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नथिंग के सीईओ कार्ल पेई ने कहा है कि भारत के पास अपना एक ग्लोबल ब्रांड बनाने की क्षमता तो है, लेकिन यह चमत्कार अब तक हुआ नहीं है. भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़े फोन बनाने वाला देश है, इंडियन लड़के-लड़कियां सिलिकॉन वैली चला रहे हैं और देश में फोन खरीदने वालों की लाइन लगी है. बस कमी वास्तविंग इंजीनियरिंग और आरएंडडी की है. सीएमएफ इसको ही पूरा करेगी.
Nothing के सह-संस्थापक तथा सीईओ (CEO) कार्ल पेई भारत आते ही रहते हैं और अपनी यात्रा की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं. (Photo : getpeid/instagram)
नई दिल्ली. चर्चित टेक ब्रांड नथिंग (Nothing) के फाउंडर और सीईओ कार्ल पेई (Carl Pei) ने एक बड़ा ऐलान किया है. उनके घोषणा ने पूरी टेक इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है.पेई ने कहा है कि वह अपने लोकप्रिय सब-ब्रांड सीएमएफ (CMF) को नथिंग से पूरी तरह अलग कर एक स्वतंत्र, पूर्णकालिक भारतीय कंपनी बनाने जा रहे हैं. सीएमएफ बाय नथिंग एक लोकप्रिय कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांड है. इसे सितंबर 2023 में एक बजट-फ्रेंडली सब-ब्रांड के रूप में लॉन्च किया था. यह ब्रांड किफायती कीमतों पर स्टाइलिश स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच और इयरबड्स जैसे ऑडियो प्रोडक्ट्स डिजाइन करता है.
कार्ल पेई की यह घोषणा कोई सामान्य कॉर्पोरेट रीस्ट्रक्चरिंग या टैक्स बचाने की कवायद नहीं है, बल्कि भारत के दम पर वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार के समीकरणों को हमेशा के लिए बदलने की सोची-समझी रणनीति है. नई बनने वाली कंपनी मैजोरिटी ऑनरशिप भारतीयों के पास होगी. इसका ग्लोबल हेडक्वार्टर भारत में होगा और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि इसकी कोर रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) टीम भी भारतीय इंजीनियरों से सजी होगी. एक्स पर लिखी एक पोस्ट में कार्ल पेई कहा कि भारत इस वक्त ठीक उसी ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा है, जहां कभी जापान, दक्षिण कोरिया और चीन खड़े थे.
Every country that has manufactured consumer electronics at scale eventually produces its own global champions. I wrote down my thoughts on why India Is inevitable: https://t.co/KKcY26wUr6