Iran-US War Update: होर्मुज के बाद दूसरा चोकप्वाइंट भी होगा बंद? अमेरिकी शिकारी के जवाब में ईरान की धमकी खून से रंगेगा लाल सागर?

Iran-US War Update: होर्मुज के बाद दूसरा चोकप्वाइंट भी होगा बंद? अमेरिकी शिकारी के जवाब में ईरान की धमकी खून से रंगेगा लाल सागर?


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Iran Warns to Choke Baab-el-Mandeb: ईरान-अमेरिका का तनाव तो बढ़ा ही था, एक और मोर्चा खाड़ी में यमन में खुला हुआ है. सऊदी अरब और हूतियों के बीच बवाल चल रहा है और वो लगातार दूसरे देशों से मदद की मांग कर रहा है. इन सबके बीच जैसे ही यूएस का बॉम्बर प्लेन ब्रिटेन से उड़ा, ईरान ने वही धमकी देनी शुरू कर दी, जो उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर दी थी.

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होर्मुज के बाद बाब-अल-मंदेब भी होगा बंद?

Baab-El-Mandeb Chockpoint Threat: मिडिल ईस्ट के हालात एक बार फ‍िर ब‍िगड़ते नजर आ रहे हैं. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के एक सैन्य अधिकारी व लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोल्फागारी ने कहा क‍ि ट्रंप अमेरिकियों की बलि चढ़ाने वाले हैं. जोल्फागारी ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट किया- ‘अगर ट्रंप यमन पर हमला करते हैं तो अमेरिकियों की जान खतरे में डालने वाले हैं. यमन पर हमला करते ही बाब अल-मंदेब का रास्ता अमेरिका के लिए बंद हो जाएगा. पश्चिम में गरीबी आ जाएगी.’ ईरान की ये धमकी इतनी भी हल्की नहीं है.

बाब अल-मंदेब लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाली एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री जलडमरूमध्य है. दुनिया के बड़े हिस्से का तेल, गैस और व्यापारिक सामान इसी मार्ग से होकर गुजरता है. मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी दूतावासों ने सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं. इन घटनाओं की वजह से इलाके में तनाव और ज्यादा बढ़ने की आशंका को लेकर चिंता तेज हो गई है. इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग के मुताब‍िक मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अमेर‍िकी दूतावासों ने नागर‍िकों की सुरक्षा के ल‍िए अलर्ट जारी क‍िए है.

मध्य-पूर्व में तनावपूर्ण हालात, ईरान में CODE-100

लेबनान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, कतर, इराक, इजरायल, ओमान, सऊदी अरब और तुर्की में मौजूद अमेरिकी दूतावासों ने वहां रहने वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा से जुड़े जरूरी अलर्ट जारी किए हैं. ईरान ने संभावित खतरे के मद्देनजर अधिकतम अलर्ट जारी कर दिया है. ईरान ने आईआरजीसी, सेना और सुरक्षाबलों के लिए अपना सबसे ऊंचा अलर्ट लेवल ‘कोड 100’ जारी किया है. मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सुरक्षा हालात को देखते हुए इराक में अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने एडवाइजरी जारी है. लोगों से कहा गया है क‍ि जो अमेरिकी अभी मिडिल ईस्ट में हैं, उन्हें ज्‍यादा सतर्क रहना चाहिए और फ्लाइट रद्द होने, एयरस्पेस बंद होने और यात्रा में रुकावट आने जैसी संभावनाओं का ध्यान रखना चाहिए.

अमेरिका का बॉमर अलर्ट पर 

जब सऊदी की राजधानी रियाद तक हूतियों के हमले बढ़े हैं, तबसे अमेरिका भी अलर्ट पर आ गया है. ब्रिटिश एयरपोर्ट से उसके बॉमर बी-1बी लांसर के उड़ने की खबरें भी इलाके में तनाव को और बढ़ा रही हैं. उधर तुर्की भी सऊदी की मदद के लिए आगे आता दिख रहा है. ऐसे में मामला और भी ज्यादा गंभीर होता दिख रहा है. इन हालात में ईरान ने अपना ट्रंप कार्ड बाब-अल-मंदेब के तौर पर छोड़ा है, जैसा उसने होर्मुज के वक्त किया था. अमेरिकी दूतावास ने कहा क‍ि ईरान समर्थित हूती समूह ने सऊदी अरब के खिलाफ हमलों में हिस्सा लिया है, जिनमें नागरिक हवाई अड्डों को भी निशाना बनाया गया है. यह सैन्य संघर्ष बहुत तेजी से बढ़ सकता है. इस क्षेत्र में आने या यहां से बाहर जाने वाले अमेरिकी नागरिकों को हवाई अड्डों और एयरलाइंस के संचालन से जुड़ी जानकारी पर लगातार नजर रखनी चाहिए.अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिनमें मध्य पूर्व के बाहर मौजूद ठिकाने भी शामिल हैं. ईरान और उसका समर्थन करने वाले समूह विदेशों में अमेरिका से जुड़े दूसरे हितों या दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अमेरिका और अमेरिकी नागरिकों से जुड़ी जगहों को भी निशाना बना सकते हैं. इनमें अमेरिकी कंपनियां और दूसरी संस्थाएं भी शामिल हैं.



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