1 कट्ठा जमीन पर G+1 मकान का बजट कितना? फ्रेम स्ट्रक्चर में खर्च का पूरा हिसाब इंजीनियर से समझिए

1 कट्ठा जमीन पर G+1 मकान का बजट कितना? फ्रेम स्ट्रक्चर में खर्च का पूरा हिसाब इंजीनियर से समझिए


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G+1 House Construction Cost Tips: एक कट्ठा जमीन पर अपना घर बनाना बहुत से परिवारों का सपना होता है. लेकिन घर बनाने से पहले सबसे जरूरी सवाल होता है कि कितना बजट रखना चाहिए, कितने क्षेत्र में निर्माण करना चाहिए और इंजीनियर की मदद कैसे लेनी चाहिए. जानिए सब कुछ.

गयाजी: एक कट्ठा जमीन पर अपना घर बनाना बहुत से परिवारों का सपना होता है. लेकिन घर बनाने से पहले सबसे जरूरी सवाल होता है कि कितना बजट रखना चाहिए, कितने क्षेत्र में निर्माण करना चाहिए और इंजीनियर की मदद कैसे लेनी चाहिए. खासकर बिहार में अलग-अलग जिलों में एक कट्ठा का वास्तविक क्षेत्रफल अलग हो सकता है. बिहार में आम तौर पर एक कट्ठा का क्षेत्रफल लगभग 1,361 वर्गफुट माना जाता है.

1 कट्ठा जमीन पर G+1 मकान में कितना खर्च?
गया जिले में अगर 1 कट्ठा जमीन लगभग 1,361 वर्गफीट जमीन पर G+1 यानी ग्राउंड फ्लोर+ एक तल्ला का मकान बनाना चाहते हैं, तो कुल बजट घर के आकार, निर्माण सामग्री और फिनिशिंग की गुणवत्ता पर निर्भर करेगा. गया शहर में पिछले 17 सालों से स्ट्रक्चर इंजीनियर के रूप में काम कर रहे हैं. वसीम रजा के अनुसार 1 कट्ठा जमीन पर जी+1 घर बनाने में फिनिशिंग वर्क होने के बाद लगभग 27-28 लाख रुपये खर्च करने होंगे.

इनके अनुसार फाउंडेशन बनाने में लगभग 5 लाख रुपए खर्च आएंगे. फाउंडेशन से प्लिंथ बिम्ब तक में 5 से 6 लाख, बिम्ब से छत के ढलाई जिसमें ईंट जूडाई, प्लास्टर में लगभग 7-8 लाख रुपये खर्च होंगे. पहला तल्ला में लगभग 6-7 लाख रुपये और फिनिशिंग वर्क में 5-7 लाख रुपये खर्च आएंगे. इस तरह एक कट्ठे के जमीन में फ्रेम स्ट्रक्चर में जी प्लस वन घर बनाने में लगभग 28 लाख रुपए तक खर्च आएंगे.

मिट्टी की जांच भी काफी उपयोगी
इन्होंने बताया घर बनाने में इंजीनियर पर खर्च बचाने की कोशिश बाद में महंगी पड़ सकती है. इंजीनियर आपके प्लॉट और जरूरत के अनुसार स्ट्रक्चरल डिजाइन और निर्माण संबंधी सलाह दे सकता है. विशेष रूप से यदि आप भविष्य में दो या तीन मंजिल बनाना चाहते हैं तो नींव और कॉलम उसी हिसाब से डिजाइन करना महत्वपूर्ण है. अगर जमीन नई है या वहां पहले घर नहीं बना है तो मिट्टी जांच कराना उपयोगी हो सकता है.

नियमों की जांच करके ही निर्माण शुरू करें
मिट्टी कमजोर होने पर सामान्य फाउंडेशन पर्याप्त नहीं हो सकता. ऐसी स्थिति में इंजीनियर जमीन की स्थिति के अनुसार फाउंडेशन का डिजाइन तय करेगा. अगर भविष्य में दूसरी, तीसरी मंजिल बनानी है तो पहली ईंट रखने से पहले ही इंजीनियर से पूरा स्ट्रक्चरल डिजाइन बनवाएं. जमीन की सही माप, मिट्टी की स्थिति, फाउंडेशन, प्लिंथ की ऊंचाई, जल निकासी और स्थानीय भवन नियमों की जांच करके ही निर्माण शुरू करें.



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