Motivational Mantra: जब अजीत डोभाल को लगा सब कुछ गलत हो गया, तब साथी शेरपा ने बताईं ये 3 बातें, बदल सकती हैं आपका भी जीवन

Motivational Mantra: जब अजीत डोभाल को लगा सब कुछ गलत हो गया, तब साथी शेरपा ने बताईं ये 3 बातें, बदल सकती हैं आपका भी जीवन


जिंदगी में कई बार ऐसा दौर आता है जब इंसान को लगता है कि उसने जो रास्ता चुना था, वह शायद गलत था. बहुत उम्मीदों, सपनों और महत्वाकांक्षाओं के साथ शुरू किया गया सफर जब मनमुताबिक आगे नहीं बढ़ता, तो निराशा होना स्वाभाविक है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की जिंदगी में भी एक ऐसा दौर आया था, जब उन्हें अपना करियर गलत दिशा में जाता हुआ नजर आया. लेकिन तभी उनके एक पुराने साथी ने उन्हें जिंदगी को देखने का ऐसा नजरिया दिया, जो उनके मुताबिक बाद में उनकी जिंदगी को बहुत ज्यादा प्रभावित करने वाला बना.

अजीत डोभाल ने अपने पुराने साथी का जिक्र करते हुए बताया कि वह एक पुराना तिब्बती शेरपा था, जो इंटेलिजेंस ब्यूरो में उनके साथ काम करता था. एक समय डोभाल काफी दुखी और परेशान थे. तब उस शेरपा ने उनसे पूछा, “सर, आप इतने दुखी क्यों हैं?” डोभाल ने जवाब दिया कि वह बहुत उम्मीदों और महत्वाकांक्षाओं के साथ इस करियर में आए थे, लेकिन अब उन्हें लग रहा था कि सब कुछ गलत हो गया है.

शेरपा ने कहा- ये सब मैप रीडिंग का चक्कर है
डोभाल के मुताबिक, उनकी बात सुनकर शेरपा ने कहा, “सर, ऐसा कुछ नहीं है. ये सब मैप रीडिंग का चक्कर है. जिंदगी जो है, ये सिर्फ एक सवाल है. कुछ लोग अपना मैप सही पढ़ लेते हैं और कुछ लोग गलत पढ़ लेते हैं.” शेरपा ने अपनी बात समझाने के लिए पहाड़ों में बिताए अपने अनुभव का जिक्र किया. डोभाल ने बताया कि वह शेरपा करीब 45 साल तक बर्फीली चोटियों और पहाड़ी इलाकों में रहा था. वह विदेशी पर्वतारोहण अभियानों के साथ जाने के लिए शेरपा का कवर इस्तेमाल करता था और इसी वजह से उसे अलग-अलग अभियानों में जाने का मौका मिलता था.

डोभाल ने बताया कि शेरपा ने माउंट एवरेस्ट पर आठ बार चढ़ाई की थी. पहाड़ों में उसे हमेशा बेहतर सुविधाएं नहीं मिलती थीं, यहां तक कि कई बार उसे ठीक से ऑक्सीजन सिलेंडर भी नहीं मिलते थे. इसके बावजूद वह लगातार पहाड़ों पर जाता रहा. डोभाल के मुताबिक, शेरपा ने उनसे कहा, “सर, मैंने 45 साल इन पहाड़ी इलाकों में बिताए हैं. मेरे पास न नक्शा है, न कंपास. पर मैं तीन बातें जानता हूं.” तब डोभाल ने भी पूछा कि क्या हैं वो 3 बातें…

जब शेरपा ने जिंदगी को समझने के लिए 3 सबसे जरूरी बातें बताईं. 

1. जानो कि तुम अभी कहां हो
शेरपा की पहली सीख थी कि किसी भी सफर में सबसे पहले यह पता होना चाहिए कि आप इस समय कहां हैं. जिंदगी में भी आगे बढ़ने से पहले अपनी मौजूदा स्थिति को समझना जरूरी है. आपकी परिस्थितियां क्या हैं, आपकी क्षमताएं क्या हैं और आपके सामने कौन सी मुश्किलें हैं, इसका सही अंदाजा होना चाहिए. अगर आपको अपनी शुरुआत की जगह ही पता नहीं होगी, तो आगे का रास्ता तय करना मुश्किल हो जाएगा.

2. जानो कि तुम जाना कहां चाहते हो
दूसरी बात थी कि आपको यह पता होना चाहिए कि आप जाना कहां चाहते हैं. यानी आपकी मंजिल क्या है, आपका लक्ष्य क्या है और आप आखिर हासिल क्या करना चाहते हैं. पहाड़ पर चढ़ने वाला व्यक्ति अगर यह नहीं जानता कि उसे किस चोटी तक पहुंचना है, तो वह रास्ता तय नहीं कर सकता. ठीक इसी तरह जिंदगी में भी मंजिल साफ होना जरूरी है.

3. जानो कि वहां पहुंचने का रास्ता क्या है
तीसरी बात है कि आपको यह पता होना चाहिए कि वहां पहुंचने का रास्ता क्या है. मंजिल तय कर लेना ही काफी नहीं है. यह समझना भी जरूरी है कि वहां तक पहुंचने के लिए कौन सा रास्ता आपके लिए सही है. अपनी क्षमताओं, परिस्थितियों और उपलब्ध साधनों को समझकर आगे की योजना बनाना जरूरी है.

डोभाल बोले- इन बातों ने मेरी जिंदगी को बहुत प्रभावित किया
अजीत डोभाल ने कहा कि वह इन तीन बातों को इसलिए साझा कर रहे हैं क्योंकि इस सीख ने उनकी जिंदगी को बहुत ज्यादा प्रभावित किया. इस पूरे किस्से की सबसे बड़ी सीख यही है कि जिंदगी में किसी मोड़ पर अगर लगे कि सब कुछ गलत हो गया है, तो तुरंत खुद को असफल मान लेने की जरूरत नहीं है. हो सकता है कि समस्या आपकी मंजिल में नहीं, बल्कि उस रास्ते को पढ़ने में हो.

इसलिए मुश्किल समय में खुद से तीन सवाल पूछिए- मैं अभी कहां हूं? मुझे जाना कहां है? और वहां पहुंचने का रास्ता क्या है? अगर इन तीनों सवालों के जवाब साफ हैं, तो रास्ते में कितनी भी मुश्किलें क्यों न आएं, आगे बढ़ने की दिशा तय की जा सकती है. यही वह सीख है, जिसे अजीत डोभाल ने अपने पुराने शेरपा साथी से सीखा और जिसे उन्होंने अपनी जिंदगी पर गहरा असर डालने वाली बात बताया.



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