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Doomsday Prediction and AI: इस वक्त पूरी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंसानों के भविष्य को लेकर बात हो रही है. इसी बीच एक 66 साल पुरानी भविष्यवाणी भी चर्चा में आ गई है. ये किसी भविष्यवक्ता नहीं बल्कि वैज्ञानिक की कही हुई बात है, जिसके मुताबिक दुनिया के अंत में बस कुछ ही हफ्ते बचे हैं.
2026 के लिए सबसे खतरनाक भविष्यवाणी. (AI Photo)
Doomsday Prediction and AI: दुनिया में महंगाई, बेरोजगारी और तेजी से बदलती तकनीक के बीच एक पुरानी वैज्ञानिक भविष्यवाणी ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. करीब 66 साल पहले की गई इस भविष्यवाणी में दावा किया गया था कि 13 नवंबर, 2026 तक इंसानी सभ्यता एक बेहद गंभीर संकट की स्थिति में पहुंच सकती है. यह भविष्यवाणी साल 1960 में अमेरिकी वैज्ञानिक पत्रिका साइंस में प्रकाशित एक शोध में की गई थी. इसे यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय के तीन शोधकर्ताओं- हेंज वॉन फोर्स्टर, पेट्रीशिया एम मोरा और लॉरेंस डब्ल्यू अमियोट ने तैयार किया था.
1798 में अर्थशास्त्री थॉमस माल्थस ने भी चेतावनी दी थी कि एक समय मानव आबादी इतनी बढ़ जाएगी कि भोजन की कमी से बड़ी तबाही हो सकती है, लेकिन आज तक ऐसी स्थिति उस रूप में सामने नहीं आई. इसलिए 13 नवंबर, 2026 की तारीख को दुनिया के अंत की निश्चित भविष्यवाणी मानने के बजाय इसे बढ़ती आबादी और पृथ्वी के सीमित संसाधनों को लेकर दी गई एक पुरानी वैज्ञानिक चेतावनी के रूप में देखना अधिक उचित है.
2026 को लेकर क्या है भविष्यवाणी?
जब यह शोध प्रकाशित हुआ था, तब दुनिया की आबादी करीब 3 अरब थी. आज यह संख्या बढ़कर लगभग 8.3 अरब हो चुकी है. हालांकि मौजूदा अनुमानों के मुताबिक दुनिया की आबादी 2080 के दशक में लगभग 10.3 अरब के आसपास पहुंच सकती है और उसके बाद इसमें गिरावट शुरू होने की संभावना है. यही वजह है कि 1960 की इस भविष्यवाणी को आज फिर चर्चा में लाया जा रहा है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि वैज्ञानिकों ने सचमुच 2026 में दुनिया के खत्म होने की निश्चित तारीख बता दी थी. वैज्ञानिकों ने उस समय दुनिया की बढ़ती आबादी और उसके तेजी से बढ़ने की रफ्तार का अध्ययन किया था. उनका मानना था कि अगर आबादी इसी गति से बढ़ती रही तो एक समय ऐसा आएगा जब पृथ्वी के संसाधन इंसानों की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं रहेंगे.
AI को लेकर भी की थी चेतावनी
इस कहानी को और दिलचस्प बनाता है वैज्ञानिक हेंज वॉन फोर्स्टर का नाम. उन्होंने दशकों पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर भी एक महत्वपूर्ण चेतावनी दी थी. 1995 में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने समझाया था कि किसी मशीन के इंसानों जैसा काम करने का मतलब यह नहीं है कि वह इंसानों की तरह सोचती भी है. उन्होंने उदाहरण दिया था कि अगर कोई रोबोट ब्लॉक्स को एक जगह से दूसरी जगह व्यवस्थित कर दे, तो इसे इंसानी बुद्धिमत्ता मान लेना गलत हो सकता है. आज जब लोग AI चैटबॉट्स से बातचीत कर रहे हैं और कुछ लोग उनके साथ भावनात्मक रिश्ते तक बना रहे हैं, तो वॉन फोर्स्टर की पुरानी चेतावनी एक बार फिर चर्चा में आ गई है.