, ताकि नशा तस्करी के आर्थिक नेटवर्क और उसकी वित्तीय रीढ़ को कमजोर किया जा सके. गौरतलब है कि वर्ष 2024 और 2025 में इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई थी. वर्ष 2026 में संपत्तियों की जब्ती के जरिए शिमला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को केवल गिरफ्तारी और नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित न रखते हुए तस्करी से जुड़े आर्थिक संसाधनों तक भी विस्तारित किया है.
सीएम ने की सराहना
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिमला पुलिस की सराहना की है. मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल तस्करों की गिरफ्तारी और मादक पदार्थों को जब्त करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि अवैध ड्रग कारोबार को बढ़ावा देने वाले वित्तीय नेटवर्क को भी खत्म करना आवश्यक है. उन्होंने एनडीपीएस अधिनियम के प्रावधानों के तहत शिमला पुलिस द्वारा की गई वित्तीय जांच और अन्य कार्रवाई की भी सराहना की. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है और ड्रग तस्करों तथा उनके नेटवर्क को खत्म करने के लिए कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है. उन्होंने पुलिस से ड्रग माफिया और अवैध ड्रग कारोबार की आर्थिक नींव को कमजोर करने के लिए इसी तरह की केंद्रित कार्रवाई निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए,.