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Pakistan News Hindi: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत की जांच के लिए डॉक्टरों की विशेष टीम अदियाला जेल पहुंची है. शिफा इंटरनेशनल और PIMS के विशेषज्ञ उनकी आंख और दिल की जांच करेंगे. इमरान खान की दाहिनी आंख की रोशनी कम होने को लेकर परिवार और कानूनी टीम चिंता जता चुकी है.
इमरान खान.
Imran Khan Health Update: रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत एक बार फिर चर्चा में है. उनकी मेडिकल स्थिति की जांच के लिए शिफा इंटरनेशनल और पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) के डॉक्टरों की विशेष टीम जेल पहुंची है. जेल सूत्रों के मुताबिक, डॉक्टर उनकी आंख और दिल से जुड़ी जांच करेंगे. जांच के बाद यह तय होगा कि इमरान को आगे इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की जरूरत है या नहीं.
इमरान खान की दाहिनी आंख सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है. उनके परिवार और कानूनी टीम का आरोप है कि उन्हें Central Retinal Vein Occlusion (CRVO) की समस्या हुई है और दाहिनी आंख की करीब 85 फीसदी रोशनी जा चुकी है. परिवार इसे जेल में इलाज में हुई कथित लापरवाही से जोड़ता है. सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है.
आंख के साथ दिल की सेहत भी सवालों में
जेल में लंबे समय से बंद इमरान की सेहत को लेकर कई तरह की चिंताएं सामने आती रही हैं. उनके मेडिकल रिकॉर्ड में तनाव, बेचैनी, दिल की धड़कन बढ़ने और ब्लड प्रेशन में उतार-चढ़ाव जैसी समस्याओं का जिक्र किया गया है. अब जेल में पहुंची एक्सपर्ट्स की टीम की जांच इसलिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसकी रिपोर्ट से आगे के इलाज का रास्ता तय हो सकता है. अगर डॉक्टरों को अस्पताल में इलाज जरूरी लगता है, तो इमरान को जेल से बाहर ले जाने का मुद्दा फिर उठ सकता है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुआ बवाल
इमरान खान के इलाज को लेकर पाकिस्तान में पहले भी बड़ा विवाद हो चुका है. अगस्त 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाने का निर्देश दिया था. कोर्ट का आदेश स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड से उनकी जांच और इलाज से जुड़ा था. लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अधिकारियों ने उन्हें निजी अस्पताल के बजाय रात में PIMS पहुंचाया. वहां मेडिकल बोर्ड ने उनकी जांच की. सरकार की तरफ से बाद में कहा गया कि डॉक्टरों ने उन्हें चिकित्सकीय रूप से फिट पाया और उन्हें वापस अदियाला जेल भेज दिया गया. इमरान की कानूनी टीम ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए और अदालत के आदेश की अनदेखी का आरोप लगाया.
परिवार का संपर्क भी बना मुद्दा
इमरान के बेटे कासिम और सुलेमान भी अपने पिता की स्थिति को लेकर चिंता जता चुके हैं. उनका कहना है कि अदालत से नियमित फोन संपर्क की अनुमति मिलने के बावजूद उन्हें इमरान से बात करने में परेशानी आ रही है. इमरान की सेहत को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आवाजें उठी हैं. कई पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान के नेतृत्व से उन्हें स्वतंत्र और उचित चिकित्सा सुविधा देने की अपील की है. दूसरी ओर, पाकिस्तान सरकार का कहना है कि जेल में इमरान को जरूरी चिकित्सा सुविधाएं मिल रही हैं और उनकी नियमित जांच की जाती है.