जयपुर. एक लड़की आठ साल से लड़ती रही… गेट पर कुछ सेकंड के लिए गिड़गिड़ाती रही, लेकिन सिस्टम नहीं पिघला, जयपुर के गांधी नगर स्थित महात्मा गांधी स्कूल नंबर 2 के बाहर आज जो हुआ, वह सिर्फ एक अभ्यर्थी को परीक्षा में प्रवेश नहीं मिलने की कहानी नहीं है. यह उस लड़की की कहानी है, जिसने आठ साल तक अपने सपने के लिए संघर्ष किया. एक ऐसी लड़की की कहानी, जिसने पढ़ाई के साथ जिंदगी की दूसरी जिम्मेदारियां भी निभाई. हाल ही में शादी हुई, लेकिन सरकारी नौकरी का सपना नहीं छोड़ा. वर्ष 2021 में भी एसआई भर्ती परीक्षा देने अजमेर गई थी. इस बार फिर उसी परीक्षा में बैठने की उम्मीद लेकर जयपुर पहुंची थी. आज वह परीक्षा केंद्र तक पहुंची.
2021 में भी दी थी SI भर्ती परीक्षा
गेट के बाहर रोती रही अभ्यर्थी
परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद इस घटनाक्रम में महिला अभ्यर्थी कई बार अंदर जाने की गुहार लगाती दिखाई दी. वह हाथ जोड़कर प्रवेश देने की अपील करती रही. अपनी तैयारी और परीक्षा देने की मजबूरी बताती रही. कुछ देर बाद वह भावुक होकर रोने लगी. उसके लिए यह सिर्फ एक परीक्षा केंद्र तक पहुंचने का मामला नहीं था. वह करीब आठ साल से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही थी. परीक्षा में शामिल होने के लिए उसने जयपुर तक का सफर किया था. ऐसे में प्रवेश नहीं मिलने के बाद उसका भावुक होना वहां मौजूद लोगों के लिए भी चर्चा का विषय बन गया.
नियमों की सख्ती पर उठे सवाल
परीक्षाओं में समय की पाबंदी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त नियम लागू किए जाते हैं. इसका उद्देश्य परीक्षा की प्रक्रिया में समानता बनाए रखना और किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना को रोकना होता है. लेकिन इस घटना के बाद सवाल यह उठ रहा है कि निर्धारित समय की सीमा को लागू करने के दौरान परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों के पहुंचने और प्रवेश की प्रक्रिया कितनी स्पष्ट रखी गई थी. अभ्यर्थी का दावा है कि वह 9 बजे के आसपास केंद्र पर पहुंची थी. ऐसे में प्रवेश समय को लेकर उसके और परीक्षा केंद्र की व्यवस्था के बीच क्या स्थिति रही, यह आधिकारिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट हो सकेगा.
इसी केंद्र की व्यवस्थाओं पर भी सवाल
महिला अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं मिलने के अलावा परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर भी कुछ सवाल सामने आए हैं. इनपुट के मुताबिक महिला अभ्यर्थियों की जांच की प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताई गई और खुले स्थान पर जांच होने की बात कही गई. साथ ही कुछ वाहनों को प्रवेश दिए जाने को लेकर भी सवाल उठे. हालांकि इन व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण सामने आना बाकी है. परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा और जांच के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किस तरह किया गया, इसकी जानकारी आधिकारिक स्तर पर सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी.
पेपर लीक की पुरानी चिंता भी चर्चा में
आठ साल की तैयारी का दिन गेट के बाहर खत्म हुआ
महिला अभ्यर्थी के लिए रविवार की परीक्षा सिर्फ दो घंटे का पेपर नहीं थी. इसके पीछे वर्षों की तैयारी, कई बार की कोशिश और निजी जीवन की जिम्मेदारियों के बीच पढ़ाई जारी रखने की कोशिश थी. वह 2021 में भी परीक्षा दे चुकी थी और इस बार फिर उसी उम्मीद के साथ परीक्षा केंद्र पहुंची थी. लेकिन परीक्षा कक्ष में बैठने के बजाय उसे गेट के बाहर ही रुकना पड़ा. उसकी आंखों में आंसू थे और वह प्रवेश की अपील कर रही थी. अब इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के निर्धारित समय को लेकर वास्तविक स्थिति क्या थी, अभ्यर्थी कितने बजे गेट पर पहुंची और प्रवेश बंद करने की प्रक्रिया किस समय पूरी की गई. इन सवालों का जवाब परीक्षा केंद्र के रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों के स्पष्टीकरण से ही सामने आएगा. फिलहाल जयपुर के इस परीक्षा केंद्र के बाहर की तस्वीर एक अभ्यर्थी की उस परेशानी को सामने लाती है, जिसने लंबे समय तक तैयारी के बाद परीक्षा देने का मौका पाने की उम्मीद की थी, लेकिन परीक्षा कक्ष तक पहुंचने से पहले ही उसका प्रयास रुक गया.