Interesting Fact: दूध के पैकेट पर नीला, हरा और नारंगी रंग क्यों होता है? जानिए किस रंग का क्या मतलब

Interesting Fact: दूध के पैकेट पर नीला, हरा और नारंगी रंग क्यों होता है? जानिए किस रंग का क्या मतलब


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Milk Packets Colors Fact: अगर आप मार्केट से दूध खरीदते हैं तो इसके रंग-बिरंगे पैकेट्स पर आपका ध्यान जरूर गया होगा. लेकिन क्या कभी आपने सोचा है ये दूध अलग-अलग कलर के पैकेट में क्यों आता है? यदि नहीं तो यहां जानिए दूध पैकेट के रंगों से जुड़ी जरूरी जानकारी जो आपको जरूर पता होना चाहिए.

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बाजार में दूध के पैकेट अलग-अलग रंगों में दिखाई देते हैं. कहीं नीली पट्टी वाला पैकेट मिलता है, तो कहीं हरे, नारंगी या गुलाबी रंग का. आमतौर पर लोग इन रंगों को सिर्फ कंपनी की पैकेजिंग का हिस्सा समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन कई डेयरी कंपनियां इन रंगों का इस्तेमाल दूध की अलग-अलग कैटेगरी को पहचानने के लिए करती हैं.

खासतौर पर इनमें दूध के फैट प्रतिशत का संकेत दिया जाता है इससे ग्राहक बिना पूरी जानकारी पढ़े भी अंदाजा लगा सकता है कि पैकेट में किस तरह का दूध है. हालांकि, यह समझना जरूरी है कि हर कंपनी में रंगों का मतलब बिल्कुल एक जैसा होना जरूरी नहीं है.

नारंगी पैकेट- फुल क्रीम मिल्क
नारंगी रंग का पैकेट आमतौर पर फुल क्रीम दूध के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसमें लगभग 6 प्रतिशत फैट हो सकता है. यह दूध ज्यादा गाढ़ा और मलाईदार होता है. इसका इस्तेमाल घर में खीर, मिठाई, दही या घी जैसी चीजें बनाने में किया जा सकता है. जिन लोगों को दूध का ज्यादा क्रीमी स्वाद पसंद है, वे इसे चुनते हैं.

हरा पैकेट- स्टैंडर्ड मिल्क
हरा रंग कई ब्रांड्स में स्टैंडर्ड या सामान्य फैट वाले दूध के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसमें करीब 4.5 प्रतिशत फैट हो सकता है. यह न तो बहुत भारी होता है और न ही बहुत हल्का. इसलिए चाय, कॉफी और रोजाना पीने के लिए इसे पसंद किया जाता है.

नीला पैकेट- टोन्ड मिल्क
नीले रंग का पैकेट अक्सर टोन्ड मिल्क को दर्शाता है. इसमें लगभग 3 प्रतिशत फैट हो सकता है. यह उन लोगों के लिए विकल्प होता है जो फुल क्रीम दूध की तुलना में कम फैट वाला दूध लेना चाहते हैं, लेकिन दूध का सामान्य स्वाद बनाए रखना चाहते हैं.

गुलाबी या मैजेंटा- डबल टोन्ड मिल्क
कुछ ब्रांड गुलाबी या मैजेंटा रंग का इस्तेमाल डबल टोन्ड मिल्क के लिए करते हैं. इसमें लगभग 1.5 प्रतिशत फैट हो सकता है. ये हल्का दूध होता है और कम फैट वाला विकल्प चुनने वाले लोग इसे पसंद कर सकते हैं.

क्या रंग से पता चलता है दूध की क्वालिटी?
नहीं. पैकेट का रंग अपने आप में दूध की गुणवत्ता या शुद्धता का प्रमाण नहीं है. मुख्य अंतर दूध की कैटेगरी और फैट की मात्रा में हो सकता है. हालांकि अलग-अलग कंपनियां अलग रंगों का इस्तेमाल कर सकती हैं. इसलिए खरीदारी करते समय सिर्फ रंग देखकर फैसला न करें, बल्कि पैकेट पर लिखे फैट प्रतिशत, दूध की कैटेगरी और न्यूट्रिशन लेबल को भी जरूर पढ़ें.



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