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निर्माणाधीन मेट्रो ट्रैक के नीचे से गुजरने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अब गुस्सा फूट पड़ा है. प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की जमकर अनदेखी की जा रही है.
मुंबई और उससे सटे इलाकों में मेट्रो निर्माण स्थलों पर सुरक्षा के दावों की एक बार फिर हवा निकल गई है. महज कुछ ही दिनों के भीतर दो हादसों के बाद मीरा भयंदर के काशिमीरा इलाके में रविवार को तीसरा खौफनाक वाकया सामने आया. निर्माणाधीन मेट्रो लाइन 9 के एलिवेटेड कॉरिडोर से अचानक सीमेंट का भारी स्लैब नीचे गिर पड़ा. यह स्लैब नीचे से पैदल गुजर रहे 23 साल के युवक शादाब के सिर पर सीधे जा लगा. सिर पर भारी चोट लगने से वह लहूलुहान होकर वहीं सड़क पर गिर पड़ा. इस हादसे ने मेट्रो अथॉरिटी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
गाड़ियों की आड़ में एक घंटे तक तड़पता रहा जख्मी युवक
हादसे के बाद जो तस्वीर सामने आई, उसने इंसानियत को भी झकझोर कर रख दिया. स्थानीय लोगों के अनुसार, सिर फटने के बाद शादाब सड़क किनारे गिर पड़ा. वहां खड़ी गाड़ियों की ओट होने की वजह से आते-जाते वाहन चालकों की नजर उस पर नहीं पड़ी. करीब एक घंटे तक वह खून से लथपथ हालत में वहीं तड़पता रहा. जब राहगीरों ने उसे देखा, तो आनन-फानन में ऑटो रिक्शा की मदद से वोकहार्ट अस्पताल पहुंचाया गया.
लगातार हादसों से लोगों में भारी आक्रोश
निर्माणाधीन मेट्रो ट्रैक के नीचे से गुजरने वाले आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अब गुस्सा फूट पड़ा है. प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की जमकर अनदेखी की जा रही है. सुरक्षा नेट या बैरिकेडिंग न होने से आए दिन मलबा नीचे गिरता है. गंभीर रूप से घायल शादाब का अस्पताल में इलाज जारी है. स्थानीय लोगों ने मेट्रो प्रशासन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और मुआवजे की मांग उठाई है.