डेब्यू टेस्ट में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले 5 बल्लेबाज, 123 साल से विश्व कीर्तिमान कायम

डेब्यू टेस्ट में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले 5 बल्लेबाज, 123 साल से विश्व कीर्तिमान कायम


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5 batsman most individual innings score on debut Test: टेस्ट क्रिकेट के 150 के इतिहास में डेब्यू पर सबसे बड़ी पारी खेलना किसी भी बल्लेबाज के लिए अद्भुत उपलब्धि है. वैसे तो दुनिया के सात बल्लेबाजों ने डेब्यू पर दोहरा शतक जड़े हैं लेकिन हम यहां बात करेंगे टॉप 5 बल्लेबाजों के बारे में. आरई. फॉस्टर , लॉरेंस रो, ब्रेंडन कुरुप्पू, मैथ्यू सिंकलेर और जैक रुडॉल्फ शीर्ष पांच में शामिल हैं. सिडनी में फॉस्टर की मैराथन पारी से लेकर रुडॉल्फ के आक्रामक दोहरे शतक तक, इन खिलाड़ियों ने पहले ही मैच में अपने धैर्य और अद्भुत कौशल से क्रिकेट जगत में अमिट छाप छोड़ी.

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टेस्ट में करियर के पहले ही मैच में सबसे बड़ी पारी खेलने वाले 5 बल्लेबाज.

नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू मैच में शतक जमाना ही किसी बल्लेबाज के लिए सपने जैसा होता है, लेकिन जब कोई बल्लेबाज अपने पहले ही मुकाबले में दोहरा शतक जड़ दे, तो उसका नाम इतिहास के सुनहरे पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाता है. टेस्ट क्रिकेट के लंबे और थकाऊ फॉर्मेट में डेब्यू पर दोहरा शतक लगाना महज प्रतिभा का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह उस बल्लेबाज के धैर्य, मानसिक मजबूती और क्रीज पर घंटों टिकने की क्षमता को दर्शाता है. लाल गेंद के इस सबसे कठिन प्रारूप में अब तक सिर्फ सात ऐसे जांबाज बल्लेबाज हुए हैं, जिन्होंने अपने पहले ही टेस्ट मैच में 200 से अधिक रनों की मैराथन पारी खेलकर दुनिया को हैरान कर दिया.

क्रिकेट इतिहास में यह कारनामा करने वाले पहले खिलाड़ी बने थे इंग्लैंड के आर. ई. फॉस्टर (RE Foster). साल 1903 में सिडनी के ऐतिहासिक मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलते हुए फॉस्टर ने अपने पहले ही मैच में 287 रनों की विशाल पारी खेली थी. 419 मिनट तक क्रीज पर खूंटा गाड़कर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की बखिया उधेड़ दी थी. अपनी इस ऐतिहासिक पारी में उन्होंने 37 शानदार चौके लगाए थे. 120 साल से भी ज्यादा का वक्त बीत चुका है, लेकिन आज तक डेब्यू टेस्ट में फॉस्टर से बड़ी पारी दुनिया का कोई भी बल्लेबाज नहीं खेल पाया है.

लॉरेंस रो वेस्टइंडीज की चमक
फॉस्टर के इस अद्भुत रिकॉर्ड के लगभग सात दशक बाद, यानी 1972 में, वेस्टइंडीज के करिश्माई बल्लेबाज लॉरेंस रो (Lowrence Rowe) ने इस क्लब में अपनी धमाकेदार एंट्री मारी. किंग्स्टन के अपने घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलते हुए लॉरेंस रो ने 214 रनों की बेहद आकर्षक पारी खेली. 427 मिनट की अपनी बल्लेबाजी के दौरान उन्होंने 19 चौके और 1 गगनचुंबी छक्का जड़ा. रो की इस पारी में कैरेबियाई अंदाज की नफासत और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन देखने को मिला था, जिसने न्यूजीलैंड के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह पस्त कर दिया था.

ब्रेंडन कुरुप्पू धैर्य की मिसाल
1980 के दशक में जब श्रीलंका की टीम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने कदम जमा रही थी, तब उनके सलामी बल्लेबाज ब्रेंडन कुरुप्पू (DSBP Kuruppu) ने एक ऐसी पारी खेली जो क्रिकेट जगत में मिसाल बन गई. अप्रैल 1987 में कोलंबो के मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ कुरुप्पू ने संयम और धैर्य का ऐसा नजारा पेश किया जिसकी मिसाल कम ही मिलती है. उन्होंने 548 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 201 रन बनाए. 777 मिनट (लगभग 13 घंटे) तक क्रीज पर टिके रहकर कुरुप्पू ने 24 चौके जड़े. 36.67 के स्ट्राइक रेट से खेली गई यह पारी टेस्ट इतिहास की सबसे लंबी और जुझारू डेब्यू पारियों में शुमार है.

मैथ्यू सिंकलेर कीवी बल्लेबाज का धमाका
सदी के बदलने के साथ ही नए दौर के क्रिकेटरों ने भी इस खास सूची में अपना नाम दर्ज कराया. न्यूजीलैंड के मैथ्यू सिंकलेर (MS Sinclair) ने 1999 के बॉक्सिंग डे टेस्ट में वेस्टइंडीज के खिलाफ वेलिंगटन के मैदान पर अपना जलवा दिखाया. सिंकलेर ने 447 गेंदों में 22 चौकों की मदद से 214 रनों की तूफानी पारी खेली. 534 मिनट तक क्रीज पर रहकर 47.87 के स्ट्राइक रेट से बनाए गए उनके ये रन वेस्टइंडीज के खौफनाक गेंदबाजी आक्रमण के सामने आए थे, जिसने इस पारी के महत्व को और ज्यादा बढ़ा दिया.

साउथ अफ्रीका के जैक रुडॉल्फ का जलवा
इस खास क्लब के पांचवें और आखिरी सदस्य बने दक्षिण अफ्रीका के जाक रुडॉल्फ ((JA Rudolph). अप्रैल 2003 में चट्टोग्राम के मैदान पर बांग्लादेश के खिलाफ खेलते हुए रुडॉल्फ ने मैदान के हर कोने में रन बटोरे. उन्होंने 383 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 222 रनों की आक्रामक पारी खेली. 521 मिनट की अपनी इस मैराथन पारी में उन्होंने 29 चौके और 2 छक्के लगाए, और उनका स्ट्राइक रेट 57.96 का रहा.



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